दल्ली राजहरा सोमवार17 अगस्त 2026 भोजराम साहू 9893 765541 देश की आर्थिक नींव रखने वाले मजदूर वर्ग की उपेक्षा के खिलाफ भारतीय मजदूर संघ ने 17 अगस्त 2026 को देशव्यापी एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। रांची में हुई केंद्रीय कार्यसमिति के निर्णय के अनुसार देश के 28 राज्यों और 42 उद्योग महासंघों ने सभी जिला मुख्यालयों पर रैली और धरना कर केंद्र सरकार को ज्ञापन सौंपा। इसी कड़ी में भारतीय मजदूर संघ जिला बालोद ने बस स्टैंड बालोद में एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। सुबह से हो रही बारिश के बावजूद आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और विभिन्न क्षेत्रों के मजदूरों ने भारी उत्साह के साथ भागीदारी की। धरना को संबोधित करते हुए बीएमएस के जिला मंत्री एवं मुख्य वक्ता मुश्ताक अहमद अंसारी ने कहा कि उत्पादन क्षेत्र में दिन-रात पसीना बहाने वाला मजदूर आज महंगाई और असुरक्षा से जूझ रहा है। सरकार को मजदूरों की लंबित मांगों का तत्काल समाधान करना होगा।बीएमएस की प्रमुख मांगें: 1. को सम्मानस्कीम वर्कर्स: आंगनबाड़ी, आशा, मिड-डे मील और एनएचएम कर्मियों को श्रमिक का दर्जा दिया जाए। आधी सदी से चल रही आंगनबाड़ी व्यवस्था को अब “स्कीम” नहीं माना जाए। मासिक मानदेय में पर्याप्त वृद्धि की जाए।2. पेंशन और सामाजिक सुरक्षा: ईपीएस-95 की न्यूनतम पेंशन 7500 रुपये प्रति माह की जाए। इसे वीडीए और आयुष्मान भारत से जोड़ा जाए। कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना बहाल की जाए।3. वेतन सीमा में वृद्धि: फॉर्मूला आधारित न्यूनतम वेतन 30000 रुपये किया जाए। ईएसआई की सीमा 21000 से बढ़ाकर 42000 रुपये और ईपीएफ की सीमा 15000 से बढ़ाकर 30000 रुपये की जाए।4. बोनस और ग्रेच्युटी: बोनस की गणना पूरे वेतन पर हो और सीमा में वृद्धि की जाए। ग्रेच्युटी की गणना 15 दिन के बजाय 30 दिन के वेतन पर हो और इसकी कोई ऊपरी सीमा न हो।5. श्रम न्याय: संविदा कर्मियों के लिए समान कार्य के लिए समान वेतन लागू हो। वेतन न देने वाले ठेकेदारों पर सख्त कार्रवाई हो।6. कार्य परिस्थितियां: बैंकिंग क्षेत्र में 5-दिवसीय कार्य प्रणाली लागू हो। सरकारी विभागों के रिक्त पद शीघ्र भरे जाएं।7. नीतिगत सुधार: श्रमिक विरोधी इंडस्ट्रियल रिलेशंस कोड और ओएसएच एंड डब्ल्यूसी कोड वापस हों। ट्रेड यूनियनों से चर्चा कर भारतीय श्रम सम्मेलन बुलाया जाए।जिला मंत्री मुश्ताक अहमद ने कहा कि भारत में दुनिया का सबसे बड़ा असंगठित कार्यबल है। मजदूरों के अधिकारों की रक्षा किए बिना समग्र विकास संभव नहीं है। 17 अगस्त को सड़कों पर गूंजी आवाज नीति-निर्माताओं के लिए संदेश है। धरने को प्रदेश पर्यावरण संयोजक लखनलाल चौधरी, प्रदेश महामंत्री माधुरी रथ, प्रदेश उपाध्यक्ष कुलेश्वरी साहू, राष्ट्रीय मंत्री आयशा खान ने भी संबोधित किया।कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ की ब्लॉक अध्यक्ष कमला चन्द्राकर, सेक्टर प्रभारी संजय कुमारी, सुनीता साहू, पूर्णिमा बैस, शांति साहू, चित्राणी निषाद, लक्ष्मी पटेल, कुमदीनी देशमुख, मीडिया प्रभारी जैबा अख्तर, संजु रामटेके, त्रिलोका लेडिया, संगीता आरदा, पिलेश्वरी सहित खदान मजदूर संघ भिलाई के श्रमिक उपस्थित रहे।Spread the lovePost navigation. “राष्ट्र निर्माण के युगपुरुष अटलजी को नमन कर उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प दोहराया”। बरसात भी नहीं डिगा सकी “आस्था” आजाद नगर वार्ड से 100 से अधिक भक्तों ने निकाली भव्य कावड़ यात्रा।