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जिला कलेक्टर के आदेश का अवहेलना कर ,कररहे हैं गणेश उत्सव समिति मध्य रात्रि तक डीजे के साथ विसर्जन …l

दल्ली राजहरा बुधवार 10 सितंबर 2025 भोज राम साहू 98937 65541
यह कैसा आस्था है क्या भगवान गणेश का विसर्जन बिना डीजे का नहीं हो सकता ..? क्या डीजे में बजने वाले गाने धार्मिक होते हैं ..? क्या यही है सनातन धर्म ..! कई अबुझ सवालों के बीच हो रहे लौह नगरी में हो रहा है विघ्नहर्ता भगवान गणेश की विसर्जन l
➡️🔥🌺क्या है सनातनी नियम🌺🔥⬅️

भगवान गणेश की स्थापना गणेश चतुर्थी को 27 अगस्त को हुआ था जो की नियमित 10 दिन भगवान की गणेश की पूजा अर्चना भोग भंडारा समाप्त होने के बाद 6 सितंबर अनंतचतुर्थी को हवन एवं 7 सितंबर को विसर्जन होता है l अगले दिन से पितृपक्ष प्रारंभ हो जाता है जिसमें कहा जाता है कि सभी देवी देवता 15 दिन के पितृ पक्ष में बैकुंठ धाम में निवास करते हैं यह के हिन्दू धर्म की पौराणिक मान्यता है l
➡️🔥🌺आस्था या मज़ाक🌺🔥⬅️
लेकिन वर्तमान स्थिति में लोग अपने आप को सनातन धर्म के अनुयाई मानने वाले लोग देवी देवताओं के प्रति आस्था को आधुनिकता के नाम पर मजाक और खिलौना बना कर रख दिए हैं l
भगवान गणेश के स्थापना के बाद प्रतिदिन सुबह शाम भगवान गणेश की विभिन्न वाद्य यंत्रों के साथ पूजा आरती चालीसा की गूंज रात्रि तक चलती थी , तो मन को बहुत ही संतुष्टि और सुकून मिलता था l लोग भगवान के दर्शन के साथ-साथ उनकी आरती और प्रसाद को लेकर तृप्त होते थे l लेकिन हवन के बाद की स्थिति देखे तो बड़ी दुख के साथ कहना पड़ता है कि भगवान गणेश की आस्था दो हिस्सों में बट चुकी है l
➡️🔥🌺प्रथम पहलू🌺🔥⬅️
पहला हिस्सा वह है जहां लोग भगवान की स्थापना अपने घरों में किए थे , जहां सपरिवार पूरे मन से भगवान की पूजा अर्चना के बाद विसर्जन के लिए तालाब आते हैं और नम आंखों के साथ ” अगले बरस तू जल्दी आ” ऐसा कहकर भगवान को पूरी श्रद्धा के साथ विदा कर रहे हैं l इस श्रद्धा और भगवान के प्रति प्रेम से किसी को कोई परेशानी नहीं होती l

➡️🔥🌺दूसरी पहलू🌺🔥⬅️
दूसरा पहलू यह है जब लोग बड़े-बड़े डीजे के साथ विसर्जन करने तालाब में पहुंचते हैं l कानफोड़ू डीजे के तेज आवाज में गाने और उसमें नाचते हुए लोग कुछ गाने ऐसे भी होते हैं जिसे परिवार के बीच सुना नहीं जा सकता l ऐसा नहीं लगता कि भगवान गणेश का विसर्जन हो रहा है जबकि गाने की आवाज से ऐसा लगता है कि किसी शादी या समारोह में डीजे बज रहा है l
सोमवार 8 सितंबर को रात्रि 03:00 बजे तक राजहरा बाबा तालाब में भगवान गणेश की विसर्जन हो रहा था l य़ह नई बात नही है पिछले दो दिनों से 10:30 से 11:00 बजे रात तक डीजे की तेज आवाज में लोग विसर्जन करने के लिए राजहरा बाबा तालाब जा रहे हैं l डीजे की तेज आवाज आसपास रहने वाले मजदूर वर्ग के लोगों की नींद में खलल तो डाल ही रही है साथ ही भगवान के साथ गए भक्तों का एक दूसरे के साथ गाली-गलोज करना भी कोई बड़ी बात नहीं होती l
➡️🔥🌺जिला कलेक्टर के साथ बैठक मे शांतिपूर्ण ढंग से विसर्जन की बनी थी सहमति l🌺🔥⬅️
जबकि इसके लिए जिला कलेक्टर के द्वारा गणेश उत्सव समिति के लोगों के साथ बैठक आयोजित की गई थी जिसमें उन लोगों की सहमति बनी थी कि शांतिपूर्ण ढंग से भगवान गणेश की विसर्जन किया जाएगा l

➡️🔥🌺विसर्जन स्थल राजहरा बाबा तालाब की स्थिति🌺🔥⬅️
दल्ली राजहरा के वार्ड नंबर एक और दो के बीच बना यह तालाब दोनों वार्डो के अलावा राजहरा के विभिन्न वार्ड के लोग इस तालाब का उपयोग करते हैं l इस तालाब का निर्माण आज से 25 वर्ष पहले नगर के प्रथम नगर पालिका अध्यक्ष पुरोबी वर्मा के कार्यकाल में हुआ था l तालाब में भगवान गणेश , माँ दुर्गा ,जवारा के विसर्जन के लिए यहां नगरवासी आते हैं l तथा मृत्यु संस्कार में होने वाले नहावन का कार्यक्रम भी यहां संपन्न होता है l विद्युत व्यवस्था के बारे में देखे तो नगर पालिका की ओर से कभी भी इंतजाम नहीं किया गया l रात्रि के समय चारों तरफ धुप अंधेरा रहता है l जिसका फायदा उठाकर हमेशा असामाजिक तत्व रात में बैठकर नशाखोरी करते रहते हैं l तालाब की गहराई ऐसा है की तीन लोगों की मौत यहां डूबने से हो चुकी है l
प्रशासन की ओर से विसर्जन के समय कोई भी गोताखोर की तैनावी नहीं की जाती है l लाखों रुपया तालाब के सौंदर्य करण नाम से पूर्व नगर पालिका अध्यक्षों ने निकालकर कर खर्च कर चुके हैं l लेकिन कभी भी किसी ने इस तालाब की सौंदर्य करण की लिए ध्यान नहीं दिए l
➡️🔥🌺तालाब के आसपास रहने वाले लोगों को होती है परेशानी🌺🔥⬅️
आसपास रहने वाले लोगों ने बताया कि यहां सब मजदूर वर्ग के लोग रहते हैं जिसको सुबह से ही काम में जाना होता है l रात्रि तक इस तरह से शोरगुल के कारण नींद में तो खलल डालता ही है साथ ही किसी अनहोनी से भी इनकार नहीं किया जा सकता l

➡️🔥🌺तालाब में नहाने वाले बच्चे होते हैं चोटिल🌺🔥⬅️
देवी देवताओं की मूर्ति के विसर्जन के उपरांत उनके अवशेष फूल ,पैरा और कपड़ा वगैरह को तो नगर पालिका के द्वारा सफाई कर निकाल दिया जाता है लेकिन लकड़ी आदि वहीं रह जाते हैं जिसे कई बार तालाब में नहाने वाले बच्चे चोटिल हो जाते हैं l
➡️🔥🌺विश्व हिंदू परिषद की ओर से की गई अपील का कर रहे हैं नजर अंदाज🌺🔥⬅️

विश्व हिंदू परिषद की ओर से भगवान गणेश की स्थापना और विसर्जन के लिए भी अपील की गई थी l लेकिन गणेश उत्सव समिति के लोगों ने उनके अपील को भी दर किनारे कर दिया l
➡️🔥🌺सुझाव🌺🔥⬅️

गणेश उत्सव समिति एक ही दिन एक राय होकर विसर्जन जुलूस की जो वर्तमान प्रक्रिया है उसमें उनको बदलाव करे l तथा अन्य शहरों की तरह सभी गणेश उत्सव समिति कतारबद्ध ढंग से विसर्जन जुलूस निकाले l जिसमें विभिन्न धार्मिक ज्ञानवर्धक पौराणिक झांकियां को इसमें सम्मिलित करें l सभी गणेश उत्सव समिति एक ही दिन भगवान गणेश का विसर्जन करें l जिससे प्रशासन को कानून व्यवस्था बनाने में भी आसानी होगा l साथ ही नगरवासी परिवार सहित विसर्जन झांकी देखने के लिए भी आएंगे l विघ्नहर्ता भगवान गणेश की विसर्जन कि यह सही प्रक्रिया के साथ-साथ उनके लिए सच्ची श्रद्धा भी होगी l
यह कैसा आस्था है क्या भगवान गणेश का विसर्जन बिना डीजे का नहीं हो सकता ..? क्या डीजे में बजने वाले गाने धार्मिक होते हैं ..? क्या यही है सनातन धर्म ..! कई अबुझ सवालों के बीच हो रहे लौह नगरी में हो रहा है विघ्नहर्ता भगवान गणेश की विसर्जन l




