दल्ली राजहरा शनिवार 15 अगस्त 2026 भोजराम साहू 9893 765541“अंग्रेज गए, शोषण बाकी है” …!– छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा एवं छत्तीसगढ़ माइंस श्रमिक संघ दल्ली राजहरा ने अपने कार्यालय में 80वां स्वतंत्रता दिवस संघर्ष, एकता और जनअधिकारों की रक्षा के संकल्प के साथ मनाया। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 9 बजे ध्वजारोहण से हुई। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी पुरुष और महिला मोर्चा ने अलग-अलग ध्वजारोहण किया। पुरुष वर्ग की ओर से मुक्ति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष जनक लाल ठाकुर, श्रमिक संघ के अध्यक्ष सोमनाथ उइके, उपाध्यक्ष सुरेंद्र साहू, शैलेश बम्बोडे और रामचरण नेताम ने संयुक्त रूप से ध्वज फहराया। वहीं महिला मुक्ति मोर्चा की ओर से पूर्व अध्यक्ष घासनीन बाई, वर्तमान अध्यक्ष सावित्री जगनायक, जोहरीन बाई और चंद्रिका बाई ने ध्वजारोहण किया। ध्वजारोहण के पश्चात सभी ने राष्ट्रगान गाया।कार्यक्रम का संचालन नासिक यादव ने किया। वक्ताओं ने स्वतंत्रता आंदोलन के शहीदों को नमन करते हुए कहा कि आजादी के 80 साल बाद भी मजदूर, किसान, युवा और आम जनता अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। शैलेश बम्बोडे ने कहा कि वर्तमान नीतियों से मजदूरों के अधिकार कमजोर किए जा रहे हैं। कम मजदूरी देकर अधिक मुनाफा कमाने की व्यवस्था को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने शहीद शंकर गुहा नियोगी के संघर्षों को याद करते हुए मजदूरों से एकता मजबूत करने की अपील की।ग्रीन कमांडो वीरेंद्र कुमार ने शंकर गुहा नियोगी के पर्यावरण संरक्षण के कार्यों को याद किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण को बचाने के लिए पौधारोपण को जनअभियान बनाना होगा। साथ ही बच्चों और युवाओं को नशे की लत से दूर रखने के लिए समाज को आगे आना होगा।सुरेंद्र साहू ने कहा कि देश राजनीतिक रूप से आजाद हो चुका है, लेकिन मजदूर, किसान और युवा आज भी अपने हक के लिए लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिना संघर्ष के कोई अधिकार नहीं मिलता, इसलिए हमें संगठित रहकर अपनी लड़ाई जारी रखनी होगी। रामचरण नेताम ने कहा कि हर हाथ को काम और युवाओं को रोजगार मिलना चाहिए। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे जनता की समस्याओं को गंभीरता से लें और नशे के खिलाफ व्यापक अभियान चलाएं।महिला मुक्ति मोर्चा की पूर्व अध्यक्ष घासनीन बाई ने कहा कि छत्तीसगढ़ के जल, जंगल, जमीन और प्राकृतिक संसाधनों का लगातार दोहन हो रहा है। उन्होंने कहा कि संसाधनों की लूट और दमन के खिलाफ संघर्ष संख्या से नहीं बल्कि हौसले और एकता से जीता जाएगा। छत्तीसगढ़ माइंस श्रमिक संघ के अध्यक्ष सोमनाथ उइके ने स्वतंत्रता दिवस की बधाई देते हुए कहा कि देश की आजादी के लिए हजारों देशभक्तों ने अपना जीवन कुर्बान किया। आजादी के बाद देश में औद्योगिक विकास और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के प्रयास हुए। उस दौर में किसान खेतों तक पानी पहुंचाने और मजदूर सम्मानजनक मजदूरी तथा बेहतर जीवन के लिए संघर्ष कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आज भी मजदूर, किसान और आम जनता की समस्याएं खत्म नहीं हुई हैं। देश में अघोषित आपातकाल का दौर चल रहा है। 1977 के दल्ली राजहरा गोलीकांड के संघर्षों को याद करते हुए उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए जनता को संगठित रहना होगा। सोमनाथ उइके ने खनिज विकास विनियमन 1957 में होने वाले संभावित बदलावों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जिस राज्य की जमीन और प्राकृतिक संसाधनों से खनिज निकलता है, उस पर राज्य और स्थानीय जनता का अधिकार तथा उसका उचित लाभ सुनिश्चित होना चाहिए। संसद में बिना पर्याप्त चर्चा के कानूनों में बदलाव करने की प्रवृत्ति लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर सवाल खड़े करती है।मुक्ति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष जनक लाल ठाकुर ने कहा कि 1947 में अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई इसलिए स्पष्ट थी क्योंकि वे दूसरे देश से आए शासक थे और देश के संसाधनों का दोहन कर रहे थे। लेकिन आज भी यदि देश की जनता के प्राकृतिक संसाधनों का लाभ आम जनता के बजाय बड़े पूंजीपतियों को मिलता है, तो यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आजादी का वास्तविक अर्थ क्या है। उन्होंने कहा कि आजादी केवल अंग्रेजों से सत्ता हासिल करने का नाम नहीं था, बल्कि शोषण, अन्याय और लूट से मुक्ति का सपना भी था। देश की जल, जंगल और जमीन जनता के जीवन का आधार है। इन संसाधनों पर स्थानीय लोगों के अधिकारों और हितों की रक्षा होनी चाहिए। जाति और धर्म के नाम पर समाज को बांटने से जनता की वास्तविक समस्याएं पीछे चली जाती हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की खनिज संपदा और प्राकृतिक संसाधनों का लाभ यहां के मजदूरों, किसानों और स्थानीय जनता को मिले, यही सच्ची आजादी की दिशा में कदम होगा।कार्यक्रम के अंत में कोषाध्यक्ष राजाराम बरगद ने सभी आए साथियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर संगठन मंत्री तुलसी कोला, नम्मू यादव, राधे, मोहन, राजेश, ब्रह्मे, तिलक, विजय, योगेश, हितेश, यशवंत, विक्की सहित छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा व माइंस श्रमिक संघ के सभी कार्यकर्ता और पदाधिकारी उपस्थित थे।Spread the lovePost navigation“साइबर जागृति की एक सेल्फी”: बालोद जिला पुलिस का 15 अगस्त से 7 सप्ताह का महा अभियान । कलयुगी बेटे ने शराब के नशे में पीढ़े से मारकर की मां की हत्या डौंडी थाने के ग्राम घोठिया का मामला।