दल्ली राजहरा 08 अक्टूबर 2026 भोजराम साहू 9893 765541 छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ, जिला दुर्ग ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जिला परामर्शदात्री समिति की बैठक में लिए गए निर्णयों का पालन विभागों द्वारा नहीं किए जाने पर कर्मचारी संघ ने गंभीर नाराजगी व्यक्त की है। संघ के प्रांतीय महामंत्री विजय लहरे, वरिष्ठ प्रांतीय उपाध्यक्ष प्रदीप बाबा चौहान, जिलाध्यक्ष भानु प्रताप यादव एवं जिला सचिव शिवदयाल घृतलहरे ने आज कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी, दुर्ग को ज्ञापन सौंपा और कर्मचारियों की लंबित समस्याओं के निराकरण के लिए संबंधित विभागीय अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश जारी करने की मांग की। संघ ने कहा कि जिला परामर्शदात्री समिति की बैठक में कर्मचारियों की सेवा संबंधी समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए थे, इसके बावजूद विभागीय स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है। इसके कारण कर्मचारियों के महत्वपूर्ण सेवा स्वत्व एवं सेवानिवृत्ति संबंधी प्रकरण अनावश्यक रूप से महीनों से लंबित पड़े हैं, जिससे पूरे कर्मचारी वर्ग में भारी असंतोष है।कर्मचारी संघ ने 4 प्रमुख समस्याएं उठाईं –1. समयबद्ध पदोन्नति में लापरवाही:जिले के विभिन्न विभागों में पद रिक्त होने के बावजूद विभागीय पदोन्नति समितियों (DPC) की बैठकें समय पर आयोजित नहीं की जा रही हैं। इसके कारण कई पात्र कर्मचारी पदोन्नति का लाभ लिए बिना ही सेवानिवृत्त हो रहे हैं, जो उनके साथ घोर अन्याय है।2. समयमान वेतनमान के प्रकरण अटके:कर्मचारियों के समयमान वेतनमान से संबंधित सैकड़ों प्रकरण विभागों एवं कोषालय स्तर पर अनावश्यक रूप से लंबित रखे गए हैं। बाबूगिरी के कारण फाइलें महीनों से धूल खा रही हैं।3. पेंशन एवं सेवानिवृत्ति स्वत्वों में देरी:यह सबसे गंभीर मुद्दा है। सेवानिवृत्त कर्मचारियों के पेंशन, ग्रेच्युटी, अर्जित अवकाश नगदीकरण एवं समूह बीमा योजना से संबंधित भुगतान में भारी विलंब हो रहा है। सेवानिवृत्ति के बाद भी कर्मचारियों को अपने ही हक के लिए दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।4. सेवापुस्तिका का संधारण नहीं:कर्मचारियों की सेवापुस्तिकाओं का समय पर संधारण एवं सत्यापन नहीं होने के कारण अंतिम भुगतान एवं सेवानिवृत्ति स्वत्वों के प्रकरणों में अनावश्यक रुकावट पैदा हो रही है।15 दिवसीय विशेष अभियान की मांग, नहीं तो आंदोलन –कर्मचारी संघ ने जिले के सभी विभागाध्यक्षों को निर्देशित कर लंबित पदोन्नति, समयमान वेतनमान, पेंशन एवं सेवानिवृत्ति स्वत्वों के निराकरण के लिए 15 दिवसीय विशेष अभियान चलाने की मांग की है।साथ ही संघ ने जिला परामर्शदात्री समिति में लिए गए निर्णयों के पालन की समयबद्ध समीक्षा के लिए एक निगरानी समिति गठित करने का भी सुझाव दिया है।संघ ने कहा है कि यदि निर्धारित 15 दिनों के भीतर इन समस्याओं का ठोस समाधान नहीं किया गया तो कर्मचारी संघ चरणबद्ध आंदोलन एवं धरना-प्रदर्शन के लिए बाध्य होगा। इसकी समस्त जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। Spread the lovePost navigationदल्ली राजहरा की बेटी का कमाल: कोहाना कुमेटी करेंगी राष्ट्रीय स्तर पर मध्य क्षेत्र का प्रतिनिधित्व, असम में दिखाएंगी योग का दम । बालोद पुलिस का बड़ा एक्शन: 24 घंटे में 64 आरोपियों पर कार्रवाई, महिला सुरक्षा और नशे के खिलाफ सघन अभियान ।