शहर से करीब 4 किलोमीटर दूर स्थित क्रांति जलाशय का पानी विगत महीने भर से नाले में बहाया जा रहा है। ब्लाक अंतर्गत क्रांति जलाशय ही एक जलाशय है, जिससे खरीफ फसल की थोड़ी-बहुत सिंचाई हो जाती है। इससे करीब 1100 हेक्टेयर फसल की सिंचाई होती है।

इसके अलावा इसमें पानी भरे रहने से आस-पास के गांवों व नगर का जल स्तर भी बना रहता है। इन सबके बावजूद सिंचाई विभाग के कर्मचारियों द्वारा जलाशय के गेट को खोलकर पानी खाली किया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार पिछले महीने भर से गेट खुलने के कारण नहर में पानी व्यर्थ बह रहा है,जो नाले में जा रहा है।

ग्रामीणों द्वारा इसकी जानकारी सिंचाई विभाग को दी गई है। लेकिन गेट को बंद नहीं किया गया। ग्रामीणों ने बताया कि जरूरत के समय नहर बंद रखी गई है,जबकि अब जरूरत नहीं होने पर पानी नाले में बहाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि सिंचाई विभाग के कर्मचारी व मछली पकड़ने वालों ने बांध का गेट खोल दिया है।

ज्यादा पानी होने के कारण मछली पकड़ने में परेशानी हो रही थी,जिसके कारण जलाशय के पानी को खाली किया जा रहा है। सिंचाई विभाग के कर्मचारी व मछली पालक अपने थोड़े से लाभ के लिए लाखों लीटर पानी व्यर्थ बहा रहे हैं।

क्षेत्र के एक मात्र क्रांति जलाशय का पानी करीब 30 दिन से व्यर्थ बह रहा है। विभाग जानबूझकर इसे बहा रहा है। इस व्यर्थ बह रहे पानी से क्षेत्र के करीब दो दर्जन से अधिक तालाब को भरा जा सकता था। सूखे हरि नाले में करीब महीने भर से पानी बह रहा है।

नहर काटकर नाले में बहा रहे हैं पानी, कार्रवाई नहीं

ग्रामीणों का कहना है कि गेट को करीब महीने भर पहले खोला गया था, जिसमें विभाग की मिलीभगत है। ग्रामीण ऐसे लोगों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। सिंचाई विभाग व अन्य लोगों द्वारा जलाशय के कुछ दूर आगे नहर को बंद कर दिया गया है। खेतों की तरफ पानी न जाए इसलिए ऊपर से नहर को काटकर पानी को नाले में बहाया जा रहा है। साथ ही पानी खुलने की जानकारी किसी को न हो सके।

कल के लिए जल नहीं… 60% खाली हो चुका बांध

शासन पानी बचाने अनेक योजनाएं बनाई जा रही है,वहीं ब्लाक के सिंचाई विभाग को पानी की कीमत का अंदाजा नहीं है। थोड़े से लाभ के लिए जलाशय खाली किया जा रहा है। फरवरी माह के बाद क्षेत्र के कई गांव में पेयजल के लिए तरसते हैं।ब्लाॅक के ग्राम नरौली,डबरी, नवागांव,तिलईभाट सहित अनेक वनांचल गांवों में लोगों को पेयजल नसीब नहीं होता, लेकिन सिंचाई विभाग जलाशय के पानी को व्यर्थ ही बहा रहा है। महीने भर से गेट खोलने के कारण जलाशय का पानी आधा से अधिक खाली हो चुका है।

लीकेज से इतना पानी नहीं बहता, मांगी जाएगी जानकारी

इस संबंध में पंडरिया एसडीओ से जानकारी मांगी जाएगी। वर्तमान में इस बांध में सर्वे का काम चल रहा है। कई बार गेट के पास लीकेज होता है, जिसके कारण पानी बह जाता है। लेकिन ज्यादा पानी बहने की संभावना कम होती है। भूपेन्द्र मगेन्द्र, ईई, सिंचाई विभाग

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