दल्ली राजहरारविवार 12 जुलाई 2026भोजराम साहू 9893 765541 👉रेलवे भूमि विवाद में चेंबर की पहल, 15 दिन में निराकरण का आश्वासन ।👉दल्लीराजहरा के 119 व्यापारियों को बेदखली से राहत की उम्मीद, रिकॉर्ड संशोधन की मांग भी रखी । दल्लीराजहरा के रेलवे भूमि पर वर्षों से चल रहे कर, जुर्माना और बेदखली नोटिस के विवाद को सुलझाने के लिए छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की दल्लीराजहरा इकाई ने निर्णायक पहल की है। चेंबर पदाधिकारियों की रायपुर में रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों से हुई चर्चा के बाद प्रशासन ने 10 से 15 दिन में मामलों के निराकरण का भरोसा दिया है। चेंबर महामंत्री भूपेंद्र कुमार डहरवाल उर्फ राजा ने रायपुर पहुंचकर वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अवधेश कुमार त्रिवेदी से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने व्यापारियों की समस्याओं से अवगत कराते हुए रिकॉर्ड में संशोधन और निष्पक्ष जांच की मांग रखी।जानकारी के अनुसार रेलवे भूमि पर कारोबार कर रहे 119 व्यापारियों को वर्ष 2006-07 के बाद कर जमा न होने के कारण नोटिस जारी किए गए थे। रेलवे का कहना है कि बकाया कर और जुर्माना जमा करने के बाद भूमि 5 वर्ष की लीज पर दी जाएगी, जिसका प्रत्येक 5 वर्ष में नवीनीकरण होगा।चेंबर ने अधिकारियों को बताया कि कई व्यापारियों ने वर्षों पहले नए मकान और दुकानें बनाई हैं, लेकिन उनके नाम आज भी रेलवे के अभिलेखों में दर्ज नहीं हैं। कुछ मामलों में पुराने नाम हट जाने से वास्तविक उपयोगकर्ताओं को परेशानी हो रही है।वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अवधेश कुमार त्रिवेदी ने प्रतिनिधिमंडल की बातें गंभीरता से सुनीं और कहा कि प्रभावित व्यापारी बकाया कर एवं जुर्माना जमा कर आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन प्रस्तुत करें। आवेदन मिलने के बाद नियमानुसार जांच कर 10 से 15 दिनों के भीतर निराकरण की प्रक्रिया पूरी करने का प्रयास किया जाएगा।महामंत्री भूपेंद्र कुमार डहरवाल ने कहा कि यह केवल 119 व्यापारियों का मामला नहीं है बल्कि पूरे दल्लीराजहरा के व्यापारिक भविष्य से जुड़ा विषय है। चेंबर ने रेलवे प्रशासन के समक्ष स्पष्ट किया कि जिन व्यापारियों के नाम रिकॉर्ड में नहीं हैं या कट गए हैं अथवा जिन्होंने नए निर्माण किए हैं, उनके साथ न्याय होना चाहिए। रेलवे प्रशासन ने सकारात्मक आश्वासन दिया है। अब चेंबर सभी प्रभावित व्यापारियों से दस्तावेज, कर रसीदें और आवेदन एकत्रित कर नियमानुसार प्रस्तुत करेगा ताकि किसी को अनावश्यक परेशानी न हो।चेंबर ने कहा कि हमारा उद्देश्य टकराव नहीं बल्कि स्थायी समाधान है। चेंबर व्यापारियों और रेलवे प्रशासन के बीच सकारात्मक समन्वय स्थापित करने का काम कर रहा है।रेलवे प्रशासन के अधिकारियों ने कहा कि रेलवे की कार्रवाई नियमों के अनुरूप है। जिन व्यापारियों के मामले लंबित हैं वे आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन प्रस्तुत करें। प्रत्येक प्रकरण की अलग-अलग जांच कर नियमानुसार निर्णय लिया जाएगा।व्यापारियों ने कहा कि चेंबर की पहल से पहली बार समाधान की उम्मीद जगी है। यदि रिकॉर्ड में सुधार और लीज प्रक्रिया समय पर पूरी होती है तो व्यापारियों को बड़ी राहत मिलेगी और वर्षों से बनी अनिश्चितता समाप्त होगी।चेंबर ऑफ कॉमर्स ने प्रभावित व्यापारियों से अपील की है कि वे अपने सभी आवश्यक दस्तावेज, पुराने कर भुगतान की रसीदें तथा अन्य अभिलेख शीघ्र उपलब्ध कराएं ताकि सामूहिक रूप से आवेदन प्रस्तुत कर त्वरित निराकरण कराया जा सके। रिपोर्ट: हमारा दल्ली राजहरा _निष्पक्ष समाचार चैनलSpread the lovePost navigationवार्ड 14 को मिली सौगात, जनपद सदस्य मंजू बैस की निधि से कला मंच का भूमिपूजन, अब संस्कृति को मिलेगा नया मंच । श्री जगन्नाथ रथ यात्रा को भव्य बनाने नगर में निमंत्रण का दौर शुरू 16 जुलाई को “गुंडीचा” और 24 जुलाई को “बहुड़ा यात्रा” ।