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“पति की दीर्घायु और उत्तम स्वास्थ्य की कामना के लिए सुहागिनों ने निर्जला उपवास रख कर की वट वृक्ष की पूजा l”

दल्ली राजहरा
सोमवार 26 मई2025
भोजराम साहू 9893765541
आज सोमवार 26 मई 2025 ,ज्येष्ठ मास कृष्ण पक्ष अमावस्या तिथि को लौह अयस्क नगरी दल्लीराजहरा की सुहागिन श्रद्धालु महिलाओं ने वट सावित्री का व्रत रखकर वट वृक्ष की श्रद्धा पूर्वक पूजा- अर्चना , कथा श्रवणकर व आरती पश्चात प्रसाद वितरित किए। इसी क्रम में स्थानीय बीएसपी सेंट्रल टाउनशिप, स्ट्रीट नं.10, वार्ड नं. 22 कला मंच के समीप स्थित वट वृक्ष (बरगद) की वट सावित्री अमावस्या के शुभ अवसर पर वैदिक विधि विधान से पूजा अर्चना कर मौसमी फल, फूल, भीगे चने, मिष्ठान, सुहाग व श्रृंगार सामग्री अर्पितकर, सती सावित्री व सत्यवान की पौराणिक कथा श्रवण किए तथा वट वृक्ष के 108 फेरे (परिक्रमा) लगाए व कच्चा धागा लपेटे।

वट सावित्री व्रत के संबंध में श्रीमती ममता शर्मा ने बताया की ज्येष्ठ मास की कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को सनातनी सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु के लिए (दीर्घायु हेतु) वट सावित्री व्रत रखती हैं। ।इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और अच्छी सेहत के लिए व्रत रखकर वट वृक्ष (बरगद) की विधि विधान से पूजा अर्चना करती हैं।इसके अतिरिक्त जहां आज संयोग से सोमवती अमावस्या होने के कारण उपस्थित सुहागिन महिलाओं ने समीप में स्थित पीपल वृक्ष की भी पूर्ण विधि विधान से पूजा अर्चना कर फेरे लगाए व अपने परिवार सहित सभी के परिवार में सुख, शांति व समृद्धि हो इस मंगलकामना के साथ उपस्थित लोगों को प्रसाद वितरण किए।
🔥🌺वट सावित्री की कथा🌺🔥
राजकुमारी सावित्री की कहानी है जो अपने बुद्धि और भक्ति के माध्यम से अपने पति सत्यवान की असामयिक मृत्यु की भविष्यवाणी को विफल कर देती है l वह अपने पति सत्यवान के प्राणों को वापस लाने के लिए हमराज से प्रार्थना करती है और उसके कठोर तपस्या को देखकर यमराज ने वट वृक्ष के नीचे सत्यवान की प्राण को वापस कर दिए थे l इसीलिए वट सावित्री व्रत में अखंड सौभाग्यवती होने और अपने पति की लंबी आयु के लिए महिलाएं बरगद के पेड़ की पूजा करने किया जाता है l इस कथा में सावित्री ने अपने वरदान में न केवल अपने पति का जीवन वापस लाती है l बल्कि अपने दिव्यांग सास ससुर के लिए आंख की ज्योति भी मांगती है l दूसरे वरदान में वह अपना खोया हुआ राज पाठ मांगती है l वहीं तीसरे वरदान में अपनी तेज बुद्धि का प्रयोग करते हुए 100 पुत्रों का मां बनने का आशीर्वाद मांगती है l






