दल्ली राजहरा मंगलवार 21 जुलाई 2026 भोजराम साहू 9893 765541
   भारतीय बौद्ध महासभा छत्तीसगढ़ प्रदेश दल्ली राजहरा द्वारा सोमवार को प्रदेश उपाध्यक्ष हेमन्त कांडे के नेतृत्व में महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन अनुविभागीय दण्डाधिकारी दल्ली राजहरा के माध्यम से प्रस्तुत किया गया।
बौद्ध समाज ने विहार के बोधगया स्थित महाबोधि महाविहार का सम्पूर्ण प्रबंधन बौद्ध समुदाय को सौंपने और बोधगया मंदिर अधिनियम 1949 को निरस्त करने की मांग की है।
 हेमन्त कांडे ने कहा – “सबसे पवित्र तीर्थ का प्रबंधन बौद्धों के हाथ में हो”

ज्ञापन सौंपते हुए भारतीय बौद्ध महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष हेमन्त कांडे ने कहा कि बोधगया स्थित महाबोधि महाविहार सम्पूर्ण विश्व के बौद्धों का सर्वोच्च एवं पवित्र तीर्थ स्थल है। 
यही बोधि वृक्ष के नीचे तथागत सम्यक सम्बुद्ध ने ज्ञान प्राप्त किया था। यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर घोषित इस स्थल का प्रबंधन आज भी 1949 के अधिनियम के तहत गैर-बौद्ध सदस्यों वाली समिति करती है। यह बौद्ध अनुयायियों की भावनाओं का अपमान है” – श्री कांडे ने कहा।

 

उन्होंने तर्क दिया कि जिस प्रकार हिन्दू मंदिरों का प्रबंधन हिन्दू, मस्जिद का मुस्लिम, चर्च का ईसाई और गुरुद्वारे का सिक्ख समुदाय करता है, उसी प्रकार विश्व के सर्वाधिक पवित्र बौद्ध स्थल का प्रबंधन भी पूर्णतः बौद्धों के हाथ में होना चाहिए।

ज्ञापन में रखीं 4 प्रमुख मांगें
हेमन्त कांडे के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में बौद्ध समाज ने निम्न मांगें की हैं:

 

1. महाबोधि महाविहार, बोधगया का सम्पूर्ण प्रबंधन एवं प्रशासन बौद्ध समाज को सौंपा जाए।
2. बोधगया मंदिर अधिनियम 1949 को निरस्त कर बौद्धों को पूर्ण प्रबंधन अधिकार प्रदान किया जाए
3. महाविहार की धार्मिक परम्पराओं, विरासत एवं बौद्ध संस्कृति की रक्षा हेतु बौद्ध प्रतिनिधियों की प्रबंधन समिति गठित की जाए।
4. देश एवं विश्व भर के बौद्ध समुदाय की भावनाओं का सम्मान करते हुए इस विषय पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लिया जाए।
 400 दिन से चल रहा अनशन, केंद्र से हस्तक्षेप की मांग
हेमन्त कांडे ने बताया कि महाबोधि महाविहार के प्रबंधन को लेकर विगत 400 दिनों से बौद्ध भिक्षु अनशन पर बैठे हैं। हमें विश्वास है कि भारत सरकार इस न्यायोचित मांग पर गम्भीरता से विचार करेगी और अनशन को समाप्त कराने में भूमिका निभाएगी” 

 

 प्रधानमंत्री और बिहार सरकार को भी भेजी कॉपी

 

भारतीय बौद्ध महासभा ने इस ज्ञापन की प्रति प्रधानमंत्री, भारत सरकार मुख्यमंत्री, बिहार राज्यपाल, बिहार को भी प्रेषित की है।ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में बौद्ध अनुयायी और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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Bhojram Sahu

By Bhojram Sahu

प्रधान संपादक "हमारा दल्ली राजहरा: एक निष्पक्ष समाचार चैनल"

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