दल्ली राजहरा सोमवार 26  अक्टूबर 2026 भोजराम साहू 9893 765541

 

दानदाताओं व वाचनकर्ताओं का हुआ सम्मान

 

सम्यक बौद्ध महासभा की महिला मंडल के तत्वावधान में वर्षावास समापन व सम्मान समारोह कार्यक्रम 25 अक्टूबर की संध्या डॉ. अंबेडकर मेमोरियल भवन में आयोजित किया गया।सम्यक बौद्ध महिला मंडल द्वारा आषाढ़ पूर्णिमा से लेकर आश्विन पूर्णिमा तक चले तीन माह के वर्षावास के दौरान प्रतिदिन संध्या बुद्ध एवं उनका धम्म ग्रन्थ का वाचन, धम्म दोहे एवं मंगलमैत्री की गई।

वर्षावास समापन के पूर्व विश्व शांति के अग्रदूत तथागत गौतम बुद्ध एवं भारत रत्न, संविधान निर्माता डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर के छायाचित्र के समक्ष पुष्प अर्पित कर दीप प्रज्वलित किया गया। उपस्थित बौद्ध उपासक एवं उपासिकाओं द्वारा सामूहिक संपूर्ण वंदना की गई। धम्माचारी बीएल बौद्ध द्वारा धम्मदेसना दी गई।

 

तीन माह तक चले वर्षावास में किया गया सम्मान
तीन माह तक चले वर्षावास में दानदाताओं, पुस्तक वाचनकर्ता, विशेष सहयोग एवं वरिष्ठ जनों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मान किया गया।

 

वक्ताओं ने बताया वर्षावास का महत्व
इस अवसर पर सम्यक बौद्ध महासभा के पूर्व अध्यक्ष अशोक बाम्बेश्वर ने अपने उद्बोधन में कहा कि भगवान बुद्ध के समय भिक्षु धम्म प्रचार के लिए एक स्थान से दूसरे स्थान तक पैदल यात्रा करते थे। वर्षा ऋतु में रास्तों पर कीचड़ और पानी भरने तथा छोटे-छोटे जीव-जंतुओं को नुकसान पहुंचने की आशंका के कारण भिक्षु एक निश्चित स्थान पर निवास कर धम्म का अध्ययन और साधना करते थे। इसी परंपरा को वर्षावास कहा जाता है। इस अवधि में बुद्ध के उपदेशों का अध्ययन कर प्रज्ञा, करुणा, मैत्री और समता जैसे मूल्यों को जीवन में उतारने का प्रयास किया जाता है।

इसी कड़ी में संस्था प्रमुख दिलीप सुखदेवे ने दान पारमिता की महत्ता पर प्रकाश डाला। भारतीय बौद्ध महासभा प्रदेश अध्यक्ष हेमन्त कांडे तथा प्रदेश सचिव सुरेंद्र मेश्राम, पूर्व अध्यक्ष कृष्णा मूर्ति रामटेके ने भी वर्षावास के महत्व की बात कही। कार्यक्रम का संचालन सम्यक बौद्ध महिला मंडल अध्यक्ष चन्द्ररेखा नांदेश्वर एवं आभार महासचिव अनिल रामटेके ने व्यक्त किया।

इस अवसर पर बालोद जिला भारतीय बौद्ध महासभा महिला अध्यक्ष नीता कमल रामटेके, कृष्णा गजभिये, चन्द्र शीला बाम्बेश्वर, ज्योत्सना मेश्राम, शारदा बाम्बेश्वर, रितु बाम्बेश्वर, विद्या सहारे, रंजना खोब्रागडे, निर्मला भगत, हिमलता सुखदेवे, सोनम बंसोड़े, भूमिका पाटिल, यशोदा रामटेके, सचिव नितेश बाम्बेश्वर, गोवर्धन रंगारी, अनूप खोब्रागडे, संतोष मेश्राम, गौतम रामटेके, भीमराव मेश्राम, अविनाश शेंडे, देवेश मेश्राम, सत्यनारायण रामटेके, दिलीप रंगारी सहित बड़ी संख्या में बौद्ध उपासक उपासिकाएं शामिल हुई।
Spread the love
Bhojram Sahu

By Bhojram Sahu

प्रधान संपादक "हमारा दल्ली राजहरा: एक निष्पक्ष समाचार चैनल"

You missed

error: Content is protected !!