दल्ली राजहरा सोमवार 17 अगस्त 2026 भोजराम साहू 9893 765541

 

 औद्योगिक क्षेत्रों में मजदूरों के अधिकारों पर बढ़ते हमले, दमनकारी नीतियों, बेरोजगारी, महंगाई तथा जल-जंगल-जमीन की लगातार हो रही लूट के खिलाफ छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा एवं प्रगतिशील इंजीनियरिंग श्रमिक संघ/प्रगतिशील सीमेंट श्रमिक संघ के नेतृत्व में 16 अगस्त 2026 को भिलाई-जामुल क्षेत्र में जुलूस एवं आमसभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भिलाई, जामुल, दुर्ग, तेडेसरा, राजनांदगांव, दल्ली राजहरा, लोहारा और डौंडी सहित विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में मोर्चा के कार्यकर्ता, मजदूर, किसान, युवा, महिलाएं एवं लोकतांत्रिक शक्तियां शामिल हुईं।
जुलूस छावनी चौक से प्रारंभ होकर नंदिनी रोड, का. शंकर गुहा नियोगी चौक, बोगदा पुल, एसीसी-अडानी गेट एवं लेबर कैंप होते हुए रावण भाठा, जामुल पहुंचा, जहां यह विशाल आमसभा में परिवर्तित हुआ। सभा में औद्योगिक मजदूरों के अधिकारों, सम्मानजनक रोजगार और श्रम कानूनों की रक्षा के साथ-साथ प्राकृतिक संसाधनों पर बढ़ते कॉरपोरेट कब्जे के खिलाफ आवाज बुलंद की गई।

 

मजदूरों का दमन और जल-जंगल-जमीन की लूट बर्दाश्त नहीं : जनक लाल ठाकुर
छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष जनक लाल ठाकुर ने कहा कि आज औद्योगिक क्षेत्रों में मजदूरों के अधिकारों को लगातार कमजोर किया जा रहा है। चार श्रम कोड के जरिए मजदूरों की सुरक्षा और अधिकारों पर हमला किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एक ओर मजदूरों का दमन बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर जल, जंगल और जमीन को लगातार लूटा जा रहा है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की खनिज संपदा और प्राकृतिक संसाधन यहां के लोगों की मेहनत और जमीन से जुड़े हैं, लेकिन विकास के नाम पर मजदूरों, किसानों और आदिवासियों के अधिकारों को कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों में मजदूरों के शोषण और प्राकृतिक संसाधनों की लूट के खिलाफ संघर्ष को और व्यापक बनाया जाएगा।
12 अक्टूबर 1995 के नियमों का पालन जरूरी : सुखलाल साहू
सभा को संबोधित करते हुए सुखलाल साहू ने कहा कि मजदूरों के रोजगार और अधिकारों से जुड़े 12 अक्टूबर 1995 के नियमों का पालन किया जाना चाहिए। उन्होंने भिलाई आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि आंदोलन के दौरान काम से निकाले गए मजदूरों को न तो उनका उचित वेतन मिला और न ही रोजगार वापस मिला।

उन्होंने कहा कि अपने अधिकारों के लिए प्रभावित श्रमिकों ने सुप्रीम कोर्ट में अपने-अपने मामले लगाए हैं और अब उन्हें न्यायालय से सम्मानजनक न्याय की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि वर्षों से संघर्ष कर रहे मजदूरों को न्याय मिलना ही शहीद मजदूरों के संघर्ष के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। एसीसी-अडानी सहित विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठानों में मजदूरों के सामने रोजगार, वेतन, सुरक्षा और सम्मान से जुड़े गंभीर सवाल खड़े हैं। इन सवालों को लेकर मजदूरों को संगठित होकर संघर्ष करना होगा।

 

सुरेन्द्र साहू ने कहा आम जनता के अधिकारों की लड़ाई को किसी भी दबाव के आगे रोका नहीं जाएगा। जल-जंगल-जमीन, रोजगार, सम्मानजनक मजदूरी और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष को आगे भी लगातार जारी रखा जाएगा।

प्रेम नारायण वर्मा ने कहा नियोगी जी का भिलाई मजदूरों के लिए एक ही मांग था वो मजदूरों को जीने लायक वेतन का लेकिन लगातार पूंजीपति और सरकार मिलकर मजदूरों का शोषण कर रहे न्यूतनम वेतन तक फैक्ट्री में लागू नहीं है, एसीसी जामुल में वेतन बोर्ड लागू करना होगा।

 

रामचरण नेताम रावणभाठा मैदान भिलाई आंदोलन का गवाह है।

 

सोमनाथ उइके ने कहा ये आंदोलन दल्ली से भिलाई तक फैला है देश के उद्योगपति किसी भी कीमत में मजदूर आंदोलन सफल होने नहीं देंगे लेकिन लाल हरा के कार्यकर्ताओं में वो हिम्मत है जो इनको झुका देगी प्रगतिशील इंजियररिंग श्रमिक संघ ने सिम्प्लेक्स इजीनियरिंग भिलाई प्लाट से 4200 मजदूरों को निकालने का मामला अभी कोर्ट में चल रहा है श्रमिक संघ ने सुप्रीम कोर्ट में अपना मामला दाखिल कर हिम्मत के साथ खड़ा किया है,जिला न्यायालय में दुर्ग में भिलाई के उद्योगपति को बातचीत करने को बुलाए थे लेकिन उद्योगपति ना कोर्ट में आया न किसी भी प्रकार से मजदूरों की बात सुना भिलाई आंदोलन की आग आगे भी जारी रहेगी हमे हिम्मत के साथ खड़ा होना होगा।

 

हेमंत कांडे ने कहा आज छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा की नेतृत्व की जरूरत है देश प्रदेश में इसकी जरूरत है प्रधानमंत्री ने दिमागी नक्सल किसे कहा रहे है देश की गद्दी में बैठे सबसे बड़ा नक्सली तो वही है, सभी वर्गों का आंदोलन चल रहा है स्कूली बच्चे सड़कों पर उतर आए इसी अच्छे दिन की उम्मीद में थी मोदी सरकार को थी।

 

 संतोष यादव _अडानी एसीसी जामुल के सीमेंट फैक्ट्री में वहां के मजदूरों ने वेजेस बोर्ड स्थापित नहीं होने का विरोध किए और आने वाले दिनों में वेजेस बोर्ड स्थापित नहीं होने उग्र करने की बात कही।

 

इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा, छत्तीसगढ़ माइंस श्रमिक संघ, छत्तीसगढ़ महिला मुक्ति मोर्चा,एसीसी सीमेंट श्रमिक संघ, प्रगतिशील इंजियररिंग श्रमिक संघ के हजारों कार्यकर्ता इसमें शामिल हुए।
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Bhojram Sahu

By Bhojram Sahu

प्रधान संपादक "हमारा दल्ली राजहरा: एक निष्पक्ष समाचार चैनल"

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