दल्ली राजहरा रविवार 01 नवंबर 2026 भोजराम साहू 9893 765541 अर्नब चक्रवात के प्रभाव से क्षेत्र में किसानों की फसलों को हुए नुकसान और उनकी आर्थिक स्थिति पर पड़े गंभीर असर को लेकर छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा एवं जिला किसान संघ बालोद के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को डौण्डीलोहारा स्थित दंतेश्वरी प्रांगण में किसानों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में बड़ी संख्या में किसानों ने हिस्सा लेकर फसल क्षति का मुद्दा उठाया और प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग की।बैठक में किसानों ने कहा कि खेती-किसानी पहले से ही बढ़ती लागत, महंगे खाद-बीज, कृषि संसाधनों की कमी और मौसम की अनिश्चितता जैसी चुनौतियों से जूझ रही है। ऐसे में अर्णव चक्रवात के कारण फसलों को हुए नुकसान ने किसानों की आर्थिक कमर तोड़ दी है। किसानों के सामने अब अगली फसल की तैयारी, परिवार के भरण-पोषण और कृषि ऋण चुकाने जैसी गंभीर चुनौतियां खड़ी हो गई हैं।बैठक में जिला किसान संघ के अध्यक्ष गैंद सिंह ठाकुर ने कहा कि प्राकृतिक आपदा का सबसे ज्यादा खामियाजा मेहनतकश किसानों को भुगतना पड़ता है। फसल बर्बाद होने के बाद किसान सरकारी सहायता और मुआवजे की उम्मीद में प्रशासनिक कार्यालयों के चक्कर लगाने को मजबूर होते हैं। ऐसी स्थिति में शासन-प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह कागजी प्रक्रियाओं में किसानों को उलझाने के बजाय संवेदनशीलता के साथ तत्काल राहत पहुंचाए।छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक जनक लाल ठाकुर ने शासन-प्रशासन से मांग की कि बेमौसम बारिश एवं चक्रवात से फसलों को हुए नुकसान का जल्द से जल्द निरीक्षण कराकर प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा एवं राहत प्रदान की जाए। साथ ही उन्होंने किसानों, ग्रामीणों एवं सरपंचों से अपील की कि तैयार हो चुकी फसलों की शीघ्र कटाई कर खेतों में मौजूद नमी का लाभ उठाते हुए दलहन, तिलहन एवं गेहूं जैसी वैकल्पिक फसलों की बुआई का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि दूसरी फसल लेने से पहली फसल में हुए नुकसान की कुछ हद तक भरपाई संभव हो सकती है। बैठक में मांग उठाई गई कि प्रभावित गांवों में तत्काल फसल क्षति का निष्पक्ष सर्वे कराया जाए, वास्तविक नुकसान के आधार पर किसानों को उचित क्षतिपूर्ति दी जाए तथा मुआवजा वितरण की प्रक्रिया सरल और पारदर्शी बनाई जाए। साथ ही प्रभावित किसानों को राहत राशि जल्द उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे आर्थिक संकट से उबर सकें।इस बैठक में क्षेत्र के किसान के साथ किसान प्रतिनिधि शामिल हुए जिसमें जनक लाल ठाकुर , गैंद सिंह ठाकुर,पुहुप साहू, हीर सिंह,मनराखन ,चंदूराम , मुरारी लाल प्रजापति, भूषण , समारु,जीवन लाल राणा,मगलूराम, रामजी सगनूराम, चमरूराम, किसुन , भगोलीराम , बिसाल ,रूपसिंह , बिसनाथ, देहकरन, लीलाधर ढाले, पुहुप मंडावी, इस कार्यक्रम में शामिल हुए।Spread the lovePost navigationतहसील साहू संघ दल्ली राजहरा की कार्यशाला एवं आम सभा संपन्न, एकता – शिक्षा – राजनीति पर मंथन । “सेवानिवृत्ति समापन नहीं, नई पारी की शुरुआत है ।” – मयाराम ठाकुर, राजहरा में 6 कर्मचारियों के सेवानिवृत्त होने पर किया गया सम्मानित ।