दल्ली राजहरा मंगलवार 21  जुलाई 2026 भोजराम साहू 9893 765541

 

बालोद जिला पुलिस अधीक्षक श्री किरण गंगाराम चव्हाण ने क्राइम समीक्षा बैठक में जिले के समस्त थाना प्रभारियों को अपराध एवं अवैध गतिविधियों पर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने के सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था को सुदृढ़, पारदर्शी और प्रभावी बनाना सर्वोच्च प्राथमिकता है।

 

जिला मुख्यालय में आयोजित इस बैठक में डीएसपी हेडक्वार्टर श्रीमती श्रुति सिंह, डीएसपी बोनीफास एक्का, डीएसपी राजेश बागड़े, डीएसपी श्रीमती माया शर्मा, रक्षित निरीक्षक रेवती वर्मा, यातायात प्रभारी, साइबर सेल प्रभारी सहित जिले के सभी थाना प्रभारी एवं अधिकारी उपस्थित थे।

लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के निर्देश

 

बैठक में लंबित अपराध, चालान, वारंट, गुमशुदगी, शिकायतों एवं विवेचना की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। पुलिस अधीक्षक ने सभी लंबित प्रकरणों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने, बाउंड ओवर की प्रभावी कार्यवाही करने और परिवार परामर्श केंद्र के प्रकरणों को समय सीमा में निपटाने के निर्देश दिए। नेटग्रिड के माध्यम से आरोपियों की जानकारी एकत्रित करने पर भी जोर दिया गया।

 

अवैध गतिविधियों पर कड़ी कार्रवाई

 

पुलिस अधीक्षक ने जुआ, सट्टा, आबकारी एक्ट, अवैध परिवहन, अवैध निवासियों का सत्यापन, किरायेदार सत्यापन, निगरानी बदमाशों की चेकिंग, गौवंश तस्करी और साइबर फ्रॉड जैसे विषयों पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में शराब, सट्टा, जुआ एवं गांजा जैसी गतिविधियों को पूर्णतः बंद किया जाए। इस संबंध में किसी भी प्रकार की शिकायत मिलने पर संबंधित के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

यातायात और सड़क सुरक्षा पर जोर

 

यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए ड्रिंक एंड ड्राइव करने वालों पर सख्त कार्रवाई, ओवर स्पीड वाहनों की नियमित चेकिंग एवं चालानी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। साथ ही दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट चिन्हांकित कर वहां बैरीकेट एवं रेडियम लगवाने के आदेश दिए।

 पुलिसिंग में अनुशासन और जनसंपर्क 
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि थाना प्रभारी अपने क्षेत्र में पूर्ण जिम्मेदारी के साथ कार्य करें। सूचना तंत्र को मजबूत किया जाए और स्टाफ व आम जनता से शिष्ट, संयमित एवं संवेदनशील व्यवहार रखा जाए। बेहतर सामंजस्य बनाकर कानून व्यवस्था बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया। साइबर अपराधों से निपटने के लिए प्रत्येक थाने से चयनित स्टाफ को साइबर प्रशिक्षण दिए जाने के निर्देश भी दिए गए।

 

निगरानी और प्रोत्साहन

 

पुलिस अधीक्षक ने कहा कि वे अचानक निरीक्षण करेंगे और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से नियमित समीक्षा जारी रहेगी। बेहतर कार्य करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशंसा एवं प्रोत्साहन दिया जाएगा, वहीं लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। थाना स्तर पर आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रस्ताव समय पर प्रस्तुत करने को कहा गया।

 

पुलिस अधीक्षक ने अंत में कहा कि पुलिस वाले की छवि को बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है।

 

 

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Bhojram Sahu

By Bhojram Sahu

प्रधान संपादक "हमारा दल्ली राजहरा: एक निष्पक्ष समाचार चैनल"

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