दल्ली राजहरा गुरुवार 17 सितम्बर 2026 भोजराम साहू 9893 765541

 

 भारतीय मजदूर संघ के जिला मंत्री और खदान मजदूर संघ भिलाई संबद्ध भारतीय मजदूर संघ के अध्यक्ष मुश्ताक अहमद ने बताया कि विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर खदान मजदूर संघ भिलाई के राजहरा कार्यालय भवन में पूजा-अर्चना की गई।

 

पूजा के पश्चात उपस्थित सदस्यों को संबोधित करते हुए जिला मंत्री मुश्ताक अहमद ने कहा कि भारतीय चिंतन में श्रम केवल पारिश्रमिक के लिए किया जाने वाला परिश्रम नहीं, बल्कि सामाजिक समर्पण और ईश्वरोपासना है। “श्रम ही साधना है” के संकल्प के साथ ही 17 सितंबर को विश्वकर्मा जयंती को भारतीय मजदूर संघ ने राष्ट्रीय श्रमिक दिवस के रूप में घोषित किया है।

अंत्योदय और भारतीय विकास की अवधारणा

 

उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने भारत के उत्थान के लिए कहा था कि “भावी भारत का उदय किसान की कुटिया से और गांवों से होना चाहिए।” यही संकल्प पंडित दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म मानवदर्शन और BMS के अंत्योदय की दृष्टि में झलकता है। समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचेगा तभी देश की वास्तविक प्रगति मानी जाएगी।

 

बदलता कार्यक्षेत्र और AI का युग

 

मुश्ताक अहमद ने कहा कि आज उद्योग जगत बड़े संरचनात्मक परिवर्तन का साक्षी बन रहा है। आधुनिक मशीनीकरण और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के कारण उत्पादन बढ़ रहा है लेकिन रोजगार के अवसर घट रहे हैं, जिससे ‘रोजगारविहीन विकास’ का संकट उत्पन्न हो रहा है। इससे निपटने के लिए श्रमिकों को समय के साथ अपने कौशल का विकास करना होगा।

 

नए युग की चुनौतियाँ

 

उन्होंने कहा कि चौथी औद्योगिक क्रांति के इस दौर में शोषण के स्वरूप भी बदल गए हैं –
आईटी क्षेत्र में काम के अनियंत्रित घंटे और मानसिक तनाव
– गिग वर्कर्स को उचित सामाजिक सुरक्षा न मिलना
– प्रवासी श्रमिकों के लिए सुरक्षित आवास और स्वास्थ्य बीमा की चुनौती
– असंगठित क्षेत्र में रोजगार की अस्थिरता और पेंशन व्यवस्था

 

इन चुनौतियों का सामना करने के लिए श्रमिकों का सशक्त रूप से संगठित होना अनिवार्य है।

 

BMS का रुख – देशहित में श्रमिक हित

 

BMS का दृष्टिकोण है कि श्रमिक और नियोक्ता शत्रु नहीं बल्कि विकास के साझेदार हैं। नए लेबर कोड लागू करते समय श्रमिकों के अधिकारों और कार्य सुरक्षा का पूर्ण संरक्षण होना चाहिए। संगठन की मांग है कि इसमें कोई भी श्रमिक-विरोधी प्रावधान नहीं होना चाहिए।

 

भगवान विश्वकर्मा का संदेश

 

अंत में उन्होंने कहा कि शिल्पकला के आदिपिता भगवान विश्वकर्मा का जीवन राष्ट्रवादियों के लिए प्रेरणा है। व्यक्तिगत हितों से ऊपर उठकर राष्ट्र की सुरक्षा के लिए कर्म करने की चेतना को श्रमिक समाज को आत्मसात करना चाहिए।

 

इस अवसर पर प्रमुख रूप से संघ के अध्यक्ष मुश्ताक अहमद, उपाध्यक्ष महेंद्र साहू, कोषाध्यक्ष संतोष देवांगन, रजनीश जरयाल, संजय यादव, विमल यदु, शेखर निर्मलकर, अजीत मलिक, मिलींद तामड़े, विमल यादव, अनूप साहू, देवा साहू, डामेन्द कुमार, राधेश्याम विश्वकर्मा, राजेन्द्र मेश्राम, नंदकुमार, काशीनाथ, प्रकाश ठाकुर सहित कई सदस्य उपस्थित थे।
Spread the love
Bhojram Sahu

By Bhojram Sahu

प्रधान संपादक "हमारा दल्ली राजहरा: एक निष्पक्ष समाचार चैनल"

You missed

error: Content is protected !!