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लौह नगरी दल्ली राजहरा में धूमधाम से मनाया जा रहा है ..! “महाशिवरात्रि महापर्व” l

दल्ली राजहरा

रविवार 15 फरवरी 2026

भोजराम साहू 9893 765541

 

 लौह नगरी दल्ली राजहरा आज पूरा शिव मय रहा चारों तरफ भगवान शिव की महा आरती , पूजा , ओम नमः शि वाय , हर हर महादेव , की गूंज होती रही l भक्त जन सुबह से ही महादेव को जल चढ़ाने उनकी पूजा आराधना करने के लिए मंदिरों और शिवालयों की ओर जा रहे थे l

  वार्डों में स्थापित किए गए शिवलिंग पर पूजा करने थाली में बेलपत्र आक के फूल धतूरा नारियल लेकर पूजा अर्चना करने महिलाएं और लड़कियां पहुंच रही थी साथ ही पुरुष वर्ग भी मंदिरों में पूजा करने के लिए जा रहे थे l कई मंदिरों में दोपहर बाद भंडारा का आयोजन किया गया । गुप्ता चौक स्थित हनुमान मंदिर में एवं पुराना बाजार झरन कुंड पर स्थित झरण माता मंदिर में भी विशाल भंडारे का आयोजन किया गया । दूसरे दिन भी रामनगर चौक में  राम कुमार शर्मा के द्वारा तथा हाई स्कूल सेक्टर के शिव मंदिर जैसे विभिन्न जगह पर भी भंडारे का आयोजन किया जायेगा l 

➡️💥🔥वार्ड नंबर 5 शिव तालाब  में है शहर के सबसे बड़ा महादेव🔥💥⬅️

 

दल्ली राजहरा के सबसे बड़े भगवान शिव की मूर्ति वार्ड नंबर 5 शिव तालाब के पास लोगों की पूजा अर्चना करने की भीड़ लगी थी । शिव तलाब का निर्माण के संबंध में पूर्व पार्षद चंपा साहू ने बताया कि नगर के प्रथम नगर पालिका अध्यक्ष पुरोबी वर्मा के कार्यकाल में उपरोक्त जगह पर तालाब का निर्माण किया गया था ।साथ-साथ भगवान शिव की लगभग 11 फीट ऊंची मूर्ति का भी निर्माण यहीं पर हुआ है । आज वहां पर भंडारा का आयोजन किया गया है ।

➡️🔥💥प्राचीन शिव मंदिर हॉस्पिटल सेक्टर में होता है शहर का सबसे बड़ा भंडारा💥🔥 ⬅️

वही राजहरा की पहचान बनाने वाली सबसे पुराना शिवालय हॉस्पिटल सेक्टर के शिव मंदिर के संबंध में पूर्व पार्षद श्रीनिवास राव ने बताया कि इस मंदिर का निर्माण बीएसपी के द्वारा दल्ली राजहरा में लौह अयस्क का खनन की शुरुआत के समय स्व. शिवा स्वामी ( पूर्व अधिकारी ) ने किया था ।

जहां आज भी बड़ी श्रद्धा के साथ सावन सोमवार के अलावा शिवरात्रि , नवरात्रि के दोनों पर्व में विशेषकर लोग पूजा अर्चना करने आते हैं । साथ ही यहां के पुजारी  बाबा के द्वारा रुद्राभिषेक का पूजा भी इस शिव मंदिर में किया जाता है ।

उन्होंने बताया कि सन 1999 से यहां विशाल भंडारा का आयोजन किया जाता है जो दिनों दिन बढ़ता ही जा रहा है । आज की स्थिति में लगभग 4000 से ऊपर व्यक्तियों के द्वारा भंडारा का प्रसाद ग्रहण किया जाता है । आज भंडारा की तैयारी के संबंध में उन्होंने बताया कि लगभग दो किवंटल 50 किलो से अधिक सूखा सामानों का हलवा तैयार किया जाएगा पूर्व में स्व .शिव प्रसाद के द्वारा भंडारा तैयार किया जाता था । वर्तमान में शंकर लाल साहू के द्वारा बड़ी श्रद्धा के साथ भंडारे की तैयारी की जाती है । आज सुबह 4:00 से ही विशेष पूजा अर्चना के बाद यहां भक्तों की भीड़ लगी हुई है । यहां के शिवालय में महिलाओं के द्वारा आज 12:00 से अखंड रामायण की पाठ की जा रहा है जो कल पूर्ण होने पर ही समाप्त होगा ।

यह अखंड रामायण महिलाओं के द्वारा ही बड़ी श्रद्धा के साथ 27 वर्षों से किया जा रहा है । भंडारे की तैयारी की कार्य पूर्व पार्षद श्रीनिवास राव एवं रूबल तिवारी के द्वारा पूरी श्रद्धा से किया जाता है । यह भंडारा कल सोमवर 16 फरवरी को दोपहर 12 बजे हवन के बाद प्रारंभ होगी जो शाम तक चलेगी ।

 

➡️💥🔥क्या है शिवरात्रि का महत्व🔥💥⬅️

ईशान संहिता में कहा गया है कि भगवान् शिव फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि वाले दिन ज्योतिर्लिंग के रूप में प्रगट हुए थे। इसलिए इस तिथि वाले दिन महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाने लगा। लेकिन इसके अलावा भी महाशिवरात्रि के विषय में मान्यताएं हैं। एक कथा के अनुसार, इस दिन सागर मंथन हुआ था और जिसमें से कालकेतु विष निकला था। उस समय भगवान शिव ने संपूर्ण ब्रह्मांड की रक्षा करने के   लिए स्वयं ही पूरा विष पी लिया था। जिस कारण उनका पूरा कंठ नीला हो गया था। विषपान के बाद से ही उन्हें नीलकंठ की संज्ञा दी गई। अन्य मान्यताओं में इस दिन को शिव पार्वती के विवाह के रूप में भी मनाने की परंपरा रही है।

Bhojram Sahu

प्रधान संपादक "हमारा दल्ली राजहरा: एक निष्पक्ष समाचार चैनल"

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