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भारतीय बौद्ध महासभा एवं महिला सशक्तिकरण संघ द्वारा मनाई गई “शौर्य दिवस एवं माता सावित्रीबाई फुले की जयंती” l

दल्ली राजहरा
शुक्रवार 23 जनवरी 2026
भोज राम साहू 98937 65541
विगत दिनों 18 जनवरी को ग्राम खल्लारी (कुसुमकसा) में महिला सशक्तिकरण संघ और भारतीय बौद्ध महासभा परिक्षेत्र कुर्रुभाट के संयुक्त तत्वाधान में ग्राम खलारी में 1 जनवरी शौर्य दिवस, 3 जनवरी ज्ञान ज्योति माता सावित्री बाई फुले और 9 जनवरी फातिमा शेख की संयुक्त रुप से जयंती मनाई गई।

इस अवसर परिषद मुख्य अतिथि सुश्री निलीमा श्याम (जिला पंचायत सदस्य) तथा विशिष्ट अतिथि मान.श्री हेमंत कांडे जी ( भारतीय बौद्ध महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष,)श्री दिलीप मेश्राम (जिला अध्यक्ष भा.बौद्ध महासभा )मान.अनिल निषाद ग्राम पटेल खलारी श्रीमति अनुसुईया सावलकर ग्राम पंच खलारी,श्रीमति रत्ना मेश्राम (प्रदेश सदस्य भा. बौद्ध महा.)श्री प्यारेलाल मेश्राम कुर्रुभाट,श्री प्यारेलाल बोरकर बालोद, श्री अशोक बाम्बेश्वर दल्ली राजहरा परिक्षेत्रीय अध्यक्ष ,श्री अजय रामटेके, श्री दिलीप सुखदेवे जी,श्रीमती नीलम रानी रामटेके मंच पर उपस्थित थे! एवं समस्त पदाधिकारियों ने अपना अमूल्य समय देकर इस कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग प्रदान किए और ग्राम खल्लारी के बौद्ध उपासक उपासिकाओं विशेष सहयोग रहा।
कार्यक्रम के आरंभ में ग्राम खलारी के नवनिर्मित डॉ आम्बेडकर सामुदायिक भवन में भगवान बुद्ध एवं डॉ आम्बेडकर के छायाचित्रों पर माल्यार्पण कर पूजा वंदना की गई , तत्पश्चात् ग्राम के सार्वजनिक मंच पर माताश्री सावित्रीबाई फुले, महात्मा ज्योतिबा फुले,माता रमाई, माता फातिमा शेख ,डॉ बाबासाहेब आंबेडकर जी के छायाचित्रों पर माल्यार्पण किया गया! तत्पश्चात् अतिथियों का स्वागत फूलों के पौधे देकर किया गया ।

सर्वप्रथम श्री अशोक बाम्बेश्वर ने माता सावित्री बाई फुले की जीवनी एवं उनके संघर्षों पर प्रकाश डाला..श्री दिलीप मेश्राम ने बताया कि सन्1848 के पूर्व भारत में बालिकाओं को पढ़ने लिखने नहीं दिया जाता था सर्वप्रथम माता सावित्री बाई को उनके पति ज्योतिबा फुले ने पढ़ना -लिखना सिखाया तथा उनके सहयोग से बालिकाओं के लिए महाराष्ट्र के पुणे में प्रथम स्कूल खोला जिसका उस समय के उच्च वर्णों के लोगों ने बहुंत विरोध किया, उन्हें घर से निकाल दिया गया तब माता फातिमा शेख ने अपने घर मे पनाह देकर सहयोग प्रदान किया!
मुख्य अतिथि सुश्री निलीमा श्याम जी ने बताया कि माता सावित्री बाई फुले एवं ज्योतिबा फुले मेरे प्रेरणा श्रोत हैं उन्हीं से प्रेरित होकर मैनें अपने गांव के बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा देना आरंभ किया, तथा गांव को सशक्त बनाने, गांव की परंपरा एवं संस्कृति को बचाने, जल जंगल जमीन व विभिन्न मुद्दों पर समाजिक कार्यकर्ता के रुप में कार्य किया वर्तमान में जन प्रतिनिधि के रुप में आगे कार्य कर रही हूं ।





