दल्ली राजहरारविवार 12 जुलाई 2026भोजराम साहू 9893 765541 बाफना परिवार के पिता सुलतानमल बाफना के 2007 में तथा मां सजना बाई बाफना की 2013 में देवलोकगमन के बाद परिवार ने ठाना की उनकी याद में मानव सेवा की जाए । 14 साल के मंथन के बाद 2021 में दो संकल्प लिए गए पहला मुक बधिर बच्चों के लिए हाई क्वालिटी की नि:शुल्क आवासीय स्कूल तथा दूसरा आम जनता के लिए न्यूनतम दर पर शुद्ध भोजन। स्कूल के लिए उमरादहा के पास का जगह चयन किया गया तथा भोजनालय के लिए बालोद जिले के वार्ड क्रमांक 8 के मरारपारा में गणेश मंदिर के पास की जगह का चयन किया गया । सन 2022 में गणेश प्रसादम के नाम से भोजनालय का श्री गणेश हुआ जहां पर शुद्ध शाकाहारी और बेहतरीन भोजन न्यूनतम कीमत में दिया जाने लगा ।https://hamaradallirajhara.in/wp-content/uploads/2026/07/VID-20260709-WA0083.mp4गौतम चंद जैन (बाफना) ने बताया कि हमारे गणेश प्रसादम में दोपहर लगभग 350 के करीब एवं रात के समय डेढ़ सौ के करीब लोग भर पेट भोजन करने आते हैं तथा घर ले जाने वालों के लिए भी पैकिंग कर दी जाती है ।https://hamaradallirajhara.in/wp-content/uploads/2026/07/VID-20260709-WA0082.mp4 बाफना परिवार मानव सेवा की बेहतरीन मिसाल है, जहां एक ओर मुक और बधिर बालक एवं बालिकाओं को समाज हेय और दया की दृष्टि से देखता है वहीं दूसरी ओर बाफना परिवार के द्वारा इन बालक एवं बालिकाओं को जीवन जीने की कला सीखा रहे हैं । उन संसार के बोलने और सुनने वाले समाज के व्यक्तियों के बीच सामंजस्य बनाकर चलने के लिए उन्हें जीवन उपयोगी कला , शरीर को एकाग्रता बनाए रखने के लिए योग, शरीर को चुस्त दुरुस्त करने के लिए खेल तथा बोलने सीखने के लिए सामर्थ बनाने के लिए शिक्षित बनाने का प्रयास कर रहे हैं ।https://hamaradallirajhara.in/wp-content/uploads/2026/07/VID-20260709-WA0080.mp4बच्चों को बेहतरीन शिक्षा दी जाती है जहां क्लास में प्रोजेक्टर के माध्यम से पढ़ाई होती है । चार्ट और किताबों के साथ-साथ बच्चों को वीडियो एवं एनीमेशन से समझाया जाता है ताकि बच्चे कॉन्सेप्ट जल्दी और अच्छे से दिमाग में बैठा सके । जरूरत पड़ने पर ऑनलाइन क्लासेस भी आयोजित की जाती है इससे बच्चे बाहर की दुनिया और नई तकनीक तरीकों से भी जुड़ पाते हैं ।https://hamaradallirajhara.in/wp-content/uploads/2026/07/VID-20260709-WA0078.mp4 आज जब प्राइवेट स्कूलों में मोटी फीस देकर भी क्वालिटी एजुकेशन की गारंटी नहीं है वहीं बालोद के बाफना परिवार ने वह कर दिखाया जो सरकारी भी सोच नहीं सकती उन्होंने साबित किया कि शिक्षा व्यापार नहीं ,सेवा है और सेवा से समाज सेवा सबसे खास बच्चों मुक और बधिर छात्र-छात्राओं के लिए है।https://hamaradallirajhara.in/wp-content/uploads/2026/07/VID-20260709-WA0081.mp4 आज की दुनिया में देखा जाए तो शिक्षा एक व्यापार बन गया है जहां कदम-कदम पर आपको पैसा खर्चा करना पड़ता है। यहां तक की बच्चों के एडमिशन के लिए भी निजी स्कूलों में हजारों रुपए की फीस देनी पड़ती है और यदि हॉस्टल सुविधा हो जहां भोजन और नाश्ता भी जुड़ा हो तो आप कल्पना सकते हैं उसकी फीस कितनी होगी । यह तो है सामान्य वर्ग के लोगों के लिए लेकिन इसके विपरीत बाफन परिवार ने जो करने की ठानी है वह बहुत बड़ी मानवता का परिचय है । कहा जाता है कि “बहते हुए पानी में तो हर कोई तैर लेता है लेकिन सही तैराक तो वही है जो धारा के विपरीत तैर कर मंजिल को प्राप्त कर ले” । जिसके लिए इस परिवार ने मानव सेवा के अनछुए पहलू को छूकर इन मुख और बधिर बच्चों को पूरी तरह से आवासीय विद्यालय में शिक्षा देकर जो मिसाल कायम की है वह सिर्फ बालोद जिला ही नहीं पूरे भारत देश के लिए अनुकरणीय और अविस्मरणीय पल है । स्वर्गीय सुल्तानमल सजना बाई चैरिटेबल ट्रस्ट जिसका संचालन बाफना परिवार के द्वारा किया जाता है । इस श्री पार्श्व श्रवण दिव्यांग विद्यालय मूक बधिर स्कूल की स्थापना बालोद जिले के जिला