दल्ली राजहरामंगलवार 02 जून 2026भोजराम साहू 9893 765541 अमराई उजड़ रही थी, औजला ने उम्मीद बो दी:- योगेंद्र सिन्हा (गांधी) इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर में आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय आम महोत्सव में बालोद जिले का परचम लहराया है। कुसुमकसा मंडल के चिखलाकसा नगर पंचायत निवासी उन्नत कृषक बलजीत सिंह औजला ने विभिन्न प्रजातियों के आमों की पैदावार के लिए सर्वाधिक 13 पुरस्कार जीतकर इतिहास रच दिया। इस उपलब्धि पर भाजपा कुसुमकसा मंडल अध्यक्ष योगेंद्र सिन्हा (गांधी ) ने औजला को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने अंधाधुंध कटाई से उजड़ती अमराई के दौर में पूरे छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित किया है।https://hamaradallirajhara.in/wp-content/uploads/2026/06/VID-20260602-WA0052.mp4 इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में बजा बालोद का डंका संचालनालय उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी तथा प्रकृति की ओर से समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस राष्ट्रीय आम महोत्सव में देशभर के उन्नत कृषकों ने हिस्सा लिया। दशमेश कृषि फार्म हाउस के संचालक बलजीत सिंह औजला ने अपनी मेहनत से 13 श्रेणियों में अवार्ड झटके। https://hamaradallirajhara.in/wp-content/uploads/2026/06/VID-20260602-WA0051-1.mp4कौन से आम ने दिलाया सम्मान? 1. प्रथम पुरस्कार: व्यावसायिक किस्म ‘तोतापरी’, व्यावसायिक किस्म ‘चौसा’, विशिष्ट किस्म ‘नूरजहां’2. द्वितीय पुरस्कार: देशी किस्म ‘टेबल पर्पस’ काट के खाने योग्य आम, व्यावसायिक किस्म ‘लंगड़ा’, ‘हिमसागर’, ‘सिन्दूरी’ 3. सांत्वना पुरस्कार: संकर किस्म ‘पूसा अरुणिमा’, ‘अम्बिका’, ‘अरुणिमा’, एक्लीटिक किस्म ‘टॉमी एटकिन्स’, देशी किस्म ‘चुस्की आम’4. सहभागिता पुरस्कार भी मिलाअमराई बचाने की प्रेरणा हैं औजला` – योगेंद्र सिन्हा भाजपा कुसुमकसा मंडल अध्यक्ष योगेंद्र सिन्हा गांधी` ने बलजीत सिंह औजला को बधाई देते हुए कहा, जहां एक समय गांव के विभिन्न क्षेत्रों में बड़े-बड़े अमराई आम के बगीचे हुआ करते थे, वह अब पेड़ों की अंधाधुंध कटाई के कारण सीमित होते जा रहे हैं। आज हमारे चिखलाकसा के बलजीत सिंह औजला ने सर्वाधिक 13 पुरस्कार जीतकर एक बार फिर लोगों को आम के प्रति आकर्षित किया है ।उन्होंने आगे कहा, मैं उनके लगन और हौसले को सम्मान देते हुए बधाई देता हूं। उन्होंने राष्ट्रीय आम महोत्सव में 13 पुरस्कार जीतकर सिर्फ चिखलाकसा ही नहीं, पूरे बालोद जिला और छत्तीसगढ़ का नाम रोशन कर दिया। औजला जैसे किसान ही अमराई की परंपरा को जिंदा रखे हुए हैं।` Spread the lovePost navigationबालोद पुलिस को मिली बड़ी सफलता, सब्जी मंडी में चाकू की नोक पर 25 हजार की लूट के आरोपी को 24 घंटे में दबोचे..! “25 साल का छत्तीसगढ़, पर दफ्तर खाली: सेटअप के हिसाब से भर्ती करो” – कर्मचारी संघ