दल्ली राजहरा बुध वार 26 अगस्त 2026 भोजराम साहू 9893 765541

 

 हिन्दुस्तान स्टील एम्पलाईज यूनियन (सीटू) के पदाधिकारियों ने आज मुख्य महाप्रबंधक (प्रभारी) राजहरा खदान समूह ए.के. सिंह का दल्ली राजहरा में पदभार ग्रहण करने पर, माइंस ऑफिस के सभागार में गुलदस्ता भेंट कर स्वागत किया। साथ ही माइंस के उत्पादन बढ़ाने, ठेका एवं नियमित कर्मचारियों की मांगों के संबंध में चर्चा भी की गई।

 

चर्चा के दौरान नए मुख्य महाप्रबंधक ने सीटू के पदाधिकारियों से कहा कि आप सभी के सहयोग और सकारात्मक पहल से माइंस के उत्पादन को कंपनी की जरूरत के अनुरूप नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने में सफलता मिलेगी। वर्तमान समय प्रतिस्पर्धात्मक युग है, हमें अपने आप को बनाए रखने और सेल का महारत्न कंपनी का दर्जा बनाए रखने के लिए और कड़ी मेहनत करनी होगी।

 

यूनियन की ओर से अध्यक्ष ज्ञानेंद्र सिंह, सचिव पुरुषोत्तम सिमैया, संगठन सचिव प्रकाश क्षत्रीय एवं कोषाध्यक्ष जे गुरुवुलु ने मुख्य महाप्रबंधक को भरपूर सहयोग देने का वादा किया। साथ ही उन्होंने नियमित एवं ठेका श्रमिकों की ओर से 25 सूत्रीय मांगपत्र भी मुख्य महाप्रबंधक को सौंपा। महाप्रबंधक ने यूनियन को आश्वासन दिया कि आपकी मांगों पर अवश्य विचार किया जाएगा और जितना ज्यादा से ज्यादा पूरा हो सके, वह प्रयास किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि वर्तमान स्थिति में कई गंभीर चुनौतियां हैं, जो उत्पादन बढ़ाने में रुकावट बन रही हैं, पहले उन समस्याओं का निराकरण किया जाएगा, उसके साथ ही आपके द्वारा दिए गए ज्ञापन का भी निराकरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दल्ली राजहरा में मैंने अभी कुछ ही समय पहले पदभार ग्रहण किया है,यहां की स्थिति समझने के लिए मुझे थोडा वक्त चाहिए। सबसे पहले माइंस की समस्याएं हैं, उनका हल निकालने दीजिए। आपको विश्वास दिलाता हूं कि जल्द ही आपकी समस्याओं का भी निराकरण होगा।

 

8 माह बाद भी मांगें लंबित, पूर्व प्रबंधन का रवैया रहा उदासीन – सीटू

 

ज्ञापन में उल्लेख है कि आई.ओ.सी. दल्ली राजहरा के नियमित एवं ठेका श्रमिकों की सुविधाओं, लाभों एवं व्यवस्था में सुधार हेतु यूनियन द्वारा दिनांक 16.01.2026 को माइंस कार्यालय राजहरा के समक्ष प्रदर्शन एवं दिनांक 15.04.2026 से 17.04.2026 तक तीन दिवसीय धरना कार्यक्रम के माध्यम से प्रमुख मांगों को प्राथमिकता पूर्वक हल करने का आग्रह किया गया था। किन्तु बड़े खेद के साथ कहना पड़ रहा है कि 8 माह हो जाने के बाद भी उक्त मांगों एवं समस्याओं को लेकर प्रबंधन का रवैया उदासीन बना हुआ है, यहां तक कि प्रबंधन द्वारा इन विषयों पर कोई बैठक या गंभीर चर्चा तक नहीं की जा रही है, जिससे श्रमिकों में काफी असंतोष है।

 

नियमित कर्मचारियों की प्रमुख मांगें –

 

