दल्ली राजहरा शनिवार 01 अगस्त 2026 भोजराम साहू 9893 765541

 

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय एवं प्रदेश नेतृत्व के आह्वान तथा जिला भाजपा अध्यक्ष चेमन देशमुख के मार्गदर्शन में चल रहे समरसता अभियान के अंतर्गत ग्राम अरमुरकसा स्थित संत शिरोमणि रविदास मंदिर में संत रविदास की 650वीं जयंती श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक समरसता के भाव के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण, हरिजन समाज के सदस्य एवं भाजपा कार्यकर्ता शामिल हुए।

51 दीपों से जगमगा उठा मंदिर परिसर

 

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व जनपद सदस्य संजय बैस का ग्रामीणों एवं हरिजन समाज ने आरती उतारकर एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। इसके पश्चात सभी ने मंदिर परिसर की साफ-सफाई कर संत रविदास जी का पूजन-अर्चन किया तथा 51 दीप प्रज्ज्वलित कर महाआरती की। दीपों की रोशनी से जगमगाते मंदिर परिसर ने सामाजिक समरसता और सद्भाव का अद्भुत संदेश दिया।
रविदास जी सामाजिक क्रांति के अग्रदूत थे” – संजय बैस  

 

सभा को संबोधित करते हुए संजय बैस ने कहा कि संत रविदास जी केवल संत ही नहीं, बल्कि सामाजिक क्रांति के अग्रदूत थे। उन्होंने अपने जीवन से समानता, भाईचारे और कर्म की महत्ता का संदेश दिया। “मन चंगा तो कठौती में गंगा” का संदेश आज भी समाज को सकारात्मक सोच और आत्मशुद्धि की प्रेरणा देता है।

उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी संत रविदास जी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए समरसता अभियान चला रही है। प्रदेश की भाजपा सरकार ने कुसुमकसा में संत रविदास जी के नाम से सामुदायिक भवन निर्माण हेतु राशि स्वीकृत कर समाज के सम्मान और विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को सिद्ध किया है।

 

कार्यक्रम में  इनकी रही उपस्थिति 
कार्यक्रम का संचालन कमलकांत साहू ने करते हुए संत रविदास जी के जीवन एवं उनके सामाजिक योगदान पर प्रकाश डाला, जबकि प्रकाश जगनायक ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर भाजपा मंडल अध्यक्ष योगेंद्र सिन्हा, व्यापार प्रकोष्ठ सह-संयोजक मनीष जेठवानी, युवा मोर्चा महामंत्री पंकज जेठवानी, ओबीसी मोर्चा मंडल उपाध्यक्ष गौरीशंकर, कार्यालय प्रभारी संतोष जैन, तेजराम साहू, यथार्थ साहू, पुष्पजीत बैस, मोतीलाल कोचरिया सहित ग्राम अरमुरकसा के गणमान्य नागरिक, हरिजन समाज के सदस्य, भाजपा कार्यकर्ता, ग्रामीणजन एवं बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में सभी ने संत रविदास जी के आदर्शों पर चलने तथा सामाजिक समरसता, सद्भाव और राष्ट्र निर्माण के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया।

 

संत रविदास कौन थे?

संत शिरोमणि रविदास 15वीं शताब्दी के महान संत, कवि और समाज सुधारक थे। उनका जन्म वाराणसी में हुआ था। वे जाति-पाति के भेदभाव के विरोधी और मानवता के पुजारी थे। 

 

रविदास जी ने “बेगार मुक्त समाज” और “मनुष्य-मनुष्य में समानता” का संदेश दिया। उनका प्रसिद्ध दोहा “मन चंगा तो कठौती में गंगा” आज भी आत्मशुद्धि का प्रतीक है। वे गुरु नानक देव और मीराबाई के समकालीन माने जाते हैं। संत रविदास के विचार दलित आंदोलन और सामाजिक समरसता की प्रेरणा बने हैं।
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Bhojram Sahu

By Bhojram Sahu

प्रधान संपादक "हमारा दल्ली राजहरा: एक निष्पक्ष समाचार चैनल"

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