दल्ली राजहरागुरुवार 04 जून 2026भोजराम साहू 9893 765541अनिला भेड़िया (विधायिका डौंडीलोहारा विधानसभा क्षेत्र ) ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा आदिवासी समाज को “वनवासी” कहकर संबोधित करना न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि करोड़ों आदिवासियों की पहचान, इतिहास और संवैधानिक अस्तित्व का भी अपमान है। अमित शाह आदिवासियों की पहचान पर प्रहार करते हैं, और प्रदेश के आदिवासी मुख्यमंत्री एक शब्द तक नहीं बोलते। आखिर किस दबाव में हैं मुख्यमंत्री ? क्या सत्ता के सामने आदिवासी स्वाभिमान की कोई कीमत नहीं बची ?आदिवासी समाज केवल जंगलों में रहने वाला समुदाय नहीं, बल्कि इस देश की मूल आत्मा, समृद्ध संस्कृति और जल-जंगल-जमीन के वास्तविक संरक्षक हैं। संविधान ने हमें “आदिवासी” और “अनुसूचित जनजाति” के रूप में मान्यता दी है, लेकिन भाजपा और उसके नेताओं द्वारा बार-बार हमारी पहचान को कमजोर करने का प्रयास किया जाता रहा है।यह बयान भाजपा की आदिवासी विरोधी मानसिकता को उजागर करता है। आदिवासी समाज को उसकी वास्तविक पहचान से वंचित करने और उसके अधिकारों को कमजोर करने की किसी भी कोशिश का पुरजोर विरोध किया जाएगा। हम मांग करते हैं कि केंद्रीय गृह मंत्री अपने बयान पर तत्काल स्पष्टीकरण दें और देश के आदिवासी समाज से सार्वजनिक रूप से माफी मांगें।आदिवासी समाज अपनी पहचान, सम्मान और अधिकारों पर किसी भी प्रकार का हमला स्वीकार नहीं करेगा।“हम आदिवासी हैं, वनवासी नहीं।”Spread the lovePost navigation“2-3 जून शहादत दिवस पर” रक्तदान कर पार्षद निर्मल पटेल ने दी “शहीदों को श्रद्धांजलि”..! भालू की दहशत खत्म : पार्षद पूनम सोमेश जायसवाल ने लगवाई 10 फ्लड लाइट, चट्टा दफाई में लौटी रात की चैन ।