दल्ली राजहरा
मंगलवार 09 जून 2026
भोजराम साहू 9893 765541
ढोरी ठेमा के लाल राइफलमैन भोजराम साहू को  मिला “शौर्य चक्र” 

                 विशेष 
👉म्यांमार सीमा पर घायल होकर भी 3 विद्रोहियों को किया ढेर, डिप्टी CM बोले – छत्तीसगढ़ हुआ गौरवान्वित
👉19 नवंबर 2024 को मणिपुर के टिगनो पाल में दिखाई अदम्य वीरता 
👉 14 अगस्त 2025 को घोषणा और 8 जून 2026 को राष्ट्रपति भवन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मौजूदगी में हुआ सम्मान ।
👉 घायल होकर भी तीन विद्रोहियों को किया ढेर ।
                समाचार 
 बालोद जिले के डौंडी तहसील का छोटा सा गांव ढोरी ठेमा आज देश के नक्शे पर चमक उठा है। यहां के सपूत, असम राइफल्स की 3 बटालियन के राइफलमैन भोजराम साहू को उनकी अदम्य वीरता के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने” शौर्य चक्र” से सम्मानित किया। 8 जून 2026 को राष्ट्रपति भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मौजूदगी में यह सम्मान दिया गया।

19 नवंबर 2024 : वो दिन जब बना इतिहास
भारत-म्यांमार सीमा के पास मणिपुर के टिगनोपाल में भारी तनाव था। राइफलमैन भोजराम साहू घुसपैठ विरोधी दस्ते के स्काउट की भूमिका में थे। अपनी टुकड़ी को सघन विस्फोट की चपेट में आता देख उन्होंने अपनी जान की परवाह नहीं की। निडरता से आगे बढ़ते हुए सटीक निशाने से दो विद्रोहियों को घायल कर दिया। भीषण गोलीबारी में खुद गोली लगने के बावजूद उन्होंने तीसरे विद्रोही को भी घायल कर भागने पर मजबूर कर दिया। बाद में तीनों विद्रोहियों के मारे जाने और घटनास्थल से भारी मात्रा में हथियार-गोला बारूद बरामद होने की पुष्टि हुई।

उनकी इसी कर्तव्यनिष्ठा, साहस और त्वरित निर्णय क्षमता को देखते हुए राष्ट्रपति ने 14 अगस्त 2025 को 79 वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर शौर्य चक्र देने की घोषणा की थी।

गूंज उठा जय छत्तीसगढ़  महतारी : नेताओं ,समाज  और क्षेत्रवासियों ने दी बधाई 

 

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि ढोरीठेमा के सपूत ने अपने पराक्रम से प्रदेश और देश का नाम रोशन किया है। ऐसे वीर जवान नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा हैं। उन्होंने भोजराम के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।  देश की सुरक्षा के प्रति उनके समर्पण ने न केवल परिवार, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित किया है।

तोरण लाल साहू नगर पालिका अध्यक्ष दल्ली राजहरा एवं पूर्व उपाध्यक्ष जिला साहू संघ बालोद ने कहा कि भोजराम साहू को वीरता पुरस्कार शौर्य चक्र मिलना समाज के लिए प्रेरणादाई है। उनके सम्मान पर मै हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देता हूं।

शीतल साहू अध्यक्ष तहसील साहू संघ दल्ली राजहरा ने शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भोजराम साहू ने जिस तरह कर्तव्य निष्ठा और साहस के साथ अपनी जीवन की परवाह न करते हुए विद्रोहियों को पछाड़ा है वो हमारे समाज के युवाओं के लिए प्रेरणा बनेगा। साहस और कर्तव्य निष्ठा का वह वास्तव में अद्भुत मिसाल है। तहसील साहू संघ दल्ली राजहरा की ओर से मैं उन्हें हार्दिक बधाई एवं ढेर सारी शुभकामनाएं देता हूं।

 

इस सम्मान पर जनपद सदस्य पुनीत राम सेन, सरपंच जीवन निरोटी, व्याख्याता अवध राम ग्वाले, देवधर साहू, पंचम कोसमा, बंधुराम टेकाम, रूमलाल साहू, उर्वशी साहू, दुलारी बाई भूआर्य, कचराबाई यादव, कामीन साहू, कांति बाई सेन ने खुशी जताई है। भोज राम साहू को वीरता पुरस्कार शौर्य चक्र मिलने पर पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर है।
         🌹🔥शौर्य चक्र:- परिचय🔥🌹

 

शौर्य चक्र भारत का तीसरा सबसे बड़ा शांति-कालीन वीरता पुरस्कार है, जो युद्ध के मैदान के बाहर असाधारण साहस, वीरता या आत्म-बलिदान के लिए प्रदान किया जाता है. यह सम्मान सशस्त्र बलों के जवानों, पुलिस अधिकारियों और नागरिकों दोनों को दिया जाता है.
मुख्य विशेषताएं
स्थापनाः इस पुरस्कार की स्थापना 4 जनवरी 1952 को ‘अशोक चक्र श्रेणी-3’ के रूप में की गई थी, जिसे बाद में 27 जनवरी 1967 को ‘शौर्य चक्र’ नाम दिया गया ।
पात्रताः थल सेना, नौसेना और वायुसेना के सभी रैंकों के अधिकारी और कर्मचारी, पैरा-मिलिट्री फोर्स, पुलिस बल के सदस्य और नागरिक इसके पात्र है । यह पुरस्कार मरणोपरांत भी प्रदान किया जा सकता है ।
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Bhojram Sahu

By Bhojram Sahu

प्रधान संपादक "हमारा दल्ली राजहरा: एक निष्पक्ष समाचार चैनल"

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