दल्ली राजहरा सोमवार 14 सितंबर 2026 भोजराम साहू 9893 765541 जनपद सदस्य मंजू संजय बैस ने भेंट की श्रृंगार सामग्री, हिंदू-मुस्लिम एकता बनी मिसाल । हरितालिका तीज की पूर्व संध्या पर कुसुमकसा के शिव मंदिर प्रांगण में आस्था और परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिला। यहां 11वें वर्ष लगातार चली आ रही “करुभात परंपरा” का भव्य आयोजन हुआ, जिसमें हजारों सुहागिनों और युवतियों ने एक साथ बैठकर करुभात का प्रसाद ग्रहण किया।कार्यक्रम का शुभारंभ मंदिर के पुजारी लखन गिरी गोस्वामी द्वारा भगवान भोलेनाथ की विधिवत पूजा और सामूहिक महाआरती से हुआ। इसके बाद जनपद सदस्य श्रीमती मंजू संजय बैस ने भगवान शिव का पूजन-अर्चन कर श्रृंगार सामग्री अर्पित की और सभी बहनों के अखंड सौभाग्य की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित हजारों बहनों को श्रृंगार सामग्री भेंट कर हरितालिका तीज की शुभकामनाएं दीं। उनकी इस पहल की सभी महिलाओं ने दिल से सराहना की।https://hamaradallirajhara.in/wp-content/uploads/2026/09/VID-20260914-WA0025.mp4 “भाईचारे के साथ परोसा गया करुभात” पूजा के बाद वर्षों पुरानी परंपरा के अनुसार सभी बहनें पंगत में एक साथ बैठीं। करुभात आयोजन समिति के सदस्यों ने बड़े प्रेम और सेवा भाव से हलवा, दाल-चावल और करेले की सब्जी का प्रसाद परोसा। एक साथ भोजन करते हुए बहनों ने अपनी पुरानी सहेलियों से मिलकर बचपन की यादें ताजा की, जिससे पूरा मंदिर परिसर उल्लास और आत्मीयता से भर उठा। दिवंगत शिक्षक की शुरू की हुई परंपरा आज भी जारीयह परंपरा आज से 11 वर्ष पूर्व गांव के दिवंगत शिक्षक स्वर्गीय अवध पिस्दा जी के नेतृत्व में शुरू हुई थी। उनके जाने के बाद भी गांव के लोगों ने उसी समर्पण और एकता के साथ इस परंपरा को जीवित रखा है। इस आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता रही सामाजिक समरसता।हिंदू समाज के साथ-साथ मुस्लिम समाज के भाइयों ने भी बढ़-चढ़कर सहयोग किया और तन-मन से सेवा की, जिससे कुसुमकसा की गंगा-जमुनी तहजीब और सामाजिक सौहार्द की मिसाल एक बार फिर देखने को मिली। कार्यक्रम को सफल बनाने में शंकर पिस्दा, गोविंद सिन्हा, नंदकिशोर पिस्दा, वाय.पी. गांगुली, श्यामलाल लेड़िया, राजू सिन्हा, डॉ. नसीम खान, सुरेश कोठारी, गांधी सिन्हा, गंगाधर लेड़िया, संतोष जैन, जगन्नाथ सिवाना, अब्दुल हसीब खान, अरविंद साहू, सोमनाथ रावटे, सरपंच वेद बाई पिस्दा, वार्ड पंच पुष्पजीत बैस, पूनम सिन्हा, जीवन साहू, नितिन जैन, राम जानकी सेवा समिति के अध्यक्ष गौरी शंकर साहू सहित समस्त ग्रामवासियों का विशेष सहयोग रहा। “संस्कृति और समरसता का उत्सव है तीज” – संजय बैसइस अवसर पर भाजपा नेता एवं पूर्व जनपद सदस्य संजय बैस ने कहा कि तीज पर्व हमारी मातृशक्ति की आस्था और परिवार की खुशहाली का प्रतीक है। कुसुमकसा का यह आयोजन इस बात का प्रमाण है कि जब पूरा गांव एक परिवार बनकर परंपरा निभाता है, तब संस्कृति मजबूत होती है। हिंदू-मुस्लिम भाइयों का एक साथ इस आयोजन को सफल बनाना ही कुसुमकसा की असली पहचान है।Spread the lovePost navigationपार्षद और लोक गायिका टी. ज्योति की नगरवासियों से अपील – मोदी जी के जन्मदिन पर जलाएं ‘आशीर्वाद का दीया’ ।