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रुक्मणी विश्वकर्मा का सपना हुआ साकार ! “हमर सुघ्घर पंडर दल्ली सेवा समिति के सहयोग से मिला स्वयं का आशियाना l

दल्ली राजहरा
बुधवार 26 फरवरी 2025
भोज राम साहू 9893765541

➡️सेवा समिति के द्वारा दूसरी बार मकान बनाकर दिया गया है l
➡️ सेवा समिति अब तक 400 बच्चों को स्कूल जूता मौजा कॉपी पेन बांट चुके हैं l
➡️सेवा समिति अब तक 200 बच्चों को स्कूल बैग दे चुके हैं l
➡️ सेवा समिति कॉलेज पढ़ने वाली एक छात्रा को भी सहयोग राशि दे चुके हैं l
➡️तीन मरीजों को इलाज के लिए सहायता राशि भी उपलब्ध कराए हैं l
➡️सेवा समिति के द्वारा सप्तगिरि पार्क उद्यान और प्रसिद्ध राजहरा बाबा तालाब में में सफाई अभियान चलाया गया j
➡️सेवा समिति के द्वारा अब तक 300 से भी अधिक कंबल स्वेटर टोपी व 100भोजन की थाली एवं गिलास जरूरतमंद को दे चुके हैंl
➡️ वृक्षारोपण को बढ़ावा देने वृक्षारोपण किया गया है l
➡️ सेवा समिति का आय का साधन राजहरा के विभिन्न वर्ग के दानदाता है l

हमर सुघ्घर पंडर दल्ली सेवा समिति दल्ली राजहरा ने वार्ड नंबर 20 गांधी चौक के पास में रहने वाले रुक्मिणी बाई के सपना को सच कर दिखाया l जिसका उन्होंने कल्पना भी नहीं की होगी l सेवा समिति के सदस्यों ने उन्हें दो कमरे का घर बनाकर दिया है l
दल्ली राजहरा के अधिकतर हिस्सा बीएसपी और रेलवे की है l जिसके कारण यहां पर रहने वाले लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ सभी जगह नहीं मिल पाता है l जिस क्षेत्र में लाभ नहीं मिल पाता इसी क्षेत्र में रुक्मिणी बाई का एक कच्चा खपरैल का घर था l पति की कुछ दिन कुछ वर्ष पहले मृत्यु हो चुकी है l घर में मात्र उनके 10 वर्ष के बेटे और वह है l रुक्मणी जिसकोपार्जन के लिए लोगों को घर में चौका बर्तन का काम करती है l बेटे को एक सामाजिक संस्था के द्वारा निशुल्क स्कूल की शिक्षा दी जा रही है l मकान टूटने पर सरकारी सहयोग मात्र ₹4000 की राशि स्वीकृत हुई l हार कर उन्होंने किराए के घर में रहना चालू किया l रुक्मणी बाई ने बताया कि जब उन्हें हमर सुघ्घर पंडर सेवा समिति दल्ली राजहरा के बारे में जानकारी मिली की समिति के द्वारा पूर्व में भी किसी महिला का घर बना कर दे चुके हैं और हमेशा सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को आगे बढ़ाने के लिए जूता मौजा बैग आदि का वितरण करते आ रहे हैं एवं निर्धन लोगों को आर्थिक सहायता भी जन सहयोग से दे चुके हैं l तब उन्होंने सेवा समिति से संपर्क किया l समिति के सदस्यों ने उनकी बात की वास्तविकता जानने उनके घर गए एवं आसपास के लोगों से जानकारी लेने पर उनकी स्थिति को देखकर उन्होंने दल्ली राजहरा के विभिन्न वर्गों को सहयोग मांगा उनके सहयोग उपरांत दो माह के अथक प्रयास के बाद रुक्मणी विश्वकर्मा का घर बनाकर तैयार हुआ l जिन्हें भगवान सत्यनारायण की कथा एवं पूजा करने के बाद विधिवत वार्ड नंबर 20 के मोहल्ले वासियों के समक्ष उन्हें सौपा गया l
इस घर को समिति के द्वारा 10 गुना 12 का एक कमरा एवं 10 गुना 6 का किचन बना कर दिया है साथ ही घर में विद्युत कनेक्शन किया गया है और पंखा भी लगाया गया है l लगभग सवा लाख रुपए की लागत से रुक्मणी विश्वकर्मा का घर तैयार हुआ है जिसके लिए पूरे दल्ली राजहरा के हर वर्ग के लोगों ने सेवा समिति को सहयोग दिया है l

दल्ली राजहरा के अधिकतर हिस्सा बीएसपी और रेलवे की है l जिसके कारण यहां पर रहने वाले लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ सभी जगह नहीं मिल पाता है l जिस क्षेत्र में लाभ नहीं मिल पाता इसी क्षेत्र में रुक्मिणी बाई का एक कच्चा खपरैल का घर था l पति की कुछ दिन कुछ वर्ष पहले मृत्यु हो चुकी है l घर में मात्र उनके 10 वर्ष के बेटे और वह है l रुक्मणी जिसकोपार्जन के लिए लोगों को घर में चौका बर्तन का काम करती है l बेटे को एक सामाजिक संस्था के द्वारा निशुल्क स्कूल की शिक्षा दी जा रही है l मकान टूटने पर सरकारी सहयोग मात्र ₹4000 की राशि स्वीकृत हुई l हार कर उन्होंने किराए के घर में रहना चालू किया l रुक्मणी बाई ने बताया कि जब उन्हें हमर सुघ्घर पंडर सेवा समिति दल्ली राजहरा के बारे में जानकारी मिली की समिति के द्वारा पूर्व में भी किसी महिला का घर बना कर दे चुके हैं और हमेशा सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को आगे बढ़ाने के लिए जूता मौजा बैग आदि का वितरण करते आ रहे हैं एवं निर्धन लोगों को आर्थिक सहायता भी जन सहयोग से दे चुके हैं l तब उन्होंने सेवा समिति से संपर्क किया l समिति के सदस्यों ने उनकी बात की वास्तविकता जानने उनके घर गए एवं आसपास के लोगों से जानकारी लेने पर उनकी स्थिति को देखकर उन्होंने दल्ली राजहरा के विभिन्न वर्गों को सहयोग मांगा उनके सहयोग उपरांत दो माह के अथक प्रयास के बाद रुक्मणी विश्वकर्मा का घर बनाकर तैयार हुआ l जिन्हें भगवान सत्यनारायण की कथा एवं पूजा करने के बाद विधिवत वार्ड नंबर 20 के मोहल्ले वासियों के समक्ष उन्हें सौपा गया l



