दल्ली राजहराबुधवार 01 जुलाई 2026भोजराम साहू 9893 765541 छत्तीसगढ़ माइंस श्रमिक संघ4 दल्ली राजहरा, छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा ने 1 जुलाई 1992 को हुए भिलाई मजदूर आंदोलन में शहीद हुए छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा के 17 श्रमिकों की स्मृति में बुधवार को शहादत दिवस मनाया गया। लाल-हरा परिवार और छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा के आह्वान पर आयोजित कार्यक्रम में दुर्ग-भिलाई, रायपुर, दल्ली राजहरा, अभनपुर, उरला, तेंदेसरा सहित विभिन्न क्षेत्रों से मजदूर, किसान और संगठन के कार्यकर्ता शामिल हुए।https://hamaradallirajhara.in/wp-content/uploads/2026/07/VID-20260701-WA0061.mp4कार्यक्रम की शुरुआत भिलाई पावर हाउस रेलवे स्टेशन से हुई, जहां शहीद श्रमिकों को पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। इस छत्तीसगढ़ माइंस श्रमिक संघ दल्ली राजहरा, छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा ने 1 जुलाई 1992 को हुए भिलाई मजदूर आंदोलन में शहीद हुए छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा के 17 श्रमिकों की स्मृति में बुधवार को शहादत दिवस मनाया गया। लाल-हरा परिवार और छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा के आह्वान पर आयोजित कार्यक्रम में दुर्ग-भिलाई, रायपुर, दल्ली राजहरा, अभनपुर, उरला, तेंदेसरा सहित विभिन्न क्षेत्रों से मजदूर, किसान और संगठन के कार्यकर्ता शामिल हुए।कार्यक्रम की शुरुआत भिलाई पावर हाउस रेलवे स्टेशन से के बाद विशाल रैली निकाली गई, जो एसीसी सीमेंट के पास स्थित नियोगी चौक पहुंची। यहां शहीद नेता शंकर गुहा नियोगी की प्रतिमा पर माल्यार्पण के बाद सभा आयोजित की गई।https://hamaradallirajhara.in/wp-content/uploads/2026/07/VID-20260701-WA0060.mp4वक्ताओं ने कहा कि वर्ष 1992 में मजदूरों ने जीने लायक वेतन और अपने अधिकारों के लिए आंदोलन किया था, लेकिन तत्कालीन सरकार ने मांगों को सुनने के बजाय दमन का रास्ता अपनाया, जिसमें 17 मजदूरों की जान चली गई। वक्ताओं ने कहा कि मजदूरों और किसानों के अधिकारों की लड़ाई आज भी जारी है। छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा के नेता गैंद सिंह ठाकुर ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में सरकार की नीतियों से मजदूर, किसान और आम जनता प्रभावित हो रही है। उन्होंने मजदूर एकता को मजबूत करने का आह्वान किया। https://hamaradallirajhara.in/wp-content/uploads/2026/07/VID-20260701-WA0059.mp4छत्तीसगढ़ माइंस श्रमिक संघ के अध्यक्ष सोमनाथ उइके ने कहा कि 1 जुलाई 1992 का संघर्ष मजदूरों के सम्मान और अधिकारों की लड़ाई थी। उन्होंने कहा कि आज भी श्रम कानूनों में बदलाव के नाम पर श्रमिकों के अधिकारों को कमजोर किया जा रहा है, जिसके खिलाफ एकजुट होकर संघर्ष करने की जरूरत है। प्रेम नारायण वर्मा ने कहा कि शंकर गुहा नियोगी ने मजदूरों और किसानों को संगठित कर संघर्ष का रास्ता दिखाया। उन्होंने कहा कि नियोगी जी का सपना अभी अधूरा है और मजदूर हितों की लड़ाई जारी रहेगी।https://hamaradallirajhara.in/wp-content/uploads/2026/07/VID-20260701-WA0058.mp4 सुखलाल साहू ने कहा कि मजदूरों ने उद्योगपतियों और शासन के खिलाफ अपने अधिकारों के लिए संघर्ष किया, जिसका सभी को गर्व है। उन्होंने कहा कि श्रमिकों के मुद्दों को लेकर कानूनी लड़ाई भी जारी है। कला दास डहरिया ने कहा कि आज देश में मजदूरों, किसानों और आदिवासियों के सामने कई चुनौतियां हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर सहित अन्य क्षेत्रों में कॉरपोरेट विस्तार के कारण लोगों के अधिकारों पर सवाल खड़े हो रहे हैं। सभा को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष जनक लाल ठाकुर ने शहीद श्रमिकों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि मजदूरों के संघर्ष और बलिदान ने आने वाली पीढ़ियों के लिए रास्ता बनाया है। उन्होंने कहा कि नियोगी जी ने संघर्ष के साथ निर्माण का रास्ता दिखाया था, उसी विचार को आगे बढ़ाने की जरूरत है।उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में तेजी से कुकुरमुत्ते किं तरह उद्योग आ रहे है और बढ़ते औद्योगीकरण के बीच किसान, मजदूर और युवाओं के भविष्य को लेकर चिंता बढ़ रही है उन्होंने स्कूलों में मंत्र उच्चारण का भी विरोध आदिवासी बहुल क्षेत्र को हिंदूवादी बनाने की साजिश छत्तीसगढ़ में बिल्कुल नहीं चलेगा। उन्होंने मजदूर-किसान एकता के साथ अधिकारों की लड़ाई को आगे बढ़ाने का आह्वान किया ।कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष जनक लाल ठाकुर, प्रेम नारायण वर्मा, गैंद सिंह ठाकुर, सुखलाल साहू, घना राम, सोमनाथ उइके, सुरेंद्र साहू, राजाराम बरगद, रामचरण नेताम, अमर सिंह, इंद्रपाल, तिलक राजपूत, नासिक यादव, सुरेश, लीलाधर ढाले, नवाब जिलानी सहित संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे, शहीद अस्पताल की स्वास्थ्य कार्यकर्ता, मोर्चा के सांस्कृतिक टीम ने अपनी शानदार प्रस्तुति दी।इसके अलावा छत्तीसगढ़ महिला मुक्ति मोर्चा की अध्यक्ष सावित्री जगनायक, जोहतरीन बाई सहित विभिन्न श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। कार्यक्रम में प्रगतिशील इंजीनियरिंग श्रमिक संघ, मेहनतकश आवास अधिकार संघ, छत्तीसगढ़ केमिकल मिल मजदूर संघ और प्रगतिशील सीमेंट श्रमिक संघ के कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।Spread the lovePost navigationनेहरू अवार्ड 2025: उत्कृष्ट कार्य के लिए राजहरा खदान समूह के 37 अधिकारी एवं कर्मचारी हुए सम्मानित। सौतन से प्रताड़ित होकर लोहे के फरसा से की हत्या, आरोपी को बालोद पुलिस ने किया गिरफ्तार ।