छत्तीसगढ़दल्लीराजहरा

अरमूरकसा के बच्चा चोरी की घटना साबित हुई मनगढ़हट कहानी ।

दल्ली राजहरा

बुधवार 25 मार्च 2026

भोजराम साहू 9893 765541

मासूम बच्ची की मासूमियत में बह गए गांव वाले परिजन के डाट की डर से बनाई बच्चा चोरी की घटना की काल्पनिक कहानी ।

 दल्ली राजहरा थाना प्रभारी संतोष कुमार भुआर्य की सूझबूझ ने कुछ ही समय बाद बच्चा चोरी की घटना का दूध का दूध और पानी का पानी कर दिया ।

घटनाक्रम इस प्रकार से है कि कल शाम 6:00 बजे कुसुमकसा के समीप अरमूरकसा की 10 वर्ष के लड़की जो की कक्षा 4 थी मे पढ़ती है। अपने घर से 100 मीटर दूर दुकान पर दंत मंजन (कोलगेट ) खरीदने के लिए आई थी । उसे ट्रक वाले मिले उन्होंने पूछा कि चिकन कहां पर मिलता है । लड़की ने चिकन दुकान लगभग 200 मीटर दूर पर ले जाकर उन्हें दिखाया। चिकन पक जाने के बाद ट्रक वालों के साथ बैठकर चिकन भी खाई । जब परिवार वालों को लड़की की लापता होने की जानकारी मिली तो जंगल की आग की तरह पूरी तरह यह बात फैल गई । लोग सोशल मीडिया आदि पर पोस्ट करते गए क्षेत्र में फैले बच्चा चोर की अफवाह से लोग और डर गए थे । साथ ही मासूम बच्ची के साथ कुछ अनहोनी ना हो जाए यह सोचकर पूर्व जनपद सदस्य संजय बैंस ने राजहरा थाना प्रभारी को फोन पर जानकारी दी । गांव वाले, प्रशासन सभी लोग संभावित स्थानों पर जांच पड़ताल करते रहे । जब घटना की जानकारी ट्रक में बैठे लड़कों को पता चला तो उन्होंने बच्ची से कहा कि आप घर जाइए और उन्हें उतार कर वे अपने गंतव्य स्थान की ओर चले गए । 

अब मासूम बच्ची मां और पिता के डाट के डर से बच्चा चोरी की कहानी गढ़ी । बच्ची दहशत में थी उनकी स्थिति को देखकर ज्योति अस्पताल में भर्ती कराया गया।जब मैंने स्वयं घटना क्रम के बारे में पूछा की बेटी कल क्या हुआ है ..? 

तब उन्होंने बताया कि मैं मंजन खरीदने के लिए दुकान गई थी इस समय 10 _12 लड़के आए और मुझे खाने के लिए चॉकलेट दिए मैंने मना कि तब भी उन्होंने जबरदस्ती मेरे मुंह पर चॉकलेट डाल दिए और उन लोग मराठी भाषा में बात कर रहे थे ।जैसी मैं चॉकलेट खाई वह सब मुझे बोरी में भरकर पथराटोला स्कूल के पास ले जाकर छोड़ दिए । जो की घटना क्रम से लगभग 100 मीटर की दूरी पर होगी । पथराटोला के एक व्यक्ति के द्वारा बोरा खोला गया तब मैं रात को घर गई । उनके मां दादी से भी पूछा तो उन्होंने बताया कि बच्ची जब लापता हुई हम सब डर गए थे कुछ समय तक सोचा की अपने चाचा के घर गई होगी लेकिन वहां पर नहीं मिली । बात सरपंच को बताई उन्होंने संजय बैंस जी को खबर किया । रात 12:00 बजे तक घटनाक्रम चलता रहा । लड़की दहशत में थी रात में ही सोशल मीडियम के माध्यम से लोगों तक वीडियो पहुंच गया ।
दल्ली राजहरा थाना प्रभारी संतोष कुमार भूआर्य पूरी तत्परता के साथ घटनाक्रम की सिलसिले वार जानकारी लेने के लिए लगे हुए थे ।सुबह से ही मानपुर चौक से लेकर कुसुम कसा के बीच पड़ने वाले विभिन्न स्थानों पर निरीक्षण करते गए तथा सीसीटीवी कैमरा की भी जांच की गई । अंत में यह पता चला की बच्ची ट्रक ड्राइवर के साथ चिकन खाने बैठ गई थी और जब ट्रक ड्राइवर को बच्चा चोरी की अफवाह की जानकारी मिली तब डर के कारण वह बच्ची को वहां से अपने घर जाने को कह कर चले गए । जिसमें पूरी घटनाक्रम की जांच पड़ताल के लिए जिस तरह से दल्ली राजहरा थाना प्रभारी संतोष कुमार भूआर्य और उनकी टीम तथा कुसुमकसा के पूर्व जनपद सदस्य संजय बैंस ने अपनी जिम्मेदारी और तत्परतार दिखाई है सभी तारीफ के काबिल हैं ।

कई बिंदु से पुलिस प्रशासन के द्वारा जांच की जा रही थी जिससे यह साबित हुआ कि लड़की को यदि प्लास्टिक के बोरे में डाला जाता तो वह इतने समय तक जीवित नहीं रहती । लड़की को यदि जुट के बोरे के अंदर डाला गया था तो उसके कपड़े एवं सिर पर बोरे के रेशा क्यों नहीं थे ..? बोरा में यदि लड़की को डाला गया था तो उनके बाल बिखरे क्यों नहीं थे । क्योंकि बोरे में भरने और हिलने डुलने से बाल बिखर ही जाते हैं । लड़की के चेहरे में डर का भाव तो था लेकिन दहशत नहीं था जबकि इतने समय तक अपहरण कर्ता के चंगुल में रहने के बाद उनके चेहरे पर दहशत होना लाजमी था । अगर पथराटोला के पास किसी व्यक्ति के द्वारा बोरा खोलकर उन्हें आजाद किया गया था तो वह अज्ञात व्यक्ति कौन था। वह लड़की को सकुशल उनके परिजन तक अवश्य छोड़ता ।

अंत में यही साबित हुआ कि बच्ची परिजन के डाट के डर से कहानी गढ़ी थी।

Bhojram Sahu

प्रधान संपादक "हमारा दल्ली राजहरा: एक निष्पक्ष समाचार चैनल"

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