
दल्ली राजहरा
मंगलवार 24 मार्च 2026
भोजराम साहू 9893 765541
लौह नगरी दल्ली राजहरा की होनहार एवं प्रतिभाशाली बेटी युसीका श्रीवास (पिता – शिवचरण श्रीवास) वार्ड क्रमांक 14, दल्ली राजहरा ने 17 वीं छत्तीसगढ़ स्टेट पावर बॉक्सिंग प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल अर्जित कर न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र, जिले और सेन समाज का नाम गौरवान्वित किया है।

( युसिका के मम्मी पापा)
उत्तर कुमार सेन जिला कार्यकारणीय सदस्य बालोद ने जानकारी देते हुए कहा कि युसीका श्रीवास की यह उपलब्धि उनकी कड़ी मेहनत, अनुशासन, आत्मविश्वास और खेल के प्रति समर्पण का प्रत्यक्ष परिणाम है। सीमित संसाधनों और चुनौतियों के बावजूद उन्होंने जिस दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ अपनी तैयारी जारी रखी, वह आज इस सफलता के रूप में सामने आई है। प्रतियोगिता के दौरान उन्होंने अपने दमदार खेल कौशल, तकनीक और आत्मबल का परिचय देते हुए सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया और प्रदेश स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बनाई।

इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर सेन समाज दल्ली राजहरा एवं बालोद जिला सेन समाज में हर्ष और उत्साह का वातावरण है। समाज के सभी पदाधिकारी, सदस्य एवं गणमान्य नागरिकों ने युसीका श्रीवास को इस शानदार सफलता पर हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की हैं।

समाज के लोगों ने कहा कि यह उपलब्धि केवल एक खिलाड़ी की जीत नहीं, बल्कि पूरे समाज के आत्मविश्वास और गौरव का प्रतीक है।

जिला सेन समाज बालोद के मीडिया प्रभारी उमेश कुमार सेन ने विशेष रूप से अपनी शुभकामनाएं व्यक्त करते हुए कहा “युसीका श्रीवास ने अपने अथक परिश्रम, लगन और समर्पण से यह सिद्ध कर दिया है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मन में दृढ़ निश्चय हो, तो कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है। उन्होंने लौह नगरी दल्ली राजहरा सहित पूरे सेन समाज का मान बढ़ाया है। उनकी यह सफलता आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी, विशेषकर उन बेटियों के लिए जो खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहती हैं। हमें पूर्ण विश्वास है कि युसीका भविष्य में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर देश और समाज का नाम और ऊंचा करेंगी।”

समाज के वरिष्ठजनों ने यह भी कहा कि युसीका की इस उपलब्धि से यह स्पष्ट होता है कि यदि युवाओं को सही मार्गदर्शन और अवसर मिले, तो वे किसी भी क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं। उन्होंने शासन-प्रशासन से भी मांग की है कि ऐसी प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए हर संभव सहयोग एवं प्रोत्साहन दिया जाए।
युसीका श्रीवास की यह सफलता नारी शक्ति, संघर्ष, आत्मविश्वास और समर्पण का एक सशक्त उदाहरण है। यह उपलब्धि समाज की बेटियों को यह संदेश देती है कि वे भी अपने सपनों को साकार कर सकती हैं और हर क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना सकती हैं।





