दल्ली राजहरामंगल वार 30 जून 2026भोजराम साहू 9893 765541 1जुलाई 1992 को भिलाई कुम्हारी जिला दुर्ग, उरला जिला रायपुर तथा टेमरा जिला राजनांदगांव आदि जगहों के मजदूरों की मांगों को लेकर आंदोलन जारी था । उसे कुचलने तत्कालीन सरकार द्वारा गोली चलाया गया, जिसमें 17 मजदूर शहीद हुए थे । उन शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा (समन्वय समिति) के नेतृत्व में 1 जुलाई 2026, दिन बुधवार को भिलाई पावर हाउस में श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी। श्रद्धांजलि सभा में भाग लेने के लिए मोर्चा के मजदूर किसान व समर्थकगण पावर हाउस के पास छावनी के लाल मैदान में 1 जुलाई बुध वार को सुबह 09:00 बजे से एकत्रित होंगे, यहां से शहीद परिवारों को लेकर गोलीकांड घटना स्थल रेल्वे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक में करीब 11:30 बजे पहुंचेंगे ।वहां शहीदों के छाया चित्रों पर श्रद्धा सुमन अर्पित करके वापस पावर हाउस से रैली प्रारंभ करेंगे, जो छावनी चौक होकर शहीद शंकर गुहा नियोगी चौक पहुंचेंगे । वहां नियोगी जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के पश्चात श्रद्धांजलि सभा करेंगे ।सभा को छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा (समन्वय समिति) के वरिष्ठ नेताओं के अलावा छत्तीसगढ़ के जन संगठनों के अनेक प्रतिनिधि तथा विभिन्न प्रांत के प्रतिनिधि भी संबोधित करेंगे । प्रेस वार्ता में छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष जनक लाल ठाकुर, महामंत्री रामचरण नेताम, भीमराव बागड़े,घना राम व सभी पदाधिकारी शामिल हुए।उन्होंने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार द्वारा मीडिया के माध्यम से फैलाया गया कि मजदूरों को 20 हजार, 22 हजार, 24 हजार न्यूनतम वेतन की दर से भुगतान किया जाएगा । किन्तु हकीकत यह है कि, मजदूरों को 15 हजार रू. भी नहीं मिल रहा है । जिससे उनका जीवन यापन करना कठीन हो गया है क्योंकि महंगाई बढ़ गई है, उन्होंने मांग करते हुए कहा की केन्द्र व राज्य शासन का न्यूनतम वेतन एक समान किया जाए।यह भी जाने क्यों मनाया जाता है भिलाई में शहीद दिवस..!छत्तीसगढ़ में भिलाई का वह काला दिन आज भी भिलाई वासी इस दिन की घटना को भूल नहीं पाते हैं । इस घटना ने ना केवल भिलाई को बल्कि देश को झंकझोर कर रख दिया था । बात हो रही है साल 1992 के मजदूर आंदोलन की उस समय दुर्ग और भिलाई संयुक्त था और छत्तीसगढ़ अविभाजित मध्यप्रदेश का हिस्सा हुआ करता था । दुर्ग के तत्कालीन SP सुरेंद्र सिंह और कलेक्टर प्रह्लाद सिंह तोमर हुआ करते थे । छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा के शीर्ष नेता शंकर गुहा नियोगी ने भिलाई में मजदूरों के हक के लिए आवाज बुलंद की थी ।उन्होंने जीने लायक वेतन और निकाले गए श्रमिकों को काम पर लेने समेत कई मांगों को लेकर 1991 में प्रदर्शन किया था । इस दौरान मजदूरों के शीर्ष नेता शंकर गुहा नियोगी की 28 सितंबर 1991 की रात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी । इसके बाद देशभर में विरोध के स्वर उठने शुरू हो गए थे । नियोगी जी की हत्या के बाद मजदूरों का आंदोलन और तेज हो गया । प्रदर्शनकारी श्रमिक नेता शंकर गुहा नियोगी की हत्या के आरोपियों को सजा दिलाने और मजदूरों की लंबित मांगों को लेकर रेलवे ट्रैक पर हजारों की तादाद में बैठ गए थे । सुबह 9 बजे श्रमिकों ने सारनाथ एक्सप्रेस को रोक दिया था । बड़ी तादाद में श्रमिकों के रेलवे ट्रैक पर बैठने की खबर फैलते ही शहर में सनसनी फैल गई । उसके बाद अधिकारी और नेताओं के बीच बातचीत हुई फिर भी कोई हल नहीं निकला ।सवा महीने से मजदूर अपने परिजनों को छोड़कर आंदोलन कर रहे थे ।तत्कालीन मंत्री मुरली मनोहर जोशी उस दौरान रायपुर भी आए थे, लेकिन जिम्मेदारों ने मजदूर नेताओं से नहीं मिलाया । जिसकी वजह से मजदूरों को रेलवे ट्रैक पर आना पड़ा था । 01 जुलाई 1992 को हजारों की तादाद में मजदूर भिलाई पावर हाउस के रेलवे स्टेशन के प्लेट फार्म नंबर एक पर बैठ गए थे l लंबे समय से मांगें पूरी नहीं होने से मजदूर आक्रोशित थे । मजदूरों को नियंत्रित कर पाना मुश्किल हो गया था । उस दिन मजदूर सुबह 9 बजे अपनी मांगों को लेकर रेलवे ट्रैक पर बैठ गए थे । दोपहर के 3 बजे तक प्रशासन और मजदूर नेताओं के बीच लगातार बैठकें हुईं उसके बावजूद कोई निष्कर्ष नहीं निकला । उसके बाद तत्कालीन सरकार व कलेक्टर के आदेश के बाद पुलिस ने मजदूरों पर लाठीचार्ज कर दिया आंसू गैस के गोले छोड़े गए । इससे भी जब बात नहीं बनी तो तत्कालीन कलेक्टर ने भूखे प्यासे निहत्थे मजदूरों पर गोलियां चलाने के आदेश दे दिए । फिर पुलिस ने अंधाधुंध गोलियां बरसानी शुरू कर दी । अचानक अंधाधुंध गोलियां चलने से अफरा-तफरी का माहौल हो गया था. मौके पर ही 16 मजदूर मारे गए और सैकड़ों लोग घायल हो गए ।Spread the lovePost navigation“दो बूंद जिंदगी का” दल्ली राजहरा में पूरे 27 वार्डो में 2358 नन्हे मुन्ने ने पी पोलियो ड्रॉप । मानिकपुरी पनिका समाज नगर इकाई दल्ली राजहरा ने धूमधाम से मनाया सतगुरु कबीर साहेब की जयंती ।