दल्ली राजहरा सोमवार 20 जुलाई 2026 भोजराम साहू 9893 765541पुरुषोत्तम सिमैया मापका एवं सीटू नेता ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि भारत की मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी शाखा राजहरा एवं हिन्दुस्तान स्टील एम्पलाईज यूनियन (सीटू) राजहरा ने आज 20 जुलाई को धरना प्रदर्शन कर साझा बयान जारी कर सोनम वांगचुक के अनशन का समर्थन करते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफा की मांग की है। पिछले 21 दिनों से अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक के आंदोलन को अपना समर्थन देने का संकल्प लेते हुये माकपा एवं सीटू ने भारत के महामहिम राष्ट्रपति से हस्तक्षेप करने तथा यदि शिक्षा मंत्री तत्काल इस्तीफा नहीं देते हैं तो उन्हें पद से हटाने की कार्रवाई करने का आग्रह किया है। माकपा एवं सीटू ने जलवायु कार्यकर्ता एवं शिक्षाविद सोनम वांगचुक के प्रति अपनी गहरी चिंता व्यक्त करते हुए उनके साथ पूर्ण एकजुटता प्रकट की है। वे नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। प्राप्त रिपोर्टों के अनुसार उनकी स्वास्थ्य स्थिति गंभीर रूप से बिगड़ गई है। उनका लगभग 9 किलोग्राम वजन कम हो चुका है तथा रक्त शर्करा (ब्लड शुगर) का स्तर लगातार गिर रहा है। माकपा एवं सीटू ने भाजपा सरकार की इस अमानवीय उदासीनता की कड़ी निंदा की है तथा आरोप लगाया है कि सरकार लाखों विद्यार्थियों के जीवन और भविष्य से जुड़े गंभीर मुद्दों का समाधान करने से लगातार इनकार कर रही है।यह जारी आंदोलन, जिसे कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने आह्वान किया है तथा जिसे अनेक छात्र एवं युवा संगठनों का समर्थन प्राप्त है, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) में व्याप्त संरचनात्मक भ्रष्टाचार और उसकी लगातार विफलताओं के विरुद्ध है। नीट प्रश्नपत्र लीक, तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार होने वाले पेपर लीक, वर्तमान शासन में परीक्षा एवं भर्ती व्यवस्था के बढ़ते पतन का प्रतीक बन गए हैं। बढ़ती बेरोजगारी के इस दौर में इन घोटालों ने लाखों विद्यार्थियों और नौकरी के अभ्यर्थियों की उम्मीदों को तोड़ दिया है तथा युवाओं के बीच व्यापक अविश्वास पैदा कर दिया है।माकपा एवं सीटू का मानना है कि इस संकट की जड़ राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी)-2020 में निहित है। एनईपी शिक्षा के व्यावसायीकरण, केंद्रीकरण और निजीकरण को बढ़ावा देती है, सार्वजनिक निवेश को कम करती है तथा कोचिंग माफिया और मुनाफाखोरी के लिए अधिक अवसर पैदा करती है। इससे गरीब एवं वंचित वर्गों के विद्यार्थियों का बहिष्कार होता है और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देश की विशाल आबादी की पहुंच से लगातार दूर होती जा रही है।माकपा एवं सीटू ने आगे कहा कि ये घटनाक्रम भारत की संघीय व्यवस्था पर गंभीर हमला हैं। एनटीए और अन्य एजेंसियों के माध्यम से परीक्षाओं एवं पाठ्यक्रमों का बढ़ता केंद्रीकरण राज्यों के अधिकारों को कमजोर करता है। साथ ही शिक्षा और पाठ्यपुस्तकों के सांप्रदायीकरण से वैज्ञानिक दृष्टिकोण, आलोचनात्मक चिंतन तथा देश की शिक्षा व्यवस्था की धर्मनिरपेक्ष नींव कमजोर हो रही है। शिक्षा को विद्यार्थियों और समाज की आवश्यकताओं के बजाय कॉरपोरेट हितों और वैचारिक एजेंडे की पूर्ति के अनुरूप ढाला जा रहा है। माकपा एवं सीटू इस बात पर संतोष व्यक्त करती है कि इस संघर्ष के समर्थन में देशभर के राजनीतिक दलों, ट्रेड यूनियनों, किसान संगठनों, छात्र एवं युवा संगठनों, शिक्षाविदों तथा प्रख्यात नागरिकों ने आगे आकर अपना समर्थन दिया है। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी राजहरा एवं हिन्दुस्तान स्टील एम्पलाईज यूनियन (CITU) इस भूख हड़ताल में भाग ले रहे सभी अन्य आंदोलनकारियों के प्रति अपनी पूर्ण एकजुटता व्यक्त करती है तथा सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और निष्पक्षता सुनिश्चित करने हेतु व्यापक संरचनात्मक सुधारों की मांग करती है। माकपा एवं सीटू आगे राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 (NEP-2020) को वापस लेने तथा सार्वभौमिक सार्वजनिक वित्तपोषण, समानता, संघीय ढांचे, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित नई शिक्षा नीति बनाने की मांग करती है। पेपर लीक, शिक्षा का व्यावसायीकरण, केंद्रीकरण, भ्रष्टाचार, शिक्षा का सांप्रदायीकरण और बढ़ते बेरोज़गारी संकट आपस में गहराई से जुड़े हुए हैं।करोड़ों विद्यार्थियों के भविष्य को प्रशासनिक उदासीनता, कॉरपोरेट लालच और सांप्रदायिक राजनीति की बलि नहीं चढ़ाया जा सकता। भारत सरकार को शिक्षा व्यवस्था की अखंडता तथा देश के युवाओं के भविष्य की रक्षा के लिए तत्काल प्रभाव से आवश्यक कदम उठाने चाहिए।इस प्रदर्शन में पुरुषोत्तम सिमैया विनोद मिश्रा , नकुल देवांगन ,जे गुरुवुलू, ओम प्रकाश साहू , सुनील नोन्हारे, दीपक साहू, सुजीत मंडल मुकेश मानस एवं सीटू के समस्त पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित थे । Spread the lovePost navigationडीबी ग्रुप के रक्तदान शिविर में 74 यूनिट रक्तदान रक्तवीरों को हेलमेट देकर किया सम्मान। सोनम वांगचुंक और सीजेपी के समर्थन में उतरी दल्ली राजहरा के सामाजिक संगठन और ट्रेड यूनियन ।:–छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा