दल्ली राजहरा मंगलवार 11 जुलाई 2026 भोज राम साहू 9893 765541 28 अगस्त को रक्षाबंधन दल्लीराजहरा डाकघर में 1000 लिफाफे उपलब्ध। रोज 200-300 राखियां हो रही हैं डिलीवर रक्षाबंधन का पर्व इस बार 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। बहनों के प्यार को बारिश और दूरी से बचाने के लिए डाक विभाग ने खास इंतजाम किए हैं। इस बार डाकघरों में वाटरप्रूफ राखी लिफाफे और बॉक्स की व्यवस्था की गई है।वाटरप्रूफ लिफाफे – बारिश की चिंता खत्म रक्षाबंधन अक्सर बारिश के मौसम में आता है, जिससे पारंपरिक लिफाफों में भेजी गई राखियों के खराब होने का डर रहता है। इसी को ध्यान में रखते हुए डाक विभाग ने खास राखी थीम पर प्रिंटिंग वाले वाटरप्रूफ लिफाफे और बॉक्स तैयार किए हैं।दल्लीराजहरा डाकघर के पोस्टमास्टर जयप्रकाश जायसवाल ने बताया कि ये लिफाफे मुलायम, मजबूत और पूरी तरह वाटरप्रूफ कागज से बने हैं। छोटा लिफाफा 11X22 सेमी – मूल्य 10 रुपये – इसमें 1-2 राखी आसानी से भेजी जा सकती है। दल्लीराजहरा डाकघर में बिक्री के लिए 1000 लिफाफे मंगवाए गए हैं।106 देशों में भेजें राखी श्री जायसवाल ने बताया कि बहनें अपनी राखी न सिर्फ भारत में, बल्कि विदेशों में रह रहे भाइयों को भी भेज सकती हैं। डाक विभाग के माध्यम से कुल 106 देशों में स्पीड पोस्ट से राखी भेजने की सुविधा उपलब्ध है।रोज 200-300 राखियों का वितरण पोस्टमास्टर ने बताया कि वर्तमान में प्रतिदिन 200 से 300 राखियां दल्लीराजहरा डाकघर में वितरण के लिए पहुंच रही हैं। इन्हें उसी दिन प्राप्तकर्ता तक पहुंचाया जा रहा है। राखियों के वितरण के लिए डाकघर में विशेष व्यवस्था की गई है।डाकघर में गंगाजल और तिरंगा भी उपलब्ध सावन के महीने में भगवान शिव की पूजा के लिए डाकघर में गंगोत्री का पवित्र गंगाजल भी उपलब्ध कराया गया है। 250 ML की बोतल मात्र 30 रुपये में मिल रही है। सावन में इसकी मांग कई गुना बढ़ गई है।इसके साथ ही ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत डाकघर में तिरंगा झंडा 25 रुपये में उपलब्ध है।भाई-बहन के रिश्ते को डाक की सौगात पोस्टमास्टर जयप्रकाश जायसवाल ने कहा कि डाक विभाग का प्रयास है कि कोई भी बहन अपने भाई को राखी भेजने से वंचित न रहे। भावनात्मक संदेश समय पर और सुरक्षित तरीके से पहुंचे, इसके लिए सभी इंतजाम किए गए हैं।Spread the lovePost navigationमहेंद्र गंजीर ने नगरपालिका अध्यक्ष को दिया ज्ञापन 15 अगस्त से पहले राजा बाड़ा स्कूल में पेयजल व्यवस्था करने और टंकी की सफाई की मांग । “एक पेड़ माँ के नाम” के संकल्प के साथ गांधी विद्या मंदिर में मनाया गया छत्तीसगढ़ का पहला त्यौहार हरेली ।