दल्ली राजहरा बुधवार 22 जुलाई 2026 भोजराम साहू 9893 765541जन मुक्ति मोर्चा का अनिश्चितकालीन धरना 👉भारी बारिश में भी डटे रहे सैकड़ों श्रमिक, 5 प्रमुख मांगों पर बनी सहमति ।👉 तहसीलदार की मध्यस्थता में बैठक, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई का भी आश्वासन । जन मुक्ति मोर्चा छत्तीसगढ़ के द्वारा लौह अयस्क समूह IOC राजहरा के ठेका श्रमिकों की विभिन्न लंबित मांगों को लेकर किया जा रहा अनिश्चितकालीन धरना मंगलवार को वार्ता के बाद समाप्त हो गया। प्रबंधन और प्रशासन के साथ हुई बैठक में सभी मांगों को पूरा करने का लिखित आश्वासन मिलने के बाद मोर्चा ने शाम 4 बजे आंदोलन वापस ले लिया।जन मुक्ति मोर्चा छत्तीसगढ़ के सैकड़ों साथी 22 जुलाई की सुबह 4 बजे से ही दल्ली माइंस के गेट नंबर 1 और 2 पर धरने पर बैठ गए थे। भारी बारिश के बावजूद आंदोलनकारियों का उत्साह कम नहीं हुआ। मोर्चा के भोजन प्रभारियों द्वारा आंदोलन स्थल पर ही चाय, नाश्ता और दोपहर का भोजन उपलब्ध कराया गया। सुबह प्रशासन की ओर से आंदोलन स्थल पर बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्थानीय तहसीलदार, BSP के वरिष्ठ अधिकारी और लेबर अफसर रतीश मिश्रा उपस्थित रहे। जन मुक्ति मोर्चा के प्रतिनिधि मंडल ने तहसीलदार को 21 जुलाई 2026 को सौंपे गए ज्ञापन की मांगों से अवगत कराया। तहसीलदार ने उच्च अधिकारियों से चर्चा के बाद लगभग 3 बजे मोर्चा को लिखित आश्वासन सौंपा। आश्वासन में कहा गया कि ज्ञापन में उल्लेखित सभी मांगों को पूरा किया जाएगा और नियम विरुद्ध कार्य करने वाले दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद जन मुक्ति मोर्चा ने शाम 4 बजे धरना समाप्त करने की घोषणा की।ज्ञापन की प्रमुख मांगें: 1. सुरक्षा प्रशिक्षण: ठेकेदार के अधीन कार्य कर रहे ठेका श्रमिकों को तत्काल सुरक्षा प्र3. भर्ती में पारदर्शिता: जगन्नाथ स्टील प्लांट में मजदूरों की भर्ती यूनियनों से हुए समझौते के अनुसार की जाए।शिक्षण कराया जाए।2. नई नियुक्ति: ठेकेदार के निविदा कार्य में निधन, सेवानिवृत्ति या अन्य कारण से छूटे श्रमिकों के स्थान पर नए श्रमिकों की तत्काल नियुक्ति की जाए।3. भर्ती में पारदर्शिता: जगन्नाथ स्टील प्लांट में मजदूरों की भर्ती यूनियनों से हुए समझौते के अनुसार की जाए।4. समान वेतन: देव माइनिंग कंपनी द्वारा राजहरा माइंस में मजदूरों को समान काम के लिए समान वेतन दिया जाए।5. रोजगार: ग्रेवेटी ट्रेक्सिम प्राइवेट लिमिटेड शारदा में श्रमिकों को काम उपलब्ध कराया जाए।इस आंदोलन में जन मुक्ति मोर्चा छत्तीसगढ़ के जीत गुहा नियोगी, बसंत रावटे, मूलचंद चंदेल, नवल चन्द्राकर, ईश्वर भूआर्य, राव बाबू चन्द्रशेखर यादव, तुलसी मरकाम सरपंच कारुटोला, दीपक सहारे सहित हजारों साथी उपस्थित रहे।मोर्चा ने कहा कि प्रशासन और प्रबंधन द्वारा दिए गए लिखित आश्वासन पर नजर रखी जाएगी।Spread the lovePost navigationराजहरा में माइंस सेफ्टी मैनेजमेंट प्लान कार्यशाला व्यावहारिक चरण में पहुंची, खदानों में सुरक्षा को मिलेगी नई मजबूती । शराब पीकर वाहन चलाना पड़ा भारी, 11 चालकों पर 1.10 लाख का जुर्माना, 3 माह लाइसेंस निलंबित ।