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श्रद्धा पुरेंद्र साहू ( जिला पंचायत सदस्य दुर्ग ) का अनुकरणीय कार्य , शासकीय स्कूल पुरई की 12वीं की टॉपर निर्धन बीमार छात्रा के इलाज के लिए सामने आए ..!

दल्ली राजहरा गुरुवार 6 नवंबर 2025 भोज राम साहू 9893 765541

कहते हैं की प्रतिभा जिनके मन में प्रतिभा होती है, जिन्हें कुछ कर गुजरने की चाहत होती है वह हमेशा लोकहित का कार्य करने में लगे रहते हैं । ऐसे ही एक जाना माना नाम है श्रद्धा पुरेंद्र साहू का जिसे बर्तन बैंक वाली दीदी के नाम से जाना जाता है । प्रकृति को बचाने के लिए उन्होंने बर्तन बैंक का बेहतरीन उदाहरण लोगों के बीच में पेश किया है । आज वह जिला दुर्ग में जिला पंचायत सदस्य है । उन्होंने देखा है कि दुर्ग जिले के पुरई शासकीय स्कूल की छात्रा जो की 12वीं की टॉपर है । वह गंभीर त्वचा की बीमारी से जूझ रही है । बीमारी के चलते उन्हें घर से बाहर निकलना  लोगों से मिलना जुलना तक छोड़ दिया है जब इसकी जानकारी जिला पंचायत सदस्य श्रद्धा पुरेंद्र साहू को हुआ तो इस होनहार गरीब बेटी के लिए मदद के लिए आगे आए । 
निजी अस्पताल में लाखों रुपए खर्च करने के बाद भी जब छात्रा को आराम नहीं मिला तो श्रद्धा खुद छात्रा का फाइल लेकर सरकारी अस्पताल के डॉक्टर्स से मिलने लगी। जिला अस्पताल दुर्ग के डॉक्टरों ने छात्रा की बीमारी को लेकर सही मार्गदर्शन दिया। तब जाकर छात्रा ने राहत की सांस ली है। 

बीमारी और आगे की पढ़ाई छूटने के डर से डिप्रेशन में थी होनहार छात्रा

दुर्ग जिला पंचायत सदस्य व सभापति उद्योग एवं सहकारिता समिति श्रद्धा पुरेंद्र साहू ने बताया कि एक दिन मैं पुरई स्कूल गई थी। वहां मुझे शिक्षकों से पता चला कि एक टॉपर बच्ची की तबीयत खराब है। शिक्षकों के साथ ही उनके घर मिलने गई और फिर लगातार डॉक्टर से काउंसलिंग के बाद आयुर्वेदिक कॉलेज रायपुर में ले जाकर छात्रा का ट्रीटमेंट करवाया। दिवाली के बाद पंचकर्म चिकित्सा से छात्रा की बॉडी डिटॉक्स करके इलाज शुरू करेंगे। डॉक्टर्स का कहना है कि 6 महीने में बहुत अच्छा रिजल्ट आ जाएगा। यह सब सुनने और देखने के बाद छात्रा और उसके परिवार ने राहत की सांस ली है। 

छात्रा को भेजा मेडिटेशन सेंटर

श्रद्धा ने बताया कि छात्रा से जब मैं मिली तो वह शरीरिक और मानसिक रूप से टूट चुकी थी। बच्ची के दिलो दिमाग में आगे नहीं पढ़ पाने का डर हावी हो गया था। वह अपना भविष्य अंधकार में देखने लगी थी। बच्ची को मानसिक रूप से स्वस्थ्य करने के लिए पहले उसे ओम शांति सेंटर ले जाकर मेडिटेशन करवाया। जिससे वह धीरे-धीरे डिप्रेशन से बाहर आने लगी है। अभी रोज उसे वहां भेज रही हूं। इस नेक कार्य में आयुर्वेद और एलोपैथी दोनों शासकीय चिकित्सकों, चिकित्सा अधिकारियों का भरपूर सहयोग मिला। 

बच्चों को आर्थिक नहीं, मानसिक मदद की भी जरूरत

टॉपर छात्रा के असाध्य रोग के उपचार और मार्गदर्शन में दुर्ग जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. आशीष डॉक्टर ए के सन्याल, जिला आयुष अधिकारी डॉ. दिनेश चंद्रवंशी, डॉ. रिजवान, रायपुर मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. प्रवीण जोशी ,डॉ जया साहू डॉ जे पी चंद्राकर का सहयोग मिला। डॉ चंद्रेश सिंह बच्चों को  मानसिक स्वास्थ्य लाभ पहुंचा रहे हैं ।वहीं जिला पंचायत की स्वास्थ्य विभाग की सभापति प्रिया साहू, सभापति नीलम चंद्राकर ने भी छात्रा का मार्गदर्शन किया। छात्रा और उसके परिवार में मदद की इस पहल से नई उम्मीद जगी है। डॉक्टर्स का कहना है कि आजकल के बच्चों को आर्थिक नहीं मानसिक मदद की जरूरत है।

सभापति श्रद्धा पुरेंद्र साहू का कहना है

कि यदि सभी अस्पतालों के अधिकारी और डॉक्टर अपनी जिम्मेदारी समझे तो शासकीय चिकित्सा में बहुत अच्छी सेवाओं योजनाओं को जन समुदाय तक पहुंच सकेंगे और और अधिक लोगों को शासकीय स्वास्थ्य लाभ मिल सकेगा ।

क्या कहा छात्रा की मां

छात्रा की मां का कहना है बिटिया की बीमारी से हम लोग एकदम ही कमजोर पड़ गए थे कई जगह ले जाकर इलाज करवाया लेकिन हर जगह मायूसी ही हाथ लगी । श्रद्धा दीदी की पहल और उनकी मदद से आज मेरी बेटी स्वस्थ हो रही है मैं उनको तथा सभी डॉक्टरो को भी धन्यवाद देता हूं ।

Bhojram Sahu

प्रधान संपादक "हमारा दल्ली राजहरा: एक निष्पक्ष समाचार चैनल"

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