मुख्यालय बालोद से दुर्ग रोड पर बालोद से लगभग 7 किलोमीटर की दूरी पर ग्राम उमरादाह बस स्टेशन चौक के पास ही एक आवासीय परिसर में होता है । जहाँ पर मूक बधिर छात्र-छात्राओं की शिक्षा नि :शुल्क आवासीय स्कूल रूप में होता है जहां पर बाफना परिवार के द्वारा संस्था में रहकर पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं एवं शिक्षक शिक्षिकाओं के लिए पूरी तरह से निशुल्क व्यवस्था की जाती है । जहां सभी के लिए भोजन, शिक्षकीय कार्य में उपयोग होने वाले आवश्यक सामग्री जैसे काफी पुस्तक यूनिफॉर्म आदि की व्यवस्था संचालक बाफना परिवार ही करते हैं । संस्था में पढ़ने वाले बच्चों का उम्र बंधन तो नहीं है लेकिन लगभग 6 साल से 15 साल के उम्र के बच्चे ही यहां रहकर पढ़ाई करते हैं उन्होंने बताया कि संस्था में प्रवेश का समय अप्रैल से जून तक रहता है लेकिन कई बार विशेष परिस्थिति में अन्य समय में भी कक्षा में प्रवेश दिया जा जाता है ।श्री पार्श्व श्रवण दिव्यांग विद्यालय मुक बधिर स्कूल उमरादहा के अध्यक्ष गौतम चंद जैन ने बताया कि संस्था की शुरुआत सन 2022 में की गई थी। वर्तमान में कक्षा पहली से लेकर पांचवी तक की कक्षा यहां संचालित हो रही है। जहां छात्र एवं छात्राओं की कुल संख्या 36 है। हमारी संस्था में दुर्ग जिला बिलासपुर जिला बालोद जिला एवं मोहला मानपुर चौकी जिला से छात्र एवं छात्राएं आवासीय रूप में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं । शिक्षक के रूप में एक पुरुष शिक्षक दुष्यंत साहू एवं दो महिला शिक्षिका केसरी देशमुख ग्राम ( सिकोसा ) एवं अमृका सिन्हा अर्जुंदा निवासी है । एक विशेष बात यह है कि तीनों शिक्षक एवं शिक्षिका भी मुक बधिर है। हमारी संस्था पूरी तरह से हमारा बाफना परिवार के द्वारा ही संचालित की जाती है ।संस्था के संचालक गण है मूलचंद जैन (चेयरमैन) गौतम चंद जैन (अध्यक्ष) अरुण जैन (सचिव) सुनीता जैन ( सचिव ) संकेत जैन (कोषाध्यक्ष) स्कूल की गतिविधियां स्कूल के दिनचर्या प्रातः 6:00 बजे प्रारंभ होती है । जहां सभी छात्र एवं छात्राओं सो कर उठते हैं । नित्य कर्म उपरांत 7:00 बजे से 8:00 बजे तक योग अभ्यास होता है। 9:00 बजे नाश्ता का समय रहता है। 9:45 बजे पूजा तथा 10:00 बजे से कक्षाएं प्रारंभ होती है । 1:00 बजे से 2:00 बजे तक लंच का समय रहता है 2:00 बजे से कक्षाएं प्रारंभ होती है। 4:00 कक्षाएँ समाप्त होती है । तथा 4:15 बजे शाम का चाय नाश्ता का समय रहता है । जिसमें छात्र एवं छात्राओं को प्रतिदिन दूध बिस्किट फल आदि दिए जाते हैं ।5:00 से 6:00 बजे तक खेलने का समय रहता है । जहां बच्चे छात्र एवं छात्राएं अपने इच्छा अनुसार खेल खेलते हैं । शाम 7:00 बजे पूजा होती है । 8:00 बजे से रात्रि भोज का समय रहता है भोजन उपरांत शयन का समय रहता है । भोजन पूर्णत: सात्विक रहता है । जहां दाल चावल सब्जी पापड़ सलाद रोटी बाफना परिवार के द्वारा दिया जाता है ।बालोद जिले की धरती को बाफना परिवार जैसे समाज को नए दिशा देने वाले लोगों पर गर्व होनी चाहिए…! तथा बाफना परिवार का आभार व्यक्त करना चाहिए जो एक साथ दो सेवा कार्य कर रहे हैं जहां न्यूनतम कीमत पर भरपेट भोजन हो या समाज के बहुत दया की दृष्टि से देखे जाने वाले मुक बधिर को सम्मानजनक स्थान दिलाने में मदद करने के लिए । आज की संडे मेगा स्टोरी में बस इतना ही आपके पास भी ऐसे समाज सेवी लोग होंगे या बहुमुखी प्रतिभा के धनी व्यक्ति हो तो अवश्य बताएं । संडे मेगा स्टोरी में उनके कार्य को आम जनता के बीच अवश्य लाया जाएगा । भोज राम साहू संपादक हमारा दल्ली राजहरा _एक निष्पक्ष समाचार चैनल Spread the lovePost navigationदिघवाडी शाला में पीएचई ने हैंडपंप उखाड़ा, पानी की समस्या से जूझ रहा है स्कूल ..!”अनुनय _विनय का समय खत्म अब होगी आर पार की लड़ाई ।”:–तुलेश्वर हिचामी वार्ड 14 को मिली सौगात, जनपद सदस्य मंजू बैस की निधि से कला मंच का भूमिपूजन, अब संस्कृति को मिलेगा नया मंच ।