
दल्ली राजहरा
बुधवार 28 जनवरी 2026
भोजराम साहू 9893 765541
वनांचल के ग्राम रजही में गूंजी श्रीराम की महिमा,पूर्व जिला पंचायत सदस्य पुष्पेंद्र चंद्राकर ने मानस प्रतियोगिता में की शिरकत ।
डौंडी ब्लॉक के वनांचल क्षेत्र स्थित ग्राम रजही में मानसगान प्रतियोगिता का भक्तिमय वातावरण में भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में में पूर्व जिला पंचायत सदस्य पुष्पेंद्र चंद्राकर शामिल हुए। ग्राम रजही में मानसगान प्रतियोगिता कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पुष्पेन्द्र चंद्राकर पूर्व सदस्य जिला पंचायत बालोद, कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि के रूप में संजय बैस पूर्व जनपद सदस्य, गौतम राणा सरपंच रजही, कमलकांत साहू, पुष्पजीत बैस, देवल सिंह पटेल, संतोष जैन आदि शामिल हुए।भक्तिमय वातावरण के बीच आयोजित इस कार्यक्रम में मानस मंडलियों ने अपनी प्रस्तुतियों से समां बांध दिया।
समारोह को संबोधित करते हुए पुष्पेंद्र चंद्राकर भावुक नजर आए। उन्होंने ग्रामीणों के साथ अपनी पुरानी यादें साझा करते हुए कहा, “इस वनांचल क्षेत्र की माटी से मेरा गहरा नाता है। मेरा बचपन इसी क्षेत्र के गांव गलियों में बीता है। आज यहाँ आकर मुझे जो आत्मीयता और अपनापन मिल रहा है, वह अनमोल है। ऐसा लग रहा है जैसे मैं अपने परिवार के बीच वापस लौट आया हूँ। धार्मिक आयोजन के मंच से उन्होंने प्रभु श्री राम की महिमा का बखान किया। इसके अलावा उन्होंने केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का भी बखान किया। विशेष रूप से विकसित भारत के संकल्प और राम राज्य की संकल्पना को जोड़ते हुए कहा कि आज देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। उन्होंने बताया कि सरकार की योजनाओं का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाना है।

मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम का जीवन अंत्योदय और सुशासन का सबसे बड़ा उदाहरण है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार रामराज्य में हर नागरिक सुखी था । उसी संकल्पना को साकार करने के लिए वीबी जी राम जी योजना को धरातल पर उतारा गया है। यह योजना मात्र एक सरकारी पहल पर सेवा का एक अनुष्ठान है। अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि आज भौतिक विकास के साथ-साथ हमारी सांस्कृतिक विरासत को भी सहेजा जा रहा है। वनांचल क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और ग्रामीणों के जीवन स्तर में सुधार को उन्होंने सरकार की प्राथमिकता बताया। प्रतियोगिता में दूर-दराज से आई मानस मंडलियों ने रामायण के प्रसंगों की मधुर व्याख्या की।





