दल्ली राजहरा बुधवार 28 अक्टूबर 2026 भोजराम साहू 9893 765541 शरद पूर्णिमा की सुहानी, चांदनी रात में हस्ताक्षर साहित्य समिति द्वारा काव्य गोष्ठी एवं औषधीय खीर के वितरण का भव्य आयोजन किया गया। दिनांक 25 नवंबर को आयोजित इस कार्यक्रम में साहित्य, संस्कृति और परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिला। कार्यक्रम का शुभारंभ समिति के सदस्यों द्वारा सरस्वती माता के चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया। तत्पश्चात श्रीमती सरिता गौतम जी एवं शमीम सिद्दीकी जी के द्वारा शरद पूर्णिमा के महत्व पर प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता संतोष ठाकुर सरल जी ने की एवं शमीम सिद्दीकी जी ने मुख्य आतिथ्य की आसंदी को सुशोभित किया। कार्यक्रम का सफल संचालन अमित प्रखर जी के द्वारा किया गया।इस अवसर पर उपस्थित सदस्यों ने अपनी रचनाओं से शमा बांध दिया, जिसकी कुछ बानगी इस प्रकार है – श्रीमती सरिता गौतम जी ने कही :-यह शहर मुखौटों का है,यहां हर शख़्स अदाकार है। होठों पर चासनी की परत,मगर दिल में तलवार है।पर मत भूलो कि कुछ आँखें ,अँधेरों को भी चीरती हैं,तस्वीर के पीछे की असलीतस्वीर खीँचतीं है।। दीपक कुमार मंडल जी ने लिखा :-अंतिम तिथि हैं अश्विन मास पूर्ण चंद्र संग निर्मल आकाश कैलाश को लौटी ज्यों महामाई वर्षा ऋतु की भी हो रही बिदाईठंडी हवा देखो बहे पुरवाई शरद ऋतु की करें अगुवाई नगर के ख्यातिप्राप्त हास्य साहित्यकार घनश्याम पारकर जी ने पढ़ा :- शरद पूर्णिमा आई है, चाँदनी खूब छाई है।कहीं खीर पक रही है, कहीं महँगाई सताई है।चाँद बोला धरती से, आज तो बड़ा नूर है ।महंगाई है पर , खीर में मेवा जरूर है ।खीर कटोरी में रखकर ,छत पर सबने सजाई।मोबाइल निकालकर सेल्फी की बारी आई।चाँद न देखो सिर्फ तुम, घर का भी लो ध्यान।खीर मीठी तब लगे, जब मीठे हों बोल-बयान ।चाँद की सुंदरता हो या खीर की मिठास ।घर में सुख तभी आए, जब हो प्रेम और विश्वास। अमित प्रखर जी ने कहा: चाँद जमी पर लाने वाली प्रेम मोहब्बत क्या जानोवादे कसमे खाने वाली प्रेम मोहब्बत क्या जानो।।संतोष ठाकुर सरल जी की पंक्तियां इस प्रकार थी:-चांदनी रात हैचाँद का उजाला हैमहफ़िल सजी हैसामने खीर का प्याला हैहै पूनम की सुहानी रातकर दो अमृत की बरसातहो जाए निरोग ये कायाजो भी खाए प्रसाद।। शमीम अहमद सिद्दीकी जी ने खूब कहादुख आते हैंकर्मों के सृजन के साथसहेज लेता हूं मन सेनमन के साथफिर चल पड़ता हूं जीवन के उसी पथ परविचारों के परिवर्तन के साथ।। कामता प्रसाद देशलहरा जी ने सुनायामोर संग चलव गाड़ी मोटर वालेमोर संग चलवबहीनी भैया मन जीमोर संग चलव। कार्यक्रम के अंत में प्रसाद का वितरण किया गया, एवं आगामी कार्यक्रमों के बारे में विस्तृत चर्चा की गई। आभार प्रदर्शन घनश्याम पारकर जी के द्वारा किया गया।Spread the lovePost navigationअध्यक्ष नगर पालिका परिषद तोरण साहू के मुख्य आतिथ्य में मिशन वात्सल्य एवं मिशन शक्ति के तहत विद्यार्थियों को किया गया जागरूक । दल्ली-राजहरा की बेटी ने रचा इतिहास, स्वर्ण पदक के साथ बनी “स्ट्रांग लिफ्टर ऑफ द टूर्नामेंट”