दल्ली राजहरा मंगलवार 13 जुलाई 2026 भोजराम साहू 9893 765541

👉20 साल बाद बुजुर्ग को न्याय: तहसीलदार ने रास्ते पर कब्जे का दावा किया खारिज ।
👉 डौंडीलोहारा में सत्य की जीत, 1985 से काबिज महिला के पक्ष में फैसला ।
👉रास्ते पर कब्जे की कोशिश करने वाले का आवेदन निरस्त, हाईकोर्ट के आदेश छिपाने का आरोप ।
                        समाचार 
 राजस्व विभाग के एक महत्वपूर्ण निर्णय से नगर की बुजुर्ग महिला श्रीमती रामकिशोरी गुप्ता को न्याय मिला है। तहसीलदार ने रिखबचंद संचेती के अवैध दावे को खारिज करते हुए 40 वर्षों से आबादी भूमि पर काबिज महिला के पक्ष में आदेश दिया है।

मामला डौंडीलोहारा स्थित आबादी भूमि खसरा नंबर 520 से जुड़ा है। श्रीमती रामकिशोरी गुप्ता वर्ष 1985 से मध्यप्रदेश शासन द्वारा दिए गए पट्टे के आधार पर इस जमीन पर मकान बनाकर रह रही हैं। उनके पास ग्राम पंचायत द्वारा जारी भूमि अधिकार पत्र भी है।

आरोप है कि रिखबचंद संचेती ने तहसील जाने वाले मुख्य मार्ग को अपनी मांगभूमि बताकर अवैध रूप से कब्जा करने की कोशिश की। उन्होंने जिला कार्यालय, एसडीएम और तहसीलदार को दस्तावेजों में कूटरचना कर गुमराह किया। साथ ही हाईकोर्ट द्वारा 20 वर्ष पूर्व इस मामले को खारिज किए जाने की जानकारी भी छिपाई गई।
तहसीलदार ने मामले की गहन जांच के बाद अपने आदेश में कहा कि आवेदक के पास मांगभूमि पर दावा साबित करने का कोई वैध दस्तावेज नहीं है। हाईकोर्ट पहले ही इस मामले को खारिज कर चुका है। इसके बाद तहसीलदार ने रिखबचंद संचेती का आवेदन खारिज कर दिया और श्रीमती रामकिशोरी गुप्ता को न्याय प्रदान किया।

पीड़ित महिला ने बताया कि रिखबचंद संचेती ने न्यायालय को गुमराह कर उनके खिलाफ लगातार कार्यवाही कराई और आवास योजना के तहत बन रहे मकान को भी बाधित करवाने का प्रयास किया। आज तहसीलदार के न्यायालय से सत्य की जीत हुई है।
इस निर्णय से पीड़ित परिवार में खुशी का माहौल है।
रिपोर्ट: हमारा दल्ली राजहरा निष्पक्ष समाचार चैनल
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Bhojram Sahu

By Bhojram Sahu

प्रधान संपादक "हमारा दल्ली राजहरा: एक निष्पक्ष समाचार चैनल"

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