दल्ली राजहरा गुरुवार 01 अक्टूबर 2026 भोजराम साहू 9893 765541 लाल सलाम के नारों के बीच दल्ली राजहरा में शहीद-ए-आजम भगत सिंह की 119वीं जयंती और मजदूर आंदोलन के प्रणेता शंकर गुहा नियोगी के 35वें शहादत दिवस को हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का आयोजन छत्तीसगढ़ राज्य खदान श्रमिक संघ एवं भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी इकाई दल्ली राजहरा द्वारा किया गया।गौरतलब है कि 28 सितंबर 1907 को भगत सिंह का जन्म हुआ था, वहीं इसी तारीख 28 सितंबर 1991 को दल्ली राजहरा के मजदूर आंदोलन के जनक शंकर गुहा नियोगी ने शहादत प्राप्त की थी। इस ऐतिहासिक संयोग पर दोनों महान क्रांतिकारियों को याद कर उनके विचारों और योगदान पर चर्चा की गई।कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के जिला सचिव अनिल यादव मौजूद रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि शंकर गुहा नियोगी ने दल्ली राजहरा में मजदूर युग की शुरुआत की। उन्होंने मशीनीकरण को मजदूर वर्ग के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया और पूंजीपति व्यवस्था के खिलाफ मजदूरों की आवाज को बुलंद किया। इसी कारण उन्हें धोखे से मार दिया गया।अनिल यादव ने आगे कहा कि शहीद-ए-आजम भगत सिंह की कुर्बानी देश की आजादी और समानता का प्रतीक है। उनका युवा जज्बा और देश के लिए दिया गया बलिदान अतुलनीय है। आज पूरा देश उन्हें सलाम करता है। देश का हर युवा भगत सिंह को पढ़ता है, समझता है और उनकी राह पर चलने की प्रेरणा लेता है।इस अवसर पर अजय मिश्रा, गौतम बैरा, इंद्र साहू, अमरीक सिंह, निशांत, विजेंद्र मीणा, तारम, पंकज ताम्रकर, चंद्रभान साहू, मंगल, रौनक साहू, विनोद कुमार, गणेशराम, शत्रुघ्न, युवराज साहू सहित यूनियन के सभी सम्मानित साथी मौजूद रहे। सभी वरिष्ठ साथियों ने अपने विचार रखे। कार्यक्रम का संचालन जोहन सिन्हा द्वारा किया गया और समापन निशांत द्वारा किया गया।Spread the lovePost navigationपौधा भेंट कर जयदीप गुप्ता को जन्मदिन की बधाई, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश दल्ली राजहरा में 2 अक्टूबर को गांधी-शास्त्री जयंती पर कांग्रेस का स्वच्छता अभियान और नुक्कड़ सभा ।