दल्ली राजहरागुरुवार 02 जुलाई 2026भोज राम साहू 9893765541(मानव संसाधन विभाग दल्ली राजहरा ने राष्ट्रीय डॉक्टर दिवस पर किया डॉक्टर को सम्मानित)लोग मानते हैं कि हम चिकित्सक भगवान के रूप मे होते बल्कि मरीज हमारे लिए भगवान होते है , और भगवान समझकर हर डाक्टर को मरीजों की सेवा करना चाहिए ।” :– डॉ अशोक कुमारमानव संसाधन विभाग, लौह अयस्क खदान समूह, राजहरा के तत्वावधान में 1 जुलाई राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस के अवसर पर दल्ली राजहरा में भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज एवं औद्योगिक स्वास्थ्य सेवाओं में उत्कृष्ट योगदान देने वाले चिकित्सकों के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त करना था।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि लौह अयस्क खदान समूह, राजहरा के मुख्य महाप्रबंधक आर. बी. गहरवार थे। विशेष अतिथि के रूप में डॉ. प्रमोद बिनायके, दल्ली यंत्रीकृत खदान के महाप्रबंधक विपिन कुमार, डॉ. किशोर कौशिक एवं डॉ. अशोक कुमार दास , डिप्टी कामांडेट के.बानखेम उपस्थित रहे । सभी अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया तथा उपस्थित सभी चिकित्सकों को गुलाब पुष्प देकर अभिनंदन किया गया।स्वागत उद्बोधन में मानव संसाधन विभाग के प्रमुख शैलेश पटनायक ने कहा कि चिकित्सक कठिन परिस्थितियों एवं अत्यधिक मानसिक दबाव के बीच भी मरीजों के चेहरे पर मुस्कान लाने का कार्य करते हैं। उनका समर्पण और सेवा भाव समाज के लिए अनुकरणीय है। मुख्य अतिथि आर. बी. गहरवार ने अपने उद्बोधन में कहा कि “डॉक्टर बनना जितना चुनौतीपूर्ण है, उससे कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण अपने दायित्वों का संवेदनशीलता, समर्पण एवं मानवीय मूल्यों के साथ निर्वहन करना है। चिकित्सकों की सेवाएँ समाज के लिए अमूल्य धरोहर हैं।”विशेष अतिथि डॉ. प्रमोद बिनायके ने युवाओं को आह्वान करते हुए चिकित्सा क्षेत्र में अधिकाधिक सहभागिता सुनिश्चित करने तथा सेवा भावना को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संदेश दिया। विशेष अतिथि एवं दल्ली यंत्रीकृत खदान के महाप्रबंधक विपिन कुमार ने कहा कि “चिकित्सक ईश्वर का दूसरा स्वरूप हैं, जो पीड़ित एवं निराश लोगों के जीवन में आशा, विश्वास और नई ऊर्जा का संचार करते हैं।”डॉ. किशोर कौशिक ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के सम्मान समारोह चिकित्सकों के मनोबल को बढ़ाते हैं तथा उन्हें और अधिक समर्पण के साथ कार्य करने की प्रेरणा देते हैं। ज्योति अस्पताल, राजहरा के प्रभारी डॉ. ए. के. ठाकुर ने कहा कि मरीजों की सेवा ही चिकित्सक का सर्वोच्च कर्तव्य है। वहीं शहीद अस्पताल, दल्ली राजहरा के प्रभारी डॉ. शैबाल जाना ने निस्वार्थ सेवा को चिकित्सकीय पेशे की सबसे बड़ी पहचान बताया। डॉ. अशोक कुमार अपने सारगर्भित उदबोधन मे कहा कि हम चिकित्सक भगवान के रूप मे होते बल्कि मरीज हमारे लिए भगवान होते है , और भगवान समझकर हर डाक्टर को मरीजों की सेवा करना चाहिए । समारोह में उपस्थित सभी चिकित्सकों को मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों के करकमलों से उपहार भेंट कर सम्मानित किया गया। तत्पश्चात राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस के उपलक्ष्य में केक काटकर इस अवसर को प्रवाहपूर्ण एवं यादगार बनाया गया।कार्यक्रम का आभार प्रदर्शन सहायक प्रबंधक सुश्री तन्मयी ने किया, एवं मंच संचालन श्रम कल्याण अधिकारी घनश्याम पारकर ने किया।इस अवसर पर डॉ. सी. के. दास, डॉ. इम्मानुएल मैसी, डॉ. धीरज शर्मा, डॉ. हिमानी गुप्ता, डॉ. शशांक अग्रवाल, डॉ. अमित पांडे, डॉ. निलेश चंद्रा, डॉ. परोमिता दास गुप्ता, डॉ. देव प्रकाश महतो, डॉ. अजय जांगड़े, डॉ. विकास प्रधान, डॉ. मनीषा चौधरी, डॉ. शिवप्रताप सिंह, सहायक प्रबंधक राजेश पांडे, आनंद बोरकर, श्रम कल्याण अधिकारी संतराम साहू, एम. डी. चंद्राकर, सहायक हरख साहू, बिरसो, दिनेश्वरी तथा मेडिकल स्टाफ अंजना सक्सेना, विकास पांडे, कलोल मयती, रामेश्वर रात्रे, विद्या सहारे, निशा राम, योगेश, मानचंद कैवर्त, पुष्कर राज रावल एवं दीपिका सहित बड़ी संख्या में अधिकारी, कर्मचारी एवं चिकित्सक उपस्थित रहे।समारोह का समापन चिकित्सकों के प्रति सामूहिक सम्मान एवं उनके उत्कृष्ट योगदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए किया गया ।Spread the lovePost navigationराजनांदगांव पहुंचे भाजपा झुग्गी-झोपड़ी प्रकोष्ठ के प्रभारी, संगठन विस्तार पर चर्चा । झलमला ।