दल्ली राजहरा शुक्रवार 22 अगस्त 2025 भोजराम साहू 98937 65541छत्तीसगढ़ माइंस श्रमिक संघ और छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए आज बालोद जिला मुख्यालय में बैठे एन एच एम स्वास्थ्य संविदा कर्मचारियों के आंदोलन को समर्थन दिया और उनकी 10 सूत्रीय मांगों को जायज़ करार देते हुए जल्द ही आंदोलन में उनके साथ शामिल होने और सरकार के खिलाफ उनकी मांगों को पूरी करने के लिए लड़ने के लिए तैयार है lछत्तीसगढ़ माइंस श्रमिक संघ के अध्यक्ष सोमनाथ उईके जी ने संविदा कर्मचारियों के आंदोलन को जायज़ ठहराया और सरकार ने चुनावी घोषणा पत्र में संविदा कर्मचारियों को नियमित करने की बात कह कर जीत तो हासिल कर ली मगर सरकार बनने के बाद इन्हीं संविदा कर्मचारियों से दूरी बना लिया आज जब विगत दिनों से जब संविदा कर्मचारी आंदोलन पर बैठे है l शासन प्रशासन कोई भी इनकी बातों को सुनने के लिए सामने नहीं आ रहा, झमाझम बारिश में भी ये संविदा कर्मचारियों अपनी मांगों को लेकर धरने में बैठे हुए है lआज हम देख रहे है कि आम जनता से लेकर चाहे वो नियमित कर्मचारी हो या संविदा कर्मचारी किसी न किसी मांगों को लेकर आज सड़क पर उतर आई है l सरकार का ऐसा तानाशाही रवैया शायद हमने कभी देखा हो सरकार से कोई भी वर्ग आज खुश नहीं, कोई भी विभाग जब धरना प्रदर्शन में उतर जाती है तो सरकारी काम काज चरमरा जाती है, और इसका प्रभाव सीधा आम जनता के ऊपर पड़ता है, एन एच एम स्वास्थ्य कर्मचारियों के आंदोलन में जाने से जिला स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था चरमरा गई है, बारिश में कई प्रकार की बीमारी जन्म लेती और ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के आंदोलन में जाने से सरकार को कोई फर्क नहीं पड़ रहा, जैसे सरकार को आम जनता की कोई चिंता ही नहीं है।छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष जनक लाल ठाकुर ने मोदी की गारंटी वाली बीजेपी सरकार अब पूरी तरह फिसड्डी हो चुकी है और ये सरकार कुछ भी नहीं कर पा रही आम जनता से लेकर स्वास्थ्य कर्मचारी तक हर वर्ग आज आंदोलन के माध्यम से सरकार के गलत नीतियों के खिलाफ खड़ी है, सरकार ने स्वास्थ्य कर्मचारियों के साथ छल किया है, सरकार की वादा खिलाफी बर्दाश्त के बाहर है, सरकार स्वास्थ्य विभाग के संविदा कर्मचारियों को नियमित करने, हर जिले में सिम्स खोलने,और हर ब्लॉक में डायलिसिस सेवा शुरू करने के लिए अपनी चुनावी घोषणा पत्र में शामिल किया था लेकिन सत्ता में आते मोदी की गारंटी वाली बीजेपी सरकार ने आम जनता से जैसे नाता तोड़ कर केवल पूंजीपतियों और अडानी अंबानी से रिश्ता बना रखा है, एन एच एम स्वास्थ्य संविदा कर्मचारियों के 27% वेतन वृद्धि, मेडिकल अवकाश, की स्वीकृति मिलने पर भी इनको आदेश क्यों नहीं दिया जा रहा है ? कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री और आलाधिकारियों से मिलने के बाद भी इनकी बातों को अनसुना किया रहा है, प्रदेश में मुख्यमंत्री के साथ दो दो उपमुख्यमंत्री होने बाद भी राज्य के कर्मचारियों और जनता का ऐसा हाल है। छत्तीसगढ़ माइंस श्रमिक संघ और छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा एन एच एम स्वास्थ्य संविदा कर्मचारियों के आंदोलन को पूर्ण समर्थन देती है।Spread the lovePost navigationछत्तीसगढ़ राज्य खदान श्रमिक संघ द्वारा लौह अयस्क खान समूह के महाप्रबंधक को पंजीयन पत्र सौंपा गया l नगर के 12 वर्ष पहले बने रोड पर हो गए हैं कई गड्ढे वार्ड वासियों ने नगर पालिका अध्यक्ष से रोड बनाने की लगाई गुहार…!