दल्ली राजहरा शुक्रवार 16 अक्टूबर 2026 भोजराम साहू 9893 765541नवरात्रि के पावन पर्व पर धार्मिक आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण का अनोखा संदेश दिया गया। गरबा नृत्य आयोजन के दौरान पर्यावरण प्रेमी प्रदीप साहू एवं उनकी टीम ने श्रद्धालुओं से पूजा सामग्री को नदी-तालाबों में विसर्जित नहीं करने की अपील की।नवरात्रि के अवसर पर गरबा नृत्य का आयोजन सूरज गुप्ता एवं प्रशांत बाला बोकडे द्वारा किया जा रहा है। आयोजन के पंचम दिवस 15 अक्टूबर 2026 गुरुवार को बीएसपी हायर सेकेंडरी स्कूल क्रमांक 2 के मैदान में गरबा कार्यक्रम के दौरान यह जागरूकता अभियान चलाया गया। कार्यक्रम में पर्यावरण प्रेमी प्रदीप साहू ने कहा कि नवरात्रि में नौ दिनों तक माता रानी के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। इस दौरान बड़ी मात्रा में फूल-मालाएं, कपड़े, प्लास्टिक, थर्मोकोल और पॉलीथिन निकलते हैं। इन्हें नदी-तालाबों में विसर्जित करने से जल प्रदूषण बढ़ता है और जलीय जीवों पर बुरा असर पड़ता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि फूल-पत्तियों को एकत्र कर जैविक खाद बनाएं और उस खाद से पौधों को पोषण दें। वहीं प्लास्टिक और थर्मोकोल जैसी हानिकारक सामग्रियों को अलग एकत्र कर उचित तरीके से निपटान करें।https://hamaradallirajhara.in/wp-content/uploads/2026/10/VID-20261016-WA0014.mp4इस अवसर पर पर्यावरण प्रेमी टिकेश्वर साहू ने कहा कि धार्मिक आस्था और पर्यावरण संरक्षण एक दूसरे के विरोधी नहीं बल्कि पूरक हैं। धार्मिक आयोजनों में स्वच्छता को प्राथमिकता देने से समाज में सकारात्मक बदलाव आएगा। पर्यावरण प्रेमी राजकुमार साहू ने कहा कि हमारी टीम पिछले 24 वर्षों से पर्यावरण संरक्षण के लिए काम कर रही है। हमारा उद्देश्य स्वच्छता, जल संरक्षण, वृक्षारोपण, पॉलिथीन मुक्त पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करना है। नदियां और तालाब हमारी प्राकृतिक धरोहर हैं, इन्हें स्वच्छ रखना हम सभी की जिम्मेदारी है।कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी श्रद्धालुओं और गरबा प्रतियोगिता में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को पर्यावरण संरक्षण की शपथ भी दिलाई गई। सभी ने संकल्प लिया कि वे पूजा सामग्री को नदी-तालाबों में विसर्जित नहीं करेंगे और अपने आसपास के लोगों को भी पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित करेंगे। इस अवसर पर पर्यावरण प्रेमी कौशल साहू, हेमशंकर साहू, चेला राम, ताराचंद रावटे, लोकेंद्र देवांगन, आयोजनकर्ता सूरज गुप्ता, प्रशांत बाला बोकडे सहित समिति के सभी सदस्य मौजूद रहे। Spread the lovePost navigationकोयंबटूर में चमके राजहरा के सितारे, कृष्णा मूर्ति को गोल्ड-सिल्वर, तारा सिंह को कांस्य । दल्ली राजहरा से 22 KM दूर मां महामाया धाम: राजघराने की कुलदेवी, जहां 6 माह रात-6 माह दिन की है मान्यता ।