दल्ली राजहरा बुधवार 5 नवंबर 2025  भोजराम साहू 98937 65541

➡️????????सांस्कृतिक नगरी अर्जुंदा में भव्य कवि संगोष्ठी ” काव्य निर्झर” का सफल आयोजन ????????⬅️

सांस्कृतिक एवं साहित्यिक भूमि अर्जुंदा में दिनांक 02. 11.2025 को भव्य कवि सम्मेलन का सफल आयोजन किया गया । इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों के कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया । सर्वप्रथम कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि क्षेत्र के ख्याति मान आयुर्वेदाचार्य श्री वीरेंद्र देशमुख जी एवं नगर पंचायत अर्जुंदा के अध्यक्ष श्री प्रणेश जैन जी एवं अन्य विशेष अतिथियों के द्वारा द्वीप प्रज्जवलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ ।

इसके पश्चात कवियों ने एक से बढ़कर एक हास्य, व्यंग्य, श्रृंगार ,देशभक्ति और प्रेम, की रचनाओं से श्रोताओं को रससिक्त किया । कार्यक्रम के मुख्य कवि अनिल राय  भारत  (अंजोरा) ने अपने देशभक्ति पूर्ण कविताओं से श्रोताओं के हृदय में राष्ट्रप्रेम का ज्वार संचारित किया ।

मैं भारत हूं मैं भारत हूं

मैं संस्कृति का सूत्रधार हूं !

मैं मानवता की जन्मभूमि ,

मैं आदर्शों की दिव्य जाल

शिव कुमार अंगारे की कविता में प्रकृति की नैसर्गिक सुंदरता का वर्णन अद्वितीय था। द्रोणकुमार शार्वा जी ने भी देश और समाज की समकालीन परिस्थिति के बारे में ज्वलंत काव्य पढ़ा ।

जलज ताम्रकार ( गुण्डरदेही) की गजल ने समाज के विपन्न वर्ग की समस्याओं की ओर लोगों का ध्यानाकर्षण किया ।

 ” निकला हूं मैं सफ़र को बड़ी देर के बाद

देखूंगा उसके दर को बड़ी देर के बाद ।

ना मिल सकूं कहीं और जलज,

लौट आया मैं अपने घर बड़ी देर के बाद ।।

 

वहीं कविवर अजीत “अर्जित ” ( दल्ली राजहरा ) के गीत राम पधारो अभिनंदन ने श्रोताओं को राम मय होने पर विवश कर दिया।

 श्वास श्वास में राम तुम्ही हो ,

दृढ़ निश्चय विश्वास तुम ही हो ।

क्षमा दया के अंकित धनि,

हे राम पधारो अभिनंदन …!!

कार्यक्रम का आयोजन डा. बुशरा परवीन व्याख्याता शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय.. व्याख्याता तमोरा ( गुंडरदेही )के द्वारा किया गया ।

अपने जीवन का कृष्ण भी मैं हूं

जीवन संघर्ष में राम भी मैं ।

मैं अर्जुन बन इतिहास लिखूंगा,

जीवन के क्षण विश्वास लिखूंगा ।।

  उन्होंने जहां एक ओर अपने बेहतरीन काव्य के माध्यम से श्रोताओं में जोश भरने का कार्य किया वहीं दूसरी ओर उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज को दिशा दिखाने के लिए सेतु का कार्य करते हैं एवं यह भी कहा कि आंचलिक कवियों को एक साथ एक मंच पर लाकर उनकी प्रतिभा को एक यथोचित सम्मान देना भी उनके इस कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य था ।

कार्यक्रम का संचालन डा. बुशरा परवीन एवं कवि अजीत अर्जित के द्वारा अत्यंत रोचक एवं माधुर्य पूर्ण अंदाज में किया गया ।
कार्यक्रम के अंत में लीलेश्वर ठाकुर पूर्व पार्षद के द्वारा आभार प्रदर्शन किया गया इस प्रकार एक काव्य संगोष्ठी “काव्य निर्झर” का सफल समापन हुआ।
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Bhojram Sahu

By Bhojram Sahu

प्रधान संपादक "हमारा दल्ली राजहरा: एक निष्पक्ष समाचार चैनल"

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