दल्ली राजहरा शुक्रवार 06 नवम्बर 2026 भोज राम साहू 9893765541 “भगवान धन्वंतरि जयंती” धनतेरस के पावन अवसर पर शासकीय आयुर्वेद चिकित्सालय, दल्ली राजहरा में भगवान धन्वंतरि की जयंती बड़े ही श्रद्धा, भक्ति और हर्षोल्लास के साथ मनाई गई।https://hamaradallirajhara.in/wp-content/uploads/2026/11/VID-20261106-WA0028.mp4कार्यक्रम का शुभारंभ आयुर्वेदिक चिकित्सालय चिखला कसा के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अमित कुमार द्विवेदी के नेतृत्व में हुआ। उन्होंने विधि-विधान के साथ भगवान धन्वंतरि के तैल चित्र पर माल्यार्पण, पुष्प अर्पित कर पूजा-अर्चना की। पूजा के दौरान अस्पताल के सभी डॉक्टरों एवं कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से भगवान धन्वंतरि की आरती गाई और सभी के सुखद स्वास्थ्य, दीर्घायु और सुख-समृद्धि के लिए आशीर्वाद मांगा। पूजा के बाद प्रसाद वितरण किया गया।https://hamaradallirajhara.in/wp-content/uploads/2026/11/VID-20261106-WA0027.mp4डॉ अमित कुमार द्विवेदी ने बताया कि मान्यता है कि धनतेरस के ही दिन समुद्र मंथन से भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। वे आयुर्वेद के जनक और आरोग्य के देवता माने जाते हैं। इसी कारण धनतेरस को धन्वंतरि जयंती के रूप में मनाया जाता है।अपने उद्बोधन में चिकित्सालय प्रभारी डॉ. अमित कुमार द्विवेदी ने सभी को धन्वंतरि जयंती की हार्दिक बधाई दी। उन्होंने धन्वंतरि जयंती मनाने के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आयुर्वेद केवल चिकित्सा पद्धति नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला है। उन्होंने सभी से संतुलित जीवन शैली, नियमित दिनचर्या, शुद्ध खान-पान और योग को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने “सर्वे भवन्तु सुखिन:” की कामना करते हुए कहा कि स्वस्थ शरीर ही सबसे बड़ा धन है। इस अवसर पर चिकित्सालय के स्टाफ के साथ ही नगर के गणमान्य नागरिक भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। पूरे चिकित्सालय परिसर को फूलों और दीपों से सजाया गया था, जिससे वातावरण भक्तिमय हो गया था।कार्यक्रम में इनकी रही उपस्थितिडॉ. अमित कुमार द्विवेदी, डॉ. वर्षा, डॉ. एंजिल आभा कुजूर, डॉ. पूनमचंद सोनकर, शीतल सिंह चुरेंद्र, सबीहा अल्वी सिंह, शीतल चौहान, वीणा राजपुरिया, सुदेश मनहरे, गौकरण चतुर्वेदी, आजाद साहू, त्रिवेणी साहू, राधिका नेताम, चकरो सोना, सोहम ठाकुर, मनोज यादव, शेखर यादव, . भुनेश्वरी नेताम सहित समस्त कर्मचारी उपस्थित थे । Spread the lovePost navigationबोराई कैंप में कैडेट्स ने जिया फौजी जीवन, फायरिंग और स्मोक कैंडल ने बढ़ाया रोमांच ।