दल्ली राजहरा रविवार 25 अक्टूबर 2026 भोजराम साहू 9893 765541 3 दिन में 3 दुर्घटना, 3 लोगों की गई जानडौंडी – आनंद सिंह (33)सिवनी – भगवती साहू (50)कुसुमकसा – व्याख्याता नितेश खरे (38)तीनों हादसे 40 KM के अंदर। दल्लीराजहरा में अंधाधुंध पार्किंग के आगे बौना साबित हुआ सिस्टम छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में महज 3 दिन के अंदर 3 सड़क हादसों में 3 लोगों की मौत हो गई है और कई घायल हैं। तीनों हादसे महज 40 किलोमीटर के दायरे में हुए हैं। हर बार पुलिस ने तेज रफ्तार को जिम्मेदार बताया, चालान काटा, कार्रवाई की बात कही, लेकिन सवाल आज भी वही है – मौत की असली जिम्मेदार कौन है?शराब पीकर अंधाधुंध गाड़ी चलाने वाले चालक तो दोषी हैं ही, लेकिन जिस तरह प्रशासन वाहन मालिकों के सामने बौना साबित हो रहा है, उससे साफ है कि शासन भी अपनी जिम्मेदारी निभाने में कोताही बरत रहा है। हादसा – 1 : डौंडी में माइंस कर्मचारी की मौत24 अक्टूबर, शनिवार रात करीब 10:30 बजे डौंडी थाना क्षेत्र में जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के पास दुर्गा मंदिर के आगे अंकित चाय दुकान के पास तेज रफ्तार कार (CG 04 QC 8930) ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार के अगले हिस्से को नुकसान पहुंचा और बाइक सवार आनंद सिंह (33) गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे बचाने का प्रयास किया गया, लेकिन उसकी मौके पर ही मौत हो गई। आनंद सिंह कच्चे माइंस में काम करने के बाद घर लौट रहा था। वह दल्लीराजहरा की रेलवे कॉलोनी के वार्ड-26 का निवासी था। वह रेलवे कर्मचारी महेश सिंह का इकलौता बेटा था। सूचना मिलते ही डौंडी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया। कार चालक को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी गई है।हादसा – 2 : सिवनी में मां की मौत, 3 घायल, ग्रामीणों ने किया चक्काजाम24 अक्टूबर, शनिवार शाम करीब 7:30 बजे बालोद जिला मुख्यालय से लगे ग्राम सिवनी में कार की टक्कर से बाइक सवार भगवती साहू (50) की मौत हो गई। हादसे में दो बच्चियों समेत तीन लोग घायल हो गए।जानकारी के मुताबिक, अंगारी के रहने वाले भोज कुमार साहू (28) अपनी मां भगवती साहू और दो बच्चियों कनिका, काव्या को बाइक पर बैठाकर बालोद से गांव लौट रहे थे। इसी दौरान झलमला से बालोद की ओर जा रही कार ने बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक सवार चारों लोग सड़क किनारे नहर में जा गिरे। चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे। उन्होंने नहर में उतरकर सभी को बाहर निकाला, लेकिन तब तक भगवती साहू की मौत हो चुकी थी। घायलों को जिला अस्पताल बालोद में भर्ती कराया गया है। हादसा – 3 : कुसुमकसा में व्याख्याता को अज्ञात कार ने कुचला, चालक फरार22 अक्टूबर, गुरुवार शाम 4 बजे नेशनल हाईवे 930 दल्ली-बालोद मुख्य मार्ग पर कुसुमकसा स्थित जानकी पेट्रोल पंप के पास पीछे से आ रहे तेज रफ्तार अज्ञात कार ने व्याख्याता नितेश खरे (38) को टक्कर मार दी। हादसे में घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई।मृतक हाईस्कूल भैसबोड में अध्यापन कार्य कराकर अपने घर कुसुमकसा आ रहा था। वह शाम 4 बजे आसपास जानकी पेट्रोल पंप के पास सड़क किनारे खड़ा था, तभी पीछे से आए अज्ञात कार ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही वह सड़क पर गिर पड़ा।वाहन की रफ्तार इतनी तेज थी कि टक्कर मारने के बाद चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत डायल 112 और पुलिस को सूचना दी। सिर और शरीर में गंभीर चोट आने से उसकी मौके पर ही मौत हो चुकी थी। सूचना मिलते ही दल्लीराजहरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा तैयार किया और पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भिजवाया। पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ अपराध दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है। सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। अब असली सवाल – मौत की जिम्मेदारी किसकी..? तीनों हादसों में एक ही बात कॉमन है – तेज रफ्तार, शराब पीकर गाड़ी चलाना और बेलगाम चालक। शासन के कई चालान और कार्रवाई के बाद भी चालक शराब पीकर अंधाधुंध गाड़ी चलाकर घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। लेकिन दूसरी तरफ, कई जगह शासन भी जिम्मेदारी निभाने में कोताही बरत रहा है। जिले का सबसे बड़ा शहर दल्लीराजहरा आज वाहन चालकों के अतिक्रमण से त्रस्त हो गया है। चिखलाकसा से लेकर पुराना बाजार तक वाहन चालकों ने जहां मर्जी आई, गाड़ी खड़ी कर दी है। बीच बाजार में भी वक्त-बेवक्त गाड़ी खड़ी रहती है। श्रमवीर चौक से लेकर एम व्ही टी सेंटर तक इतनी गाड़ियां खड़ी रहती हैं कि आप गिनते रह जाओगे। सुबह से शाम तक गाड़ियां कब हिलती हैं, यह भी पता नहीं चलता। यही स्थिति नवनिर्मित जगन्नाथ मंदिर प्रांगण के पास है। सबसे व्यस्ततम मार्ग में माइंस ऑफिस से लेकर मुख्य मार्ग पेट्रोल पंप तक कई बार पुलिस के द्वारा कार्रवाई के बावजूद भी वाहन मालिकों के द्वारा पुलिस प्रशासन को ठेंगा दिखाया जा रहा है। उनका कहना है – तुमको जो करना है कर लो, हम यहां से हिलने वाले नहीं हैं। ना तो प्रशासन उनके ऊपर कार्रवाई कर पा रहा है और ना ही वाहन मालिक अपनी जिम्मेदारी समझ रहे हैं। स्टेट बैंक की पार्किंग पर भी कब्जा, पेवर ब्लॉक ने बर्बाद की सड़क नगर के सबसे बड़े बैंक स्टेट बैंक के ग्राहकों के लिए बीएसपी प्रशासन द्वारा एक बेहतरीन पार्किंग स्थल बनाया गया था, ताकि सड़कों पर वाहन खड़ा न रहे और रोड साफ-सुथरा बना रहे। लेकिन कई दुकानदारों और लोगों द्वारा बरसों से कई गाड़ियां ऐसी खड़ी कर दी गई हैं कि उनमें जंग लग चुका है। गाड़ियां वहां से हिल भी नहीं रही हैं।पार्किंग को बिगाड़ने का काम पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष ने भी कर दिया। पेवर ब्लॉक के नाम से लगभग 10 फीट चौड़ी सड़क को भी बर्बाद कर दिया। ना तो वह वहां वाहन खड़ा करने के काम आ रही है और ना ही लोगों को पैदल चलने के। ना तो स्टेट बैंक प्रशासन इसके ऊपर कार्रवाई कर पा रहा है और ना ही पुलिस प्रशासन। पूरी तरह से लापरवाह प्रशासन की जिम्मेदारी से कोई बड़ी दुर्घटना घट जाए, तो कोई बड़ी बात नहीं है। ऐसा लग रहा है कि राजहरा शहर के अंदर कोई बड़ी दुर्घटना का प्रशासन को इंतजार है, ताकि कुछ दिनों के लिए इस तरह की अंधाधुंध पार्किंग पर लगाम कस सके।एसपी की सख्ती के बाद भी फिर वही हाल जिला पुलिस अधीक्षक किरण गंगाराम चौहान के द्वारा कुछ दिन सख्ती करने पर राजहरा प्रशासन के द्वारा कार्रवाई तो की गई, लेकिन फिर वैसी की वैसी हो गई। जिससे यह साबित होता है कि प्रशासन सीधे इन लोगों के सामने बौना साबित हो चुका है।पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि हाईवे पर वाहन चलाते समय गति सीमा का पालन करें, ओवरटेकिंग से बचें और सतर्कता बरतें, ताकि ऐसे हादसों को रोका जा सके। लेकिन सवाल यह है कि अपील से कब तक काम चलेगा? कार्रवाई कब होगी। ?Spread the lovePost navigationसंडे मेगा स्टोरी की 58 वी कहानी में आज पढ़ें,कहते हैं कि हर सफल आदमी के पीछे औरत का हाथ होता है, पर इस औरत की सफलता के पीछे आदमी का हाथ है । पथरा टोला में विज्ञान केंद्र पर सियासत गरमाई, मुक्ति मोर्चा ने पूछा – वर्षों से बदहाल क्षेत्र की अब याद कैसे आई..?