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“आदि शक्ति मां महामाया भक्तों की मनोकामना करती है पूर्ण , राजघराने के अलावा 12 गांव की कुलदेवी है मां महामाया l”

दल्ली राजहरा गुरुवार 26 मार्च 2026 भोज राम साहू 9893 765541

आदि शक्ति मां महामाया मंदिर महामाया 

 (डौंडी तहसील जिला बालोद)

लौह नगरी दल्ली राजहरा से  डौंडी जाने के मार्ग से 22 किलोमीटर दूरी पर आस्था और भक्ति का केंद्र प्रकृति की गोद में बसा महामाया गांव में बहुत ही सुंदर शांत वातावरण के बीच ऊंची पहाड़ी पर आदि शक्ति मां महामाया की प्राचीन मंदिर है l जहां चारों तरफ लौह अयस्क के पहाड़ नजर आते हैं तो पास ही अनवरत हर मौसम में जमीन से निकलकर बहते हुए मीठा साफ पानी का झरना बेहतरीन लगता है l मां महामाया देवी के नाम पर ही इस गांव का नाम महामाया रखा गया है ।

 

 मंदिर प्रांगण में बैठे गांव वाले बताते  हम लोग नहीं जानते कि किस जमाने से मां महामाया का हम लोग सेवा करते हुए आ रहे हैं l लेकिन हम लोगों ने हमारे बाप दादाओ से सुना है कि मां का पूजा अर्चना उस जमाने से लोग करते आ रहे हैं l जब 6 मासी रात और 6 माह से दिन हुआ करता था l सभी देवी देवता रात में घेरा बना रहे थे l अचानक जब सुबह हुआ तो जो देवी देवता जहां पर खड़े थे वहीं पर मूर्ति के रूप में पत्थर का हो गए l जिसे स्थापित कर आज भी पूजा अर्चना किया जाता है l

 

इस मंदिर परिसर में ऊंचाई पर मां महामाया भगवान शंकर, ब्रह्मा विष्णु महेश की मूर्ति है l तो मंदिर परिसर के नीचे भगवान गणेश का दक्षिण मुखी मूर्ति स्थापित है l मां महामाया को आसपास के 12 गांव वाले इसे अपनी कुलदेवी के रूप में पूजा करते हैं l

हर दशहरा के समय यहां धान की बालि चढ़ाते है जो कि बर्षों पुरानी परंपरा है l शारदीय नवरात्रि के महा अष्टमी के दिन आसपास के पूरा 12 गांव के लोग इकट्ठा होते हैं l जहां ज्योति कलश विसर्जन इन गांव की वालों के द्वारा किया जाता है  l

जिन 12 गांव वाले इसे कुलदेवी मानते है उनमें से हैं कुमुड़कट्टा , इमलीपारा तूयेदंड ,नलकसा ,भीड़कापार नारंगसुर , कोटागांव ककरेल , बमहणी महामाया औऱ कुशवाड़ा l 

मां महामाया मंदिर में इस चैत शुक्ल प्रतिपदा नवरात्रि में 67 घी के तथा 253 तेल ज्योति कलश कुल   320 मनोकामना ज्योति कलश की स्थापना की गई । 

 माँ महामाया को डौंडी लोहारा के राजघराने की कुलदेवी भी कहा जाता है l कहा जाता है कि राज परिवार हर खुशी के मौके पर मां के दर्शन करने अवश्य आते हैं l देखा गया कि स्व. लाल महेंद्र सिंह टेकाम जब डौंडी लोहारा विधानसभा क्षेत्र से विधायक के रूप विजय हुए थे l तब वे अपनी विजय जुलूस की शुरुआत मां महामाया के दर्शन के उपरांत ही शुरुआत किए थे l
जनक लाल देवांगन ने बताया कि वह 35 साल से मां महामाया की सेवा करते आ रहे हैं ।मां महामाया मंदिर में ज्योति कलश स्थापना 1972 से की जा रही है l ज्योति कलश के लिए देश ही नहीं विदेश से भी लोग अपने मनोकामना पूर्ण के लिए ज्योतिष कलश स्थापना करते हैं l दीवारों पर लिखे नाम से पता चलता है कि बालोद जिला के भक्तों के अलावा छत्तीसगढ़ के अन्य प्रांतों यहां पर भोपाल दिल्ली कोलकाता जैसे शहरों और विदेशों अमेरिका निवासियों का भी नाम ज्योति कलश के लिस्ट में अंकित है l

मां महामाया मंदिर के मुख्य पुजारी बलराम कोर्राम है तथा सरजू रामसागर जो की बैगा का कार्य देख रहे हैं उनके सहायक हैं देवेंद्र गावडे , शिव नेताम , युवराज गावडे , सरोज मंडावी, संतराम मंडावी जय चुरेंद्र , हिमाचल मंडावी, कुश कुमार यादव , हेमंत हिरामी अलीराम , रोहित कुमार ,करण कुमार , रोशन कुमार l 

भिलाई रिसाली के रहने वाले कमल नारायण देवांगन ने बताया कि सन 2013 से वे सेवा देने के लिए प्रतिवर्ष चैत्र नवरात्रि के पावन पर्व पर मां महामाया मंदिर आते हैं । उन्होंने आने का कारण पूछा तब बताया कि मैंने कई मौके पर मां महामाया की चमत्कार को अपने जीवन में अनुभव किया है। सन 2010 के आसपास जब मैं दल्ली राजहरा आया था तब अपने परिजन के साथ महामाया मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचा । उस समय मेरे बेटे के शरीर में छोटी-छोटी फुंसी की तरह दाने हो गए थे । मैंने कई जगह इलाज करवाया पर ठीक नहीं हुआ  । मंदिर आने के बाद माता रानी की कृपा से वह ठीक हो गया और कई चमत्कार है जो जीवन में मैंने देखे हैं यहां माता रानी के शरण में आकर जो सुकून और शांति मिलता है वह और कहीं नहीं है ।

 

यदि पर्यटक स्थल के रूप में इस क्षेत्र को विकसित करने के लिए जिला प्रशासन और राज्य सरकार इस दिशा में कदम बढ़ाता है तो यहां रहने वाले स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिल सकेगा l

Bhojram Sahu

प्रधान संपादक "हमारा दल्ली राजहरा: एक निष्पक्ष समाचार चैनल"

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