दल्ली राजहरा शुक्रवार 23 अक्टूबर 2026 भोजराम साहू 9893 765541
महतारी वंदन पर सरकार से सीधा सवाल …!

 

 प्रदेश की महतारी वंदन योजना को लेकर पूर्व मंत्री एवं डौंडी लोहारा विधायक श्रीमती अनिला भेड़िया ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने सरकार से मांग की है कि वह योजना में पारदर्शिता लाए और जनता के सामने तथ्यों को स्पष्ट करे।

 

श्रीमती भेड़िया ने कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि नई पात्र महिलाओं को योजना से जोड़ने के लिए पोर्टल लंबे समय से क्यों नहीं खोला गया है। 2024 में जब योजना का पोर्टल पहली बार खोला गया था, तब लगभग 70 लाख हितग्राही बताए गए थे। इसके बाद से पोर्टल लगातार बंद पड़ा है।

 

उन्होंने सवाल उठाया कि 2024, 2025 और 2026 के दौरान प्रदेश में हजारों नई शादियां हुई हैं। ऐसी हजारों महिलाएं हैं जो अब इस योजना की पात्रता पूरी करती हैं, लेकिन पोर्टल बंद होने के कारण वे आवेदन तक नहीं कर पा रही हैं। ऐसे में सरकार को बताना चाहिए कि नई पात्र महिलाओं को योजना में आवेदन करने का अवसर कब और कैसे मिलेगा?

70 लाख से घटकर 68 लाख कैसे हुए हितग्राही…..?

 

पूर्व मंत्री ने सबसे बड़ा सवाल हितग्राहियों की संख्या को लेकर उठाया। उन्होंने कहा कि उपलब्ध सरकारी आंकड़ों के अनुसार हितग्राहियों की संख्या लगभग 70 लाख से घटकर 68 लाख रह गई है। यदि यह आंकड़ा सही है, तो सरकार को सार्वजनिक रूप से स्पष्ट करना चाहिए कि लगभग 2 लाख हितग्राहियों की संख्या कम होने के पीछे क्या कारण है….?

 

क्या ये नाम सत्यापन के नाम पर हटाए गए हैं? क्या पात्रता संबंधी कारणों से हटाए गए हैं? या किसी अन्य प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत हटाए गए हैं? सरकार को इसकी पूरी जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए, क्योंकि यह 2 लाख माताओं-बहनों के हक का सवाल है।

 

श्रीमती भेड़िया ने कहा कि महिलाओं को योजना का लाभ मिल रहा है या नहीं, यह केवल राजनीतिक प्रचार का विषय नहीं, बल्कि पारदर्शिता और जवाबदेही का विषय है। सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कोई भी पात्र महिला केवल तकनीकी या प्रशासनिक कारणों से योजना के लाभ से वंचित न हो।

सरकार से कांग्रेस की 7 प्रमुख मांगें

 

1. महतारी वंदन योजना का पोर्टल तत्काल खोला जाए, ताकि नई पात्र महिलाएं आवेदन कर सकें।
2. हितग्राहियों की संख्या 70 लाख से घटकर 68 लाख होने का स्पष्ट कारण बताया जाए।
3. लगभग 2 लाख कम हुए हितग्राहियों का कारणवार एवं जिलावार विवरण सार्वजनिक किया जाए।
4. जिन महिलाओं के नाम हटाए गए हैं, उन्हें नाम हटाए जाने का कारण बताया जाए और पुनः पात्र होने की स्थिति में अपील/सुधार का अवसर दिया जाए।
5. योजना से जुड़ी पात्रता, सत्यापन और नाम हटाने की प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरती जाए।
6. सरकार यह स्पष्ट करे कि नई पात्र महिलाओं को योजना में शामिल करने के लिए आवेदन प्रक्रिया कब शुरू होगी।
7. किसी भी पात्र महिला को केवल तकनीकी या प्रशासनिक कारणों से योजना के लाभ से वंचित न किया जाए।

 

श्रीमती भेड़िया ने अंत में कहा कि सरकार को इन सवालों का स्पष्ट और तथ्यात्मक जवाब देना चाहिए। यदि योजना की प्रक्रिया पारदर्शी है, तो हितग्राहियों की संख्या में कमी और नए आवेदन बंद रहने के कारणों की जानकारी सार्वजनिक करने में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए।
कांग्रेस पात्र महिलाओं के अधिकार और योजना की पारदर्शिता के इस मुद्दे को मजबूती से उठाती रहेगी।
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Bhojram Sahu

By Bhojram Sahu

प्रधान संपादक "हमारा दल्ली राजहरा: एक निष्पक्ष समाचार चैनल"

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