दल्ली राजहरा सोमवार 28 सितम्बर 2026 भोजराम साहू 9893 765541

 

 जिला जेल बालोद में रविवार दिनांक 28 सितंबर 2026 को निरीक्षण सह परामर्श गोष्ठी एवं मिशन वात्सल्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जिला बाल संरक्षण इकाई, महिला एवं बाल विकास विभाग जिला बालोद द्वारा जेल प्रशासन के सहयोग से आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से एस.पी. कुर्रे (सहायक जेल अधीक्षक), गजानंद साहू (जिला बाल संरक्षण अधिकारी), कृष्णा साहू (अध्यक्ष, बाल कल्याण समिति), गायत्री साहू (सामाजिक कार्यकर्ता, किशोर न्याय बोर्ड), किरण सिन्हा (मनोनीत सदस्य, जेल निरीक्षण समिति), वेद साहू (परियोजना समन्वयक, CHL-1098), डॉ. एस. कुमार (मिशन शक्ति) सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

 

200 विचाराधीन बंदियों को किया जागरूक
कार्यक्रम के दौरान जेल में निरुद्ध कुल 200 विचाराधीन बंदियों को बाल संरक्षण से संबंधित महत्वपूर्ण कानूनों के बारे में विस्तृत जानकारी देकर जागरूक किया गया,
जिसमें प्रमुख रूप से –

– बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006
– लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (POCSO) 2012
– किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम 2015 शामिल हैं।

 

श्रीमती किरण सिन्हा का उद्बोधन –

 

जेल निरीक्षण समिति की मनोनीत सदस्य श्रीमती किरण सिन्हा ने अपने उद्बोधन में कहा कि,“जेल केवल सजा का स्थान नहीं, बल्कि सुधार का भी केंद्र है। हम सभी को यह समझना होगा कि बच्चों से जुड़े अपराध अत्यंत गंभीर श्रेणी में आते हैं। अनजाने में भी किया गया अपराध पूरे परिवार और समाज के भविष्य को प्रभावित करता है।”

उन्होंने आगे कहा कि, “बाल विवाह आज भी हमारे समाज में एक बड़ी कुरीति है। 18 वर्ष से कम उम्र की बालिका और 21 वर्ष से कम उम्र के बालक का विवाह कानूनन अपराध है और इसमें सहयोग करने वाले भी दंड के भागी होते हैं। इसी प्रकार POCSO अधिनियम बच्चों को यौन शोषण से सुरक्षा प्रदान करता है। बच्चों के प्रति किसी भी प्रकार का गलत व्यवहार, छेड़छाड़ या शोषण अक्षम्य अपराध है, जिसकी सजा बहुत कठोर है।”

 

श्रीमती सिन्हा ने बंदियों से अपील करते हुए कहा कि वे जेल से बाहर जाकर समाज में इस जागरूकता को फैलाएं और अपने परिवार व आसपास के लोगों को इन कानूनों के प्रति सचेत करें ताकि हम एक सुरक्षित और संरक्षित बचपन का निर्माण कर सकें।

 

कार्यक्रम के अंत में सभी अधिकारियों द्वारा बंदियों की समस्याएं सुनी गईं और उन्हें विधिक सहायता एवं परामर्श भी दिया गया।
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Bhojram Sahu

By Bhojram Sahu

प्रधान संपादक "हमारा दल्ली राजहरा: एक निष्पक्ष समाचार चैनल"

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