दल्ली राजहरा रविवार 11 अक्टूबर 2026 भोजराम साहू 9893 765541 बालोद जिले के लिए गौरव का क्षण है। भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय एवं राष्ट्रीय नव प्रवर्तन संस्थान (NIF), नई दिल्ली द्वारा आयोजित इंस्पायर अवार्ड मानक योजना के तहत जिले के तीन विद्यार्थियों का चयन राष्ट्रीय स्तर की प्रदर्शनी के लिए हुआ है। ये तीनों विद्यार्थी 10 अक्टूबर को दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं और 12 से 14 अक्टूबर तक भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित होने वाली 12वीं NLEPC राष्ट्रीय विज्ञान प्रदर्शनी में अपने मॉडल का प्रदर्शन करेंगे।जिला नोडल अधिकारी अमरदीप गुप्ता ने बताया कि इस योजना में पूरे देश से 10 लाख आइडिया पंजीकृत होते हैं, जिसमें से 1 लाख का चयन कर 10,000 रुपये की राशि प्रोटोटाइप मॉडल बनाने के लिए सीधे खाते में भेजी जाती है। राष्ट्रीय स्तर पर चयन होने पर 25,000 रुपये तक की अतिरिक्त राशि मेंटरशिप के बाद दी जाती है। अंतिम 60 विद्यार्थियों का चयन राष्ट्रपति भवन में प्रदर्शन और जापान में साकुरा प्रोग्राम के लिए होता है। बालोद जिले से सत्र 2023-24 और 2024-25 के लिए जिला एवं राज्य स्तरीय प्रदर्शनी ऑनलाइन आयोजित की गई थी, जिसमें तीन प्रतिभागियों का राष्ट्रीय स्तर के लिए चयन हुआ। इन तीनों के लिए दो दिवसीय मेंटरशिप कार्यक्रम 02 एवं 03 सितंबर 2026 को NIT रायपुर में आयोजित किया गया था। राष्ट्रीय स्तर पर चयनित तीनों प्रतिभागी और उनके मॉडल कैसे काम करते हैं :-1. कु. संध्या – कक्षा 8वीं – मॉडल – हैंड ट्रिमर मॉनिटर यह मॉडल पार्किंसन बीमारी से ग्रसित मरीजों के शरीर में होने वाले कंपन को मापने के लिए बनाया गया है। इसमें सेंसर लगा है जो हाथ के कंपन की फ्रीक्वेंसी को पकड़ कर ग्राफ बनाता है। इससे डॉक्टर को पता चलता है कि बीमारी किस स्टेज पर है और दवा का असर हो रहा है या नहीं। मार्गदर्शक – श्रीमती उमा देवी गोरे।2. कु. किरण साहू – कक्षा 10वीं, शा.उ.मा.वि. फागुनदाह – मॉडल – एलपीजी सिलेंडर के लिए हैंडल युक्त ट्रॉलीग्रामीण क्षेत्रों में बाइक से सिलेंडर लाने में होने वाली परेशानी को देखते हुए यह ट्रॉली बनाई गई है। इसमें नीचे पहिये और सिलेंडर को कसने के लिए मजबूत हैंडल-बेल्ट लगा है। इसे बाइक के पीछे बांधा जा सकता है, जिससे सिलेंडर गिरेगा नहीं और एक व्यक्ति भी आसानी से बिना संतुलन बिगड़े सिलेंडर ला-ले जा सकता है। मार्गदर्शक – हीरालाल ध्रुव।3. रामशरण – कक्षा 7वीं, शासकीय मिडिल स्कूल बिजोरा – मॉडल – चलित सीढ़ीआमतौर पर भारी सीढ़ी को बार-बार उठा कर रखना पड़ता है। इस छात्र ने ऐसी सीढ़ी बनाई है जिसमें नीचे पहिये और लॉक सिस्टम लगा है। इसे धकेल कर कहीं भी ले जाया जा सकता है और लॉक करने पर यह हिलती नहीं है। इसमें फोल्डिंग सिस्टम भी है। यह मजदूरों, इलेक्ट्रीशियन और घरेलू उपयोग के लिए बेहद उपयोगी है। मार्गदर्शक – दिलेश्वर पटेल। बता दें कि 11 अक्टूबर को SCERT शंकर नगर रायपुर में सम्मान समारोह आयोजित किया गया था, जिसमें छत्तीसगढ़ से जापान जाने वाले 05 बाल वैज्ञानिकों को सम्मानित किया गया और इस वर्ष दिल्ली जाने वाले 40 विद्यार्थियों में बालोद के ये तीन विद्यार्थी भी शामिल हैं। समारोह में मुख्य अतिथि स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव, सचिव डॉ .कमलप्रीत सिंह, संचालक ऋतुराज रघुवंशी सहित सभी वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।जिले की कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, जिला शिक्षा अधिकारी दीपक दुबे, जिला नोडल अधिकारी ए.डी. गुप्ता सहित इंस्पायर अवार्ड मानक टीम बालोद के सभी सदस्यों ने तीनों विद्यार्थियों की सफलता पर हर्ष व्यक्त करते हुए उनके उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं।Spread the lovePost navigationबालोद पुलिस को मिली बड़ी सफलता, 737 नशीली कैप्सूल के साथ तीन आरोपी गिरफ्तार । दल्ली राजहरा के नन्हे सितारों ने रचा इतिहास, स्केटिंग में राज्य स्तर पर जीते 2 स्वर्ण सहित 7 पदक..!