1. नियमित कर्मचारियों के अधूरे वेतन समझौता (01.01.2017) को 39 माह का बकाया एरियर्स देकर तथा कम MGB की भरपाई के लिए एक अतिरिक्त इन्क्रीमेंट देकर पूरा किया जाए एवं इंसेंटिव स्कीम को रिवाइज किया जाए।
2. खदान के लिए नॉन-फाइनेंशियल रिवार्ड स्कीम तत्काल चालू किया जाए, जिसका लाभ ठेका श्रमिकों को भी मिले।
3. वीकली ऑफ में ड्यूटी या अतिरिक्त ड्यूटी में नियमानुसार एक्स्ट्रा वेजेस दिया जाए।
4. माइंस से सेवानिवृत्त कर्मचारियों को थर्ड पार्टी/लीज/लाइसेंस/रिटेंशन लागू किया जाए।
5. थाना चौक से माइंस ऑफिस तथा MVT सेंटर रोड, दल्ली माइंस तथा झरन दल्ली जाने के रोड पर ड्यूटी आने-जाने के टाइम पर भारी वाहनों की आवाजाही तथा पार्किंग पर रोक लगाई जाए, दल्ली एवं झरन दल्ली माइंस जाने के जर्जर रोड की मरम्मत की जाए।
6. आई.ओ.सी. की सभी कैंटीनों में पर्याप्त कूलर तथा शुद्ध पेयजल की समुचित व्यवस्था की जाए।
7. आई.ओ.सी. के विभिन्न अनुभागों में वरिष्ठ हो चुके कर्मियों को अभी तक Extended Cluster में ही रखा गया है, अतः उन्हें यथोचित (इंजीनियरिंग एसोसिएट/ जूनियर इंजीनियर) में पदोन्नत कर नई सीनियारिटी लिस्ट बनाई जाए।
8. एक्सकेवेटर, डंपर एवं डोजर आदि हैवी मशीनरी ऑपरेटरों को एक्सीलरेट प्रमोशन दिया जाए।
9. खदानों में कार्यरत कर्मचारी जिन्होंने इलेक्ट्रिकल सुपरवाइजर परीक्षा पास कर ली है, उन्हें एक अतिरिक्त ग्रेड/अतिरिक्त इन्क्रीमेंट देकर इलेक्ट्रिकल सुपरवाइजर के रूप में पदस्थ किया जाए।
10. आई.ओ.सी. राजहरा हेतु HR विभाग के लिए DGM स्तर के अधिकारी की स्थायी नियुक्ति की जाए एवं खदान कर्मियों को पेंशन से संबंधित परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जिसका निराकरण नहीं होने से कर्मचारी को भिलाई एवं EPFO रायपुर का चक्कर लगाना पड़ता है, अतः समस्या समाधान हेतु भिलाई CPF कार्यालय से माइंस में एक अधिकारी की पदस्थापना की जाए।

 

चिकित्सा सुविधा एवं टाउनशिप सुधार हेतु मांगें –

 

11. चिकित्सा सुविधा में सुधार हेतु: राजहरा माइंस हॉस्पिटल के लिए मेडिसिन डॉक्टर की स्थायी नियुक्ति, विशेषज्ञ डॉक्टरों की पदस्थापना एवं सभी रोगों से संबंधित ओ.पी.डी. बहाल की जाए, स्टाफ नर्स, ड्रेसर, लैब टेक्नीशियन, अटेंडेंट, एम्बुलेंस अटेंडेंट आदि की कमी पूरी की जाए, भिलाई रेफरल पर अघोषित रूप से लगाई गई पाबंदी तत्काgल रद्द कर पूर्व व्यवस्था बहाल की जाए, एक्सरे एवं अल्ट्रासाउंड की नियमित व्यवस्था लागू की जाए।

 

12. टाउनशिप राजहरा के हालात में सुधार हेतु: आवास आवंटन हेतु नई सीनियारिटी लिस्ट जारी करना, क्वार्टरों के मरम्मत तथा खिड़की-दरवाजों का मरम्मत कार्य नियमित एवं गुणवत्ता पूर्वक करना, सभी क्वार्टरों के किचन, टॉयलेट एवं बाथरूम में टाइल्स लगाना, मंगल भवन, ओपन एयर थियेटर का मरम्मत एवं रंगाई-पोताई, दोनों DAV स्कूल के भवनों का कैपिटल रिपेयर, पुराने हो चुके इलेक्ट्रिकल वायरिंग स्विच बोर्ड को बदलना, सभी प्रमुख चौक-चौराहों पर CCTV कैमरा लगाना, क्वार्टरों की रंगाई-पोताई, तारफेल्टिंग, बैकयार्ड क्लीनिंग, जर्जर सीवरेज लाइनों का मरम्मत, टाउनशिप की उचित साफ-सफाई हेतु पी.एच.डी. विभाग की बहाली, टाउनशिप में भारी वाहनों के प्रवेश/पार्किंग पर प्रतिबंध, अवैध कब्जे हटाने की स्थायी व्यवस्था आदि।

 

ठेका श्रमिकों की प्रमुख मांगें –

 

13. ठेका श्रमिकों के माइंस भत्ता व रात्रि कालीन भत्ता रिवाइज कर इसे 200 रुपये तथा 180 रुपये प्रतिदिन किया जाए।
14. ठेका श्रमिकों को परिवार सहित आई.पी.डी. चिकित्सा सुविधा जल्द से जल्द लागू किया जाए।
15. सभी ठेका में पूरे वेतन पर 12% सी.पी.एफ. कटौती सुनिश्चित की जाए।
16. जगन्नाथ स्टील पैलेट प्लांट में कार्यरत ठेका श्रमिकों को केंद्रीय वेतनमान एवं AWA राशि दिया जाए।
17. सभी ठेका में ग्रेच्युटी लागू किया जाए।
18. ठेका श्रमिकों का वेतन भुगतान, वेतन पर्ची, नियुक्ति पत्र, सेवा प्रमाण पत्र आदि में श्रम कानूनों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए।
19. टाउनशिप के रिक्त आवासों को ठेका श्रमिकों को आवंटित किया जाए।
20. DAV स्कूल में ठेका श्रमिकों के बच्चों को भर्ती में प्राथमिकता दी जाए व फीस को नियमित श्रमिकों के बराबर किया जाए।
21. माइंस के सभी ठेका श्रमिकों के लिए मॉडल स्टैंडिंग ऑर्डर लागू कर आकस्मिक अवकाश, अर्जित अवकाश, चिकित्सा अवकाश, त्यौहारिक अवकाश सुनिश्चित किया जाए।
22. सभी ठेका कार्यों में समान प्रकृति के ठेकों में श्रमिकों की श्रेणी एवं वेतन भत्ते संबंधित नियम शर्तें एक समान रखी जाएं।
23. ठेका श्रमिकों की अघोषित 20% कटौती बंद की जाए।
24. आई.ओ.सी. में कई ठेका कार्य जैसे दल्ली माइंस के जी-ब्लॉक, एसबीयू 01, हितकसा रिसेटलिंग, क्रशर एवं स्क्रीनिंग, टाउनशिप के हॉस्पिटल की साफ सफाई ठेका, M&S में पिक-अप वाहन ठेका, झरन दल्ली के लाइट व्हीकल ठेका आदि लंबे समय से बंद हैं। इस तरह बार-बार कामबंदी हो जाने से श्रमिकों को काफी परेशानी उठाना पड़ता है, अतः ठेका कार्य नियमित रूप से चले, यह सुनिश्चित किया जाए।
25. ठेका श्रमिकों को 10 वर्ष की सेवा में एक ग्रेड ऊपर पदोन्नति दी जाए तथा प्रत्येक 05 वर्ष की वरिष्ठता में 2000 रुपये इन्क्रीमेंट दिया जाए।

 

 इस सौजन्य मुलाकात व चर्चा में यूनियन की ओर से ज्ञानेंद्र सिंह,पुरषोत्तम सिमैया, प्रकाश क्षत्रीय, जे गुरुवुलू, रामाधीन, चार्ली वर्गिस, सुजीत कुमार मंडल, बालमुकुंद ठाकुर, मुकेश मानस, नकुल देवांगन, शशिकांत,इन्द्रदमन सिंह ओमप्रकाश, सुनील नोन्हारे, योगेश्वर, रोहित साहू, अजय चौबे एवं गंगाधर साहू, उपस्थित थे।
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Bhojram Sahu

By Bhojram Sahu

प्रधान संपादक "हमारा दल्ली राजहरा: एक निष्पक्ष समाचार चैनल"

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