दल्ली राजहरा रविवार 23 अगस्त 2026 भोजराम साहू 9893 765541
( वीडियो में देखें भालू से नन्हे बच्चे को अजय गिरी ने कैसे बचाया)
 शहर के विभिन्न वार्डों में पिछले दो साल से भालुओं का घूमना जारी है। कभी वार्ड 2 तो कभी वार्ड 5, कभी वार्ड 3 माइंस ऑफिस के पास तो कभी वार्ड 23 और पुराना बाजार क्षेत्र में भालू देखे जाते रहे हैं। लेकिन पिछले डेढ़ माह से इन भालुओं ने नगर के आराध्य देव राजहरा बाबा मंदिर परिसर को ही अपना ठिकाना बना लिया है, जिससे भक्तों में दहशत है।
मंदिर के पुजारी अजय गिरी  ने बताया कि पिछले डेढ़ माह से प्रतिदिन शाम को भालुओं का युवा जोड़ा मंदिर परिसर में आ रहा है। कभी अंधेरा होते ही तो कभी 6 बजे से पहले ही यह जोड़ा पहुंच जाता है। लगभग डेढ़ माह पहले उनका 3 साल का बेटा मंदिर से नीचे उतर रहा था तभी बजरंगबली के छोटे मंदिर से भालू जोड़ा बाहर निकला, जिसे देखकर उन्होंने दौड़कर बच्चे को मंदिर के अंदर सुरक्षित किया।
पुजारी ईश्वर गिरी ने बताया कि दोनों भालू माइंस की तरफ से आकर भैरव बाबा के पास से होते हुए पहले बजरंगबली मंदिर में घुसते हैं, भक्तों द्वारा चढ़ाए गए श्रीफल को तोड़कर खा जाते हैं और रात में मां अंबे के मंदिर के पास विश्राम करते हैं। कई बार तो हवन कुंड के अंदर भी घुसकर सो जाते हैं और सुबह दीवार फांदकर जंगल की ओर चले जाते हैं। अभी तक जनहानि नहीं हुई है, लेकिन भविष्य के खतरे से इनकार नहीं किया जा सकता।
वन परिक्षेत्र अधिकारी संतोष ठाकुर ने क्या कहा ?
इस संबंध में राजहरा वन परिक्षेत्र अधिकारी संतोष ठाकुर ने बताया कि मामला संज्ञान में आते ही वन विभाग की टीम को गश्त पर लगा दिया गया है। मंदिर परिसर और आसपास के जंगल में लगातार निगरानी की जा रही है। उन्होंने पुजारी महाराज से अपील की है कि श्रीफल और प्रसाद मंदिर परिसर में खुला न छोड़ें, क्योंकि खाने की गंध से भालू आकर्षित होते हैं। वन विभाग ने भक्तों से भी शाम के समय सतर्क रहने की अपील की है।
जंगलों की अंधाधुंध अवैध कटाई के कारण जंगली पशुओं के सामने रहने और खाने का संकट खड़ा हो गया है, जिसके कारण वे अब रिहायशी इलाकों में आ रहे हैं।
 जंगली भालू से बचने के उपाय

 

1. शाम 5 बजे के बाद जंगल, माइंस और सुनसान मंदिर मार्ग पर अकेले न जाएं।
2. श्रीफल, प्रसाद, खाने का सामान और कचरा खुला न छोड़ें।
3. भालू दिखे तो शोर न मचाएं, पत्थर न मारें, फोटो लेने के लिए नजदीक न जाएं।
4. बच्चों और बुजुर्गों को अकेले जंगल किनारे न भेजें।

5. भालू से सामना हो जाए तो भागें नहीं – भालू इंसान से तेज दौड़ता है। धीरे-धीरे पीछे हटें, उसकी तरफ पीठ न करें। पेड़ पर चढ़ने की कोशिश न करें, भालू पेड़ पर भी चढ़ जाता है। 
6. तुरंत वन विभाग को सूचना दें – 1926 हेल्पलाइन या राजहरा वन कार्यालय को।
7. घर और मंदिर के आसपास साफ-सफाई रखें और शाम होते ही दरवाजे बंद रखें।
Spread the love
Bhojram Sahu

By Bhojram Sahu

प्रधान संपादक "हमारा दल्ली राजहरा: एक निष्पक्ष समाचार चैनल"

You missed

error: Content is protected !!