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सम्यक बौद्ध महासभा, छत्तीसगढ़ बौद्ध समाज, एवं महाप्रज्ञा बुद्ध विहार के संयुक्त तत्वधान महाबोधि महाविहार मुक्ति आंदोलन के समर्थन में धम्मध्वज यात्रा एवं धम्म संवाद का आयोजन किया गया।

दल्ली राजहरा बुधवार 19 नवम्बर 2025 भोज राम साहू 98937 65541

अशोक बांबेश्वर अध्यक्ष सम्यक बौद्धमहसभा दल्ली राजहरा ने बताया कि कल सम्यक बौद्ध महासभा, छत्तीसगढ़ बौद्ध समाज, एवं महाप्रज्ञा बुद्ध विहार के संयुक्त तत्वधान में दोपहर दो बजे से संध्या 7:00 बजे तक महाबोधि महाविहार मुक्ति आंदोलन के समर्थन में भिक्षुक संघ के मार्गदर्शन में धम्म ध्वज यात्रा एवं धम्म संवाद कार्यक्रम दिनांक 18 नवंबर को आंबेडकर मेमोरियल भवन दल्ली राजहरा में आयोजित किया गया।

इस कार्यक्रम में पूज्य भंते विनायाचार्य नई दिल्ली, महाथेरो डॉक्टर खेमधामों महाराष्ट्र, भदंत पर्यानंद थेरो लातूर ,भदंत राजरत्न थेरो वर्धा ,भदंत शाक्य पुत्र राहुल ,भदंत प्रशिलरल गौतम ,भदंत धम्मसार, भदंत संघ रत्न नासिक से इस कार्यक्रम में अपनी गरिमामयी उपस्थिति प्रदान किए।

महाबोधि महाविहार मुक्ति का संघर्ष कई वर्षों से जारी है। यह संघर्ष अनागरिक धम्मपाल ने शुरु किया , उसके बाद इस संघर्ष को पूज्यं भंते आर्य नागार्जुन सूरई ससाई जी ने कानूनी और जमीनी स्तर पर इस आंदोलन को गति प्रदान की।

इस आंदोलन को दिनांक 12 फरवरी 2025 से नई दिशा देने व कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए भंते विनायाचार्य एवं भिक्षु संघ के मार्गदर्शन में पुनः धरना आंदोलन बोधगया कि पावन पवित्र भूमि पर आमरण अनशन शुरू किया, तब से लेकर अब तक कठिन परिस्थितियों के बावजूद इस संघर्ष की लौ जलाए रखने के लिए भंते विनायाचार्य ने निरंतर पूरे भारत देश में भ्रमण कर इस आंदोलन को जारी रखा है। इसी परिपेक्ष में दल्ली राजहरा में भी महाबोधि महाविहार मुक्ति आंदोलन के लिए धम्मध्वज यात्रा एवं धम्म संवाद का आयोजन किया गया।

सर्वप्रथम दोपहर 03 बजे डॉ अंबेडकर मेमोरियल भवन से 500 मीटर धम्मध्वज यात्रा नगर के मुख्य मार्ग से होते हुए पुनः अंबेडकर मेमोरियल भवन में पहुंच कर पूज्य भंते विनायाचार्य एवं भिक्षु संघ के द्वारा धम्मदेशना एवं महाबोधि महाविहार मुक्ति आंदोलन के बारे में जानकारी दी।
तदपश्चात भिक्षु संघ को रीतू अशोक बांबेश्वर,निशा खापर्डे,भीमराव भैसार,विपिनचंद करवाड़े, रवि बरसागडे, महामाया सोमकुवर,रूपेश वाघमारे, छत्तीसगढ़ बौद्ध समाज,विद्यावती संतोष सहारे,भुनेश्वरी गोरेलाल बाबेश्वर, रंजना कृष्ण कुमार रामटेके, संगीता पाटील ने चीवर दान किया।

कार्यक्रम का मंच संचालन हेमंत कांडे ने किया। इस अवसर पर अशोक बांबेश्वर,रवि बरसागडे, भीमराव भैंसरे, बी .एल. बौद्ध, सुरेंद्र मेश्राम, संतोष मेश्राम,अनिल खोबरागड़े, दिलीप सुकदेवे, अनिल रामटेके, अजय रामटेके, रोशन पाटील, कमलकांत रामटेके, सोहन खडसे, भूपेंद्र सहारे, ओमप्रकाश दामले, गुलाब दास मेश्राम, विपिनचंद करवाडे, रूपेश वाघमारे, अविरल कामले, एकनाथ सहारे, आशीष दुपारे, चंद्र कुमार बरसागडे ,जय नंदा, श्रीमती चंद्र रेखा नंदेश्वर, आशा नॉन्हारे, नीता कमल रामटेके, जोत्सना मेश्राम, सीमा रामटेके, नीतू रामटेके, कविता तिगोटे ,दुर्गा रामटेके, यामिनी नोनहरे ,मंजू बंबेश्वर, मंजू मेश्राम, सविता धनविजय, किरण गोडे मीना वाघमारे, अलका दुपारे, रोशनी वाघमारे, दीपक भगत, बालोद डौंडी एवं आसपास के ग्रामीण अंचल से बौद्ध उपासक एवं उपासिकाओं सैंकड़ों की संख्या में उपस्थित हुये।






