दल्ली राजहरा सोमवार 26 अक्टूबर 2026 भोजराम साहू 9893 765541 बच्चों को विज्ञान सीखने का मौका मिल रहा था, तो योजना को हटाने की मांग क्यों…? 100 बेड अस्पताल और केंद्रीय विद्यालय के बाद अब विज्ञान केंद्र भी छीनने की साजिश का आरोप दल्ली राजहरा के पास ग्राम पथराटोला में प्रस्तावित विज्ञान केंद्र को लेकर अब सियासत गरम हो गई है। भाजपा नेता द्वारा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र सौंपकर योजना पर पुनर्विचार की मांग के बाद छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा ने मोर्चा खोल दिया है।मोर्चा का सीधा सवाल है – वर्षों से बदहाली झेल रहे इस क्षेत्र की अब याद कैसे आई? बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ क्यों?मुक्ति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष जनक लाल ठाकुर ने कहा, क्षेत्र के बच्चे लंबे समय से बेहतर शिक्षा के लिए तरस रहे हैं। जब पहली बार उनके लिए विज्ञान केंद्र जैसी अच्छी योजना आई, तो उसे हटाने की बात क्यों हो रही है? उन्होंने कहा, विज्ञान केंद्र से बच्चों में वैज्ञानिक सोच पैदा होगी, प्रयोग करके सीखने का मौका मिलेगा। ऐसे पिछड़े क्षेत्र के लिए ये किसी वरदान से कम नहीं है। फिर इसका विरोध क्यों ?लाल पानी की आड़ में साजिश का आरोप मोर्चा ने गंभीर आरोप लगाया है। मोर्चा का कहना है कि भाजपा नेता इस योजना को यहां से हटाकर अपने क्षेत्र में ले जाने की कोशिश कर रहे हैं। मोर्चा के अनुसार, केवल लाल पानी की आड़ में बच्चों से विज्ञान केंद्र का लाभ छीनने की साजिश हो रही है। पहले भी छिन चुका है बहुत कुछ मोर्चा ने याद दिलाया कि पहले भी दल्ली राजहरा से राजनीति करके 100 बिस्तर अस्पताल और केंद्रीय विद्यालय को छीन लिया गया। अब वही खेल विज्ञान केंद्र के साथ हो रहा है। मोर्चा ने सवाल उठाया – लंबे समय से इस क्षेत्र में बीजेपी के सांसद रहे हैं, लेकिन तब मूलभूत समस्याएं इन्हें क्यों नहीं दिखी? शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सड़क, पानी – सब पर चुप्पी क्यों थी? अब जब बच्चों के लिए कुछ अच्छा हो रहा है, तो उसे हटाने की कोशिश क्यों? विज्ञान केंद्र से मिलेगी नई दिशाछत्तीसगढ़ माइंस श्रमिक संघ के अध्यक्ष सोमनाथ उइके ने कहा, विज्ञान केंद्र बच्चों को नई दिशा देगा। जहां बच्चों को किताबों के अलावा कुछ नहीं मिलता, वहां प्रयोगशाला, विज्ञान के मॉडल, नई तकनीक देखने को मिलेगी। उन्होंने कहा, विकास का मतलब सिर्फ पत्र सौंपना नहीं है। विकास का मतलब है, बच्चों को मौका देना। मोर्चा की मांग – जनता की राय लोमुक्ति मोर्चा ने साफ कहा है, विकास का कोई भी फैसला राजनीतिक हितों से नहीं, बल्कि स्थानीय जनता की जरूरत और बच्चों के भविष्य को देखकर होना चाहिए। यदि योजना में कोई व्यावहारिक समस्या है, तो उसे तथ्यों के साथ सामने लाया जाए। स्थानीय जनता की राय को महत्व दिया जाए। सभी तथ्य सार्वजनिक किए जाएं। मोर्चा ने कहा, क्षेत्र के विकास पर चर्चा करते समय स्थानीय लोगों को केंद्र में रखना होगा। केवल पत्राचार से विकास नहीं होगा। Spread the lovePost navigation3 दिन में 3 मौत! बालोद- दल्ली मार्ग बना मौत का हाईवे, असली जिम्मेदार कौन..? चिखली की दो बेटियों का कमाल, 26वीं राज्य स्तरीय फुटबॉल में हुआ चयन, अब खेलेंगी दुर्ग संभाग के लिए ।