दल्ली राजहरा बुधवार 24 जून 2026 भोजराम साहू 9893 765541 मुक्ति मोर्चा, माइंस श्रमिक संघ और पट्टा विवाद को लेकर उठे सवाल; बालक दास के बयान का किया खंडन20 जून को हुए जात्रा तुएगोंदी के बाद पत्र-पत्रिकाओं ( थानखम्हरिया, से प्रकाशित देशबंधु समाचार पत्र में 21 जून को छपे आलेख ) में आदिवासियों पर लग रहे आरोपों के खिलाफ छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा ने मोर्चा खोल दिया है। प्रदेश अध्यक्ष व पूर्व विधायक जनक लाल ठाकुर ने जम्हा डोकरा तुएगोंदी स्थान को लेकर बालक दास के बयान और थानखम्हारिया से प्रकाशित खबरों को सिरे से नकारा है।पूर्व विधायक जनक लाल ठाकुर का बयानजनक लाल ठाकुर ने कहा कि जिन्हें तुएगोंदी और वनाधिकार अधिनियम 2006 की जानकारी नहीं है, वे धर्म को बीच में न लाएं। पहले क्षेत्र के इतिहास और कानून को समझें। बालक दास के बयान पर विरोध जताते हुए उन्होंने कहा, “अगर जल, जंगल, जमीन, परंपरा और संस्कृति की रक्षा करने वाले नक्सली हैं, तो हां हम आदिवासी नक्सली हैं। हमने अब तक लोकतांत्रिक तरीके से अपने क्षेत्र को बचाया है।” उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज किसी समाज, संप्रदाय या धर्म का विरोध नहीं करता। इसलिए आदिवासी परंपराओं पर उंगली न उठाई जाए। यह केवल आदिवासियों का मामला नहीं है। यह गांव व सियार क्षेत्र की सभी जातियों का विषय है। यदि अभी चिंतन नहीं हुआ तो भविष्य में कोई भी आकर परंपरा को धूमिल कर हक अधिकार छीन लेगा। जल कैना को नाला कहने पर विरोध । छत्तीसगढ़ माइंस श्रमिक संघ के अध्यक्ष सोमनाथ उइके ने बालक दास द्वारा जल कैना को नाला बताए जाने पर विरोध जताया। उन्होंने कहा, “जल कैना आदिवासी समाज के लिए सिर्फ जल स्रोत नहीं, हमारी मान्यता, परंपरा और संस्कृति का प्रतीक है। जिसे नाला समझा जा रहा है, वह हमारे लिए प्रकृति का पवित्र स्रोत है। अन्य जगहों पर प्राकृतिक स्थलों को गंगा जैसे पवित्र नाम से जाना जाता है, इसलिए आस्था का सम्मान होना चाहिए।”पाटेश्वरधाम आश्रम पर सवालमुक्ति मोर्चा ने पटेश्वरधाम आश्रम द्वारा भूमि पट्टे की मांग पर भी सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि 2019 में भारतीय वन अधिनियम 1927, धारा 304PF के तहत वन क्षेत्र में अवैध कब्जे का मामला दर्ज है। वन मंडल अधिकारी बालोद और सहायक वन परिक्षेत्र अधिकारी लोहारटोला ने इस क्षेत्र के भवनों को अवैध करार दिया है। जवाब मांगे जाने पर बालक दास ने जवाब देने से इंकार कर दिया था। मुक्ति मोर्चा ने पूछा कि ऐसे मामलों के बाद पट्टे की मांग कैसे की जा सकती है।अपीलजनक लाल ठाकुर ने समाज से अपील की कि धर्म या हिंदूकरण के नाम पर किसी समाज को आगे कर आपस में लड़ाना बंद किया जाए। आपस में हमें भाईचारा की भावना बना कर रखना है तथा ऐसे लोगों से हमें सतर्क रहना चाहिए। Spread the lovePost navigationयोग से स्वस्थ समाज और सशक्त राष्ट्र का संकल्प, भाजपा शहर मंडल बालोद ने आयोजित किया भव्य योग कार्यक्रम गायत्री जयंती, गुरुदेव के महा परायण पर महायज्ञ एवं गंगा दशहरा पर अवतरण कथा सुनाई ।