दल्ली राजहरा रविवार 02 अगस्त 2026 भोजराम साहू 9893765541 (ग्रीन कमांडो वीरेंद्र सिंह)हमारा दल्ली राजहरा निष्पक्ष समाचार चैनल के बहु प्रतिक्षित संडे मेगा स्टोरी की कहानी क्रमांक 49 में पढ़िए एक ऐसे युवक की कहानी जो प्रकृति को अपना सब कुछ मानता है । चाहे वृक्षारोपण हो चाहे पोखर या तालाब की सफाई हो हर जगह वह जल जंगल और जमीन तीनों से जुड़ा रहना चाहता है । आज आपको इस कहानी में दल्ली राजहरा के एक ऐसे युवक की कहानी आपके सामने ला रहे हैं जिसे सिर्फ राजहरा ही नहीं बालोद जिले के अलावा छत्तीसगढ़ में ग्रीन कमांडो के नाम से जानता है जी हां आज आपको इस कहानी के माध्यम से प्रकृति प्रेमी , पर्यावरण प्रेमी ,ग्रीन कमांडो वीरेंद्र सिंह की कहानी आपको बता रहे हैं ।https://hamaradallirajhara.in/wp-content/uploads/2026/08/VID-20260802-WA0026.mp4 वीरेंद्र सिंह का 28 जून 2023 में माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के द्वारा मन की बात में पर्यावरण संरक्षण के लिए उनके द्वारा किए गए कार्य का चर्चा किया गया l विभिन्न पुरस्कारों से सम्मानित वीरेंद्र सिंह इस क्षेत्र में ऐसा कोई शायद ही ऐसा कोई शख्स होगा जिनका प्रकृति और पेड़ों से इतना लगाव होगा । 47 वर्षी वीरेंद्र सिंह एम ए एम कॉम तक शिक्षित हैं ।वर्तमान मे कांकेर जिले में निजी क्षेत्र में कार्यरत है। पर्यावरण के प्रति लगाव इतना कि वहअपने वेतन का हिस्सा पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रचार प्रसार में खर्च करते है। 27 वर्षों से अधिक समय से वे पर्यावरण के संरक्षण में कार्यरत हैं । जहां उन्हें उनका परिवार और इष्ट मित्र का सहयोग तो मिलता ही है लेकिन जिन लोगों को जब वीरेंद्र सिंह की मुहिम का पता चलता है तो वे भी उनके साथ जुड़ कर प्रकृति के संरक्षण में अपना बहुमूल्य सहयोग देते हैं l वीरेंद्र सिंह से पूछने पर कि आपको पर्यावरण के क्षेत्र में लगाव कैसे हुआ तब उन्होंने बताया कि परिवार कृषि क्षेत्र में से जुड़ा हुआ है दल्ली राजहरा के पास ही धोबे में हमारा खेत है। जहां माँ कृषि कार्य करती थी साथ ही वृक्षारोपण भी उनके द्वारा किया जाता था । मां से पेड़ पौधे से मिलने वाली लाभ और उसके संरक्षण के बारे में सुना पानी बचाने के बारे में भी वह मुझे बताती थी उन्हीं की बातों से प्रेरणा लेकर मैंने पेड़ लगाने के साथ पानी बचाने की भी संकल्प लिया ।https://hamaradallirajhara.in/wp-content/uploads/2026/08/VID-20260802-WA0027.mp4 ग्रीन कमांडो वीरेंद्र सिंह ने 2004 में वार्ड क्रमांक-16 स्थित शासकीय स्कूल केलाबाड़ी और शासकीय प्राथमिक शाला कच्चे दफाई परिसर में लगाए गए 200 करंज के पौधों का 23वां जन्मदिन स्कूली बच्चों के साथ उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया।https://hamaradallirajhara.in/wp-content/uploads/2026/08/VID-20260802-WA0016.mp4इस दौरान दीप प्रज्वलित कर पौधों के संरक्षण का संकल्प लिया गया और बच्चों को प्रकृति के महत्व से अवगत कराया गया। वीरेंद्र सिंह ने बच्चों को बताया कि वर्ष 2004 में लगाए गए करंज के पौधे आज बड़े वृक्ष बन चुके हैं और लोगों को छाया, स्वच्छ हवा तथा पर्यावरण संतुलन का लाभ दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसी पौधे को लगाना जितना महत्वपूर्ण है, उससे कहीं अधिक जरूरी उसकी नियमित देखभाल करना है। वर्षों की मेहनत और संरक्षण के कारण ही आज ये पौधे विशाल वृक्ष बन पाए हैं । शासकीय स्कूल केला बाड़ी एवं शासकीय प्राथमिक शाला कच्चे दफाई के विद्यार्थियों, शिक्षकों और स्थानीय नागरिकों की मौजूदगी में विभिन्न प्रजातियों के 100 नए पौधों का रोपण किया गया। इनमें छायादार, फलदार एवं पर्यावरण के लिए उपयोगी पौधे शामिल रहे। पौधारोपण के बाद प्रत्येक पौधे की देखभाल की जिम्मेदारी भी विद्यार्थियों को सौंपी गई, ताकि उनमें प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित हो सके। ग्रीन कमांडो वीरेंद्र सिंह ने कहा कि पौधे केवल हरियाली बढ़ाने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य की आधारशिला भी हैं। पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया । जन्मदिन, वर्षगांठ पर पौधे लगाने की अपीलhttps://hamaradallirajhara.in/wp-content/uploads/2026/08/VID-20260802-WA0023.mp4वीरेंद्र सिंह ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि जन्मदिन, विवाह वर्षगांठ एवं अन्य शुभ अवसरों पर पौधारोपण को परंपरा बनाया जाए। उन्होंने कहा कि यदि हर व्यक्ति अपने जीवन के प्रत्येक महत्वपूर्ण अवसर पर कम से कम एक पौधा लगाए और उसका संरक्षण करे, तो पर्यावरण संरक्षण का अभियान जन आंदोलन का रूप ले सकता है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के द्वारा की जा रही अपील एक पेड़ मां के नाम अभियान की सराहना करते हुए कहा कि यह अभियान लोगों को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने का प्रभावी माध्यम बन रहा है। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों से इस अभियान में शामिल होकर पौधारोपण एवं संरक्षण का संकल्प लेने की अपील की। रेल यात्रा के दौरान ग्रीन कमांडो ने चलाया बीज बिखेरो अभियान, लोगों को प्रेरणा दी ।पर्यावरण संरक्षण और हरित क्षेत्र के विस्तार के उद्देश्य से ग्रीन कमांडो वीरेंद्र सिंह ने एक दिन पहले बालोद से अंतागढ़ रेल मार्ग के दोनों ओर स्थित जंगलों में नीम, जामुन और शिव बबूल के बीज बिखेरने का अभियान चलाया। रेल यात्रा के दौरान वीरेंद्र सिंह ने रेलवे ट्रैक के किनारे स्थित वन क्षेत्रों और खाली स्थानों पर बड़ी संख्या में देशी प्रजातियों के बीज बिखेरे। वीरेंद्र सिंह ने कहा कि नीम, जामुन और शिव बबूल जैसे देशी वृक्ष पर्यावरण के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। ये न केवल स्वच्छ हवा और हरियाली बढ़ाते हैं, बल्कि पक्षियों और अन्य वन्य जीवों के लिए भी बेहतर आवास उपलब्ध कराते हैं। मानसून के दौरान नीम, जामुन, आम, कुसुम, शिव बबूल सहित अन्य स्थानीय प्रजातियों के बीज बुवाई करें।https://hamaradallirajhara.in/wp-content/uploads/2026/08/VID-20260802-WA0023-1.mp4पीएचसी अरजपुरी में लगाए गए पौधे डौंडीलोहारा के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अरजपुरी परिसर में पर्यावरण संरक्षण एवं हरियाली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पौधरोपण किया गया। आम, चार, बेल और गुलमोहर सहित विभिन्न छायादार एवं फलदार पौधे लगाए गए। वन क्षेत्र में अमलतास और गुलमोहर के सीड बॉल फेंके https://hamaradallirajhara.in/wp-content/uploads/2026/08/VID-20260801-WA0117.mp4पर्यावरण संरक्षण और जंगलों को हरा-भरा बनाने की दिशा में ग्रीन कमांडो वीरेंद्र सिंह द्वारा लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने आंवरा टोला फॉरेस्ट क्षेत्र की वन भूमि में अमलतास एवं गुलमोहर के सीड बॉल गुलेल और हाथों के माध्यम से जंगलों की खाली पड़ी भूमि में फेंके।ग्रीन कमांडो वीरेंद्र सिंह ने बताया कि हमारे द्वारा वर्षा ऋतु शुरू होने से पहले जंगलों में बीज फैलाने से बारिश के दौरान उनके अंकुरित होने की संभावना बढ़ जाती है। इसी उद्देश्य से जिले के विभिन्न वन क्षेत्रों में लगातार सीड बॉल अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह प्रयास आने वाले समय में जंगलों की हरियाली बढ़ाने और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में सहाय।क होगा। उन्होंने ग्रामीणों और युवाओं से भी इस अभियान में भागीदारी की अपील की। उनका कहना है कि आसपास मिलने वाले फलदार एवं छायादार पेड़ों के बीजों को जंगलों और खाली स्थानों पर फेंककर हर व्यक्ति पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है। सीड बॉल के बारे में आपको बता दें की विभिन्न प्रकार के फलों के बीज जिसमें आम इमली अनार करंज जामुन हर्रा बहेरा आवला और नीम के बीज को मिट्टी और कंपोज खाद के माध्यम से गोली बनाकर छोटे-छोटे बाल का आकार दिया जाता है । जिसे गुलेल या हाथों के माध्यम से जंगल या खाली जगहों में फेंका जाता है । बरसात के पानी पड़ने के बाद वह धीरे-धीरे गीली होकर फट जाता है सीड बॉल के अंदर पानी में भीगने से बीज अंकुरित होता है कंपोज खाद और मिट्टी खाद का काम करता है और बीज से बने नन्हे पौधे को बढ़ने में मदद करता है । सरकार और विभिन्न संस्थान की ओर से वृक्षारोपण के क्षेत्र और जल संरक्षण के क्षेत्र में उन्हें बहुत से पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है । प्रकृति को बचाने के लिए उनके द्वारा ऐसे कार्य भी किए गए हैं , जो सम्मानीय तथा अनुकरणीय उदाहरण है lhttps://hamaradallirajhara.in/wp-content/uploads/2026/08/VID-20260801-WA0063.mp4 उनके द्वारा पर्यावरण बचाने के लिए सायकल यात्रा सन 2008 में रायपुर से कन्याकुमारी और बाघा बार्डर अमृतसर तक तीन माह तक यात्रा की इस यात्रा के दौरान उनके द्वारा वृक्षारोपण का संदेश देते गए । साथ ही जल संरक्षण के महत्व को भी लोगों को बताते गए। सन 2009 में दुर्ग से नेपाल तक सायकल यात्रा किया जिसमें दो माह लगे । इन दो माह में उन्होंने यात्रा के दौरान जल संरक्षण और वृक्षारोपण का संदेश देकर लोगों को जागृत करने का प्रयास किया । अब सम्मान तक मिले सम्मान कोरोना काल के समय देश का सबसे बड़ा मास्क 30 फीट का बनाने पर उनका नाम इण्डिया बुक ऑफ रिकॉर्ड मे नाम दर्ज हुआ l जहां उन्हें सम्मानित किया गया l 👉 पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के द्वारा 2016 में स्वच्छ भारत सम्मान से सम्मानित किया गया ।https://hamaradallirajhara.in/wp-content/uploads/2026/08/VID-20260801-WA0065.mp4 👉 जैव विविधता पुरस्कार सन 2022 मोहमद अकबर के हाथों दिया गया। 👉 भारत सरकार द्वारा सन 2020 में वाटर हीरो जल शक्ति सम्मान 👉 सन 2021 मे भारत सरकार द्वारा जल प्रहरी जल शक्ति सम्मान l 28 जून 2023 को मन की बात में माननीय प्रधानमंत्री मोदी जी ने जल संरक्षण के लिए किए गए छोटे छोटे प्रयासो को याद किए ।वृक्षारोपण कार्यक्रम सन 2004 वार्ड 17 राजहरा के बंजर भूमि में 200 पौधे रोपित किया था अब पेड़ हो गए ।दुर्ग, पुलिस के साथ क्लीन पुलिस ग्रीन पुलिस कार्यक्रम के तहत वृक्षारोपण का विभिन्न कार्यक्रम थानो मे बालोद, कांकेर जिले के स्कूलों, पंचायतों, कालेजों मे।जनसहयोग के कारण सभी कार्य सफ़ल हो रहे हैं। ग्रीन कमांडो वीरेंद्र सिंह ने कहा कि भविष्य में भी छोटे छोटे प्रयास के माध्यम से लोगो में पर्यावरण संरक्षण के प्रति लगाव पैदा किया जाएगा।वीरेंद्र सिंह ने सिर्फ वृक्षारोपण पर ही अपना ध्यान केंद्रित नहीं किया । जल संरक्षण पर भी उन्होंने उतना ही ध्यान दिया जितना पौधों को लगाने और उनका संरक्षण करने में । उन्होंने बताया कि 28 सालों में छत्तीसगढ़ के बालोद दुर्ग भिलाई कांकेर जैसे जगह पर जाकर जन सहयोग के माध्यम से 35 तालाबों की सफाई अब तक उनके नेतृत्व में हो चुका है तथा दल्ली राजहरा के जल स्रोत झरन कुंड कोनडे कसा ,256 चौक के तालाब शिकारी बाबा तालाब आदि जगहों पर भी उनके द्वारा जाकर सफाई किया जा चुका है । अंत में आम नागरिकों के लिए उनका संदेश है कि जहां है हरियाली वहा है खुशहालीएक पौधा रोपित कर उसका संरक्षण करे।जल, बिजली,को बचाए।आस पास स्वच्छ रखे।। कड़वी लेकिन सच्ची बात हमारा दल्ली राजहरा की ओर से एक कड़वी लेकिन सच्ची बात कहना चाहूंगा विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून से लेकर हरियाली अमावस्या या कहा जाए सितंबर माह तक लोगों के द्वारा पौधारोपण करने का एक होड़ सी चली आती है । वन विभाग या कहीं से पौधा लेकर आया गड्ढा खोदे और उसमें डाल दिए । लोग फोटो खींचाना नहीं भूलते । साथ-साथ अखबारों और विभिन्न मीडिया चैनलों पर अपना मुस्कुराते हुए फोटो डालते हैं और वाहवाही भी लूटाते हैं कि हमने इस साल इतने पौधे लगा दिए । सरकारी आंकड़ा भी यही कहता है । हर साल लाखों करोड़ों रुपए वृक्षारोपण के नाम पर सरकार के खजाने से रुपए निकलते हैं । वृक्षारोपण करने वाले पीछे पलट कर भी नहीं देखते कि मैंने जो पौधा लगाए हैं वास्तव में वह जीवित है कि नहीं । महीने दो महीने बाद जाकर देखें तो वहां पेड़ का नामोनिशान नहीं राहत । या तो पौधा सूख जाता है या पशु का जाते हैं ।दल्ली राजहरा में पिछले बार यही हुआ राज्य सरकार की जन समस्या निवारण शिविर सुशासन त्यौहार जिसके तहत कार्यक्रम स्थल बीएसपी हाई स्कूल क्रमांक 2 के पास पौधारोपण किया गया था जिसमें विशेष तौर पर सांसद भोजराज नाग भाजपा जिला अध्यक्ष चेमन देशमुख पूर्व जिला अध्यक्ष पवन साहू बाल संरक्षण आयोग के पूर्व अध्यक्ष यशवंत जैन जैसे बड़े अतिथियों के द्वारा वृक्षारोपण किया गया । आज जाकर देखें वहां उसका नामो निशान भी नहीं है । एक पेड़ मां के नाम में वृक्षारोपण के नाम पर मां का अपमान हो रहा है । पेड़ लगाने के बाद लोग भूल जा रहे हैं कि पेड़ की महत्व क्या है । हम पेड़ लगाने के नाम पर पेड़ों की बलि दे रहे हैं । क्या यही है हमारी पेड़ों के प्रति समर्पण और “एक पेड़ मां के नाम” जब हम पौधे की रक्षा नहीं कर पाए तो मां के नाम से पेड़ लगाने का महत्व क्या रह जाता है ।बेहतरीन है इस तरह से अपने फोटो खिंचवाने और और वृक्षारोपण के नाम पर नन्हे पेड़ों की बलि देने से बचे । ऐसा भी ना हो की हर वर्ष इस तरह के कार्यक्रम का आयोजन हो l पौधा रोपणकर्ता भी वही हो जगह भी वही हो बस पौधा ही नया हो । यही स्थिति कई संस्थाओं और व्यक्तियों का रहता है वृक्षारोपण सिर्फ फोटो बाजी तक ही सीमित न रखें ।कहते हैं कि भगवान ने मानव और पशु दोनों को बनाया है पशु क्या करते हैं वंश वृद्धि कर उन्हें छोड़ देते हैं लेकिन मानव उनका जीवन पर्याप्त संरक्षण करते हैं कि मेरे बेटे और बेटी का भविष्य कैसा बनेगा इसी तरह आपने वृक्षारोपण किया है उसका बच्चों की तरह देखभाल करें । वृक्ष हमें फल फूल शुद्ध हवा वन औषधि देते हैं । बदले में हमसे कुछ भी नहीं मांगते । यही हमारा मानव धर्म होना चाहिए कि हम भी उनके वंश वृद्धि में मदद करें । जिससे पेड़ों को फायदा तो कम होगा लेकिन हम अपने स्वार्थ सिद्ध करने में कामयाब होंगे ।संडे मेगा स्टोरी में आज बस इतना ही आपके पास भी ऐसे निस्वार्थ सेवा करने वाले व्यक्तित्व के धनी व्यक्ति हो तो हमें अवश्य बताएं उनकी कहानी हमारा दल्ली राजहरा चैनल पर निशुल्क आम जनता तक पहुंचाई जाएगी धन्यवाद ..!भोजराम साहू संपादक हमारा दल्ली राजहरा निष्पक्ष समाचार चैनल 98937 65541 Spread the lovePost navigationजनसेवा और संगठन निष्ठा का सम्मान: सोमेश जायसवाल बने भाजपा झुग्गी झोपड़ी प्रकोष्ठ के संयोजक कुसुम कसा मण्डल में आत्मनिर्भर भारत पर मासिक बैठक, तिरंगा यात्रा और संत रविदास जयंती वर्ष की बनी कार्य योजना